Hindi Poem: स्मृतियों की गुल्लक से कुछ ,इतवारी दोपहर चुरानी है।जो जी हमने हर ऋतु में दोपहरें,उनसे परिचय कराना बाकी है। स्मृतियों की गुल्लक से रिक्त हृदय के,वो श्रंगार आज भी बाकी हैं,न थे जिसमें ईर्ष्या और द्वेष भरे,बस प्रेम के वो गुलाब आज भी साथी हैं। स्मृतियों की गुल्लक से वो प्यास,फिर से उस बचपन जीने की […]
Author Archives: ऋतु गुप्ता
काली रात—गृहलक्ष्मी की कहानियां
Hindi Kahani: हां बड़े संभ्रांत घर की बेटी ही तो थी वो…जिसकी आज ये हालत अपनी ही वजह से हो गई है। ये सोच सोच कर आज हर्षिता अपने आप को कोस रही थी कि कैसी काली रात थी वो जो उसने कुछ न सोचा ना समझा और ऐसा गलत कदम उठा लिया , परिवार की इज्जत, […]
एक अदद घर-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Hindi Kahani: मिडिल क्लास के सपने क्या होते हैं? कैसे होते हैं? और कब पूरे होते हैं? इन सपनों को पूरा करने में कितना संघर्ष होता होगा? कितना मायने रखता है….. हर वह पल जो किसी जरूरत को जुटाने के लिए खर्च होता है। छोटे छोटे सपने पूरा करने के लिए एक मध्यम वर्ग के […]
मित्तल सर-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Hindi kahani: शहर का फुलवारी नाम का बड़ा सा हॉल आज तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा जब एक बड़ी आईटी कंपनी के मालिक देव ने नामी यूनिवर्सिटी के रिटायर्ड शिक्षक मित्तल सर द्वारा सम्मान प्राप्त किया।मित्तल सर ने जब देव को पहचानने की कोशिश की तो देव ने पुरानी यादों से उन्हें रूबरू कराया। उसने बताया कि […]
झूला टूट गया —हाय मैं शर्म से लाल हुई
Hindi Funny Story: बात पिछले साल के हमारे महाराष्ट्र के टूर की है जब हम सभी कई परिवार मिलकर श्री भीमाशंकर जी के दर्शन करने के लिए लाइन में लगे थे । लाइन बहुत लंबी थी और धीरे-धीरे आगे बढ़ रही थी, बीच-बीच में पूजा के सामान की दुकाने और वहां के प्रसिद्ध प्रसाद बर्फी […]
दो गुलाब—गृहलक्ष्मी की लघु कहानी
Hindi Prem Kahani: मेट्रो में अंदर घुसते ही ऋतुराज ने चारों तरफ बैठने के लिए जैसे ही नजर दौड़ाई तो उसकी नजर कोने की सीट पर बैठी एक लड़की चश्मा लगाए एक पत्रिका पढ़ती नजर आई। पत्रिका के कवर पर“दो गुलाब” लिखा देख ऋतुराज के चेहरे पर मुस्कान आ गई और वह पढ़ने वाली लड़की […]
गीत महक और गुलाल -गृहलक्ष्मी की कहानियां
Hindi Social Story: शोभना की आज बारात आ रही थी, हर कोई खुश था, सभी मस्ती में झूम रहे थे, चारों तरफ रंग बिरंगी झल्लरे लटक रही है, तरह-तरह के पकवान लड्डू और मिठाइयों की खुशबू हर किसी को पारस की ओर खींच रही थी, जहां बारातियों के जीमने के लिए छप्पन भोग बनाए जा […]
अनोखा रक्षाबंधन—गृहलक्ष्मी की कहानियां
Social Story in Hindi: आज राखी का दिन है और दोनों बहन भाई मृदुला और उसका छोटा भाई शैलेश अस्पताल में एडमिट है। पूरा परिवार भी मृदुला और शैलेश की मम्मी मालाजी और शैलेश की पत्नी नित्या और दोनों बेटियां शगुन और रोली के साथ साथ मृदुला के पति गोविंद जी और मृदुला का बेटा […]
साइकिल और कांड़ा दूल्हा – हाय मैं शर्म से लाल हुई
Hindi Funny Story: बचपन के वो दिन बहुत ही खूबसूरत थे। उन दिनों एक और चलन था, किराए पर साइकिल लाकर साइकिल सीखने का। एक दिन हम हम दोनों बहनें साइकिल किराए पर लाकर पुस्तकालय की ओर चल पड़े लेकिन उस दिन किसी कारणवश पुस्तकालय बंद था तो हमने बारी-बारी से साइकिल चलाने का निर्णय […]
अम्मा की आखिरी यात्रा-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Motivational Story in Hindi: 3 महीने कोमा में रहने के बाद अम्मा का अनकहा इंतजार खत्म हुआ और उनकी आत्मा को को आखिर इस देह और स्वार्थी संसार से मुक्ति मिल ही गई। संसार तो वो तभी त्याग चुकी थी जब वह धीरे-धीरे कोमा में आई थी। लेकिन सांसों की माला के आखिरी मोती गिरने तक कोई […]
