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अफ़सर की बीबी-नए दौर की कहानी

द्वारकाप्रसाद अग्निहोत्री और उनकी पत्नी सीमा सत्ता के रुआब में डूबकर ऐशो-आराम की ज़िंदगी जी रहे थे, लेकिन एक आतंकवादी को पनाह देने का भांडाफोड़ होते ही सारी चमक-दमक एक पल में छिन गई।

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मुझे माफ कर दो-गृहलक्ष्मी की कहानियां

Hindi Motivational Story: रात के दो बजे थे। कमरे में अँधेरा और खामोशी पसरी थी। सुदीप की नींद टूटी तो उसने हाथ बढ़ाकर बगल में टटोला, बिस्तर खाली था। उसका दिल जैसे अचानक तेज़ धड़कने लगा।“कहाँ गई होगी इस वक्त?”वह बाथरूम तक गया, खाली। किचन, खाली। ड्राइंग रूम, सिर्फ सन्नाटा।कदम अब सीढ़ियों की ओर बढ़े। […]

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क्या रहस्य था 7 बजे का-गृहलक्ष्मी की कहानियां

Hindi Motivational Story: 7 बज गए क्या,नीना बेटा। जी पापा बस 5 मिनिट ही है, आपकी चाय तैयार है, क्या हुआ? आप बार बार समय क्यों पूछ रहे है। वो कुछ नही बेटा मुझे सुबह की सैर करनी होती है ना तो 7 बजे निकलना होता है,अच्छा मैं आता हूँ, तुम दरवाजा बंद कर लोपापा आपजी चाय ,2 […]

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प्यार का प्याला-गृहलक्ष्मी की कहानियां

Hindi Love Story: वैष्णवी बहुत ही शांत और खुश दिखने की कोशिश कर रही है पर उसका मन बहुत अशांत चल रहा है। उसके मन की  बातें न तो रोज फोन पर बातें करने वाले उसके मम्मी पापा समझ सकते हैं और न छह महीनों से सदा साथ रहने वाला उसका पति साकेत ही समझ […]

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नन्हा दोस्त-गृहलक्ष्मी की कहानियां

Social Story in Hindi: घर जल्दी पहुँच चुके राजेश ने अपनी पत्नी सुनीता को फोन लगाया.“सुनीता, कहाँ हो? अभी तक ऑफिस से घर नहीं आईं?”.“मैं लेडी डॉक्टर के पास रूटीन चेकअप के लिए आई हूँ. तुम घर पहुँच गए क्या?”“हाँ, आज थोड़ा जल्दी आ गया.”“बस, …निकल ही रही हूँ.” कहकर सुनीता ने फोन रख दिया.नोएडा […]

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जिंदगी के साथ जिंदगी के बाद भी-गृहलक्ष्मी की कहानियां

Hindi Social Story: अरे, सुबह-सुबह यह क्या लेकर बैठ गए हैं? चाय नाश्ता कर लीजिए देर हो रही है। मुझे खाना बनाने में देर हो रही है।सुनो,यह मेरी कुछ पॉलिसीयों के कागज हैं यह पांच साल बाद पूरी होने वाली है। ये एफ.डी अगले साल पूरी होने वाली है और यह कुछ इन्वेस्टमेंट है जो […]

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नन्हा दोस्त—गृहलक्ष्मी की कहानियां

Hindi Motivational Story: घर जल्दी पहुँच चुके राजेश ने अपनी पत्नी सुनीता को फोन लगाया.“सुनीता, कहाँ हो? अभी तक ऑफिस से घर नहीं आईं?”.“मैं लेडी डॉक्टर के पास रूटीन चेकअप के लिए आई हूँ. तुम घर पहुँच गए क्या?”“हाँ, आज थोड़ा जल्दी आ गया.”“बस, …निकल ही रही हूँ.” कहकर सुनीता ने फोन रख दिया.नोएडा के […]

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निवेश—गृहलक्ष्मी की कहानियां

Hindi Kahani: “अरे!” गाड़ी रुकते ही ज्यों दुकान की ओर निगाह डाली  तो आँखों पर विश्वास न कर पाई ।गद्दी पर  बड़े भैया को बैठे देखकर मधुरा की आँखों में  ख़ुशी मिश्रित आश्चर्य तैर गया।बरसों से बढ़ाई गई दाढ़ी नदारद थी ,साफ सुथरा कुर्ता पायजामा पहने ,बचपन वाले भैया के चेहरे में उसे वो लापरवाह अजय […]

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साल 2104-गृहलक्ष्मी की कहानियां

Hindi Kahani: वह गाड़ी की दायीं ओर से उतर कर घर के दरवाजे पर पहुँचा अपने जेब से एक कार्ड निकाल कर दरवाजे को दिखा दिया। दरवाजा खुलते ही साइड से एक कुर्सी ना जाने कहाँ से आई वो उस पर बैठा ही था कि एक उसके पैर के सामने से डब्बा जैसा कुछ आया […]

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बंधन—गृहलक्ष्मी की कहानी

Love Short Story: राखी हवा में उड़ रही थी। अब राखी बस कूदो -हम हैं, ग्लाइडर तुम्हारे पीछे है। मम्मी मुझे सूसू आ रहा है | मम्मी मम्मी उठो -ईशान ने ज़ोर से कहा। राखी हड़बड़ा कर उठ गयी। राखी जो एक 24 साल की हाउस वाइफ थी।ईशान उसका 3 साल का बेटा था। उसका […]

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