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Women Stress Level Credit: Istock

Women and Men Stress: महिलाएं घर, परिवार, ऑफिस और समाज सहित कई जिम्‍मेदारियां अकेले निभाती हैं। जाहिर सी बात है कि महिलाओं का स्‍ट्रेस लेवल पुरुषों से कहीं अधिक होगा। खासकर बच्‍चों के लालन-पालन, पढ़ाई और देखरेख में महिलाएं अपना सारा जीवन न्‍यौछावर कर देती हैं। ऐसे में महिलाओं को सबसे ज्‍यादा तनाव होता है। हाल ही में एक स्‍टडी में ये खुलासा हुआ है कि महिलाओं को बच्‍चों से कहीं ज्‍यादा स्‍ट्रेस बच्‍चों के पापा यानी की पति से होता है। आखिर इसकी क्‍या वजह है चलिए जानते हैं। 

स्‍टडी में हुआ चौंकाने वाला खुलासा

महिलाओं को होता है पतियों से स्‍ट्रेस
A shocking revelation was made in the study

इस स्टडी में ये पता चला कि घर में असली परेशानी का कारण कौन है.. आश्चर्यजनक रूप से, यह बच्चे नहीं, बल्कि ‘बड़े बच्चे’ यानी पति हैं। 7,000 से अधिक अमेरिकी महिलाओं पर किए गए इस सर्वे में पाया गया कि औसतन उनका तनाव स्तर 10 में से 8.5 है। लगभग 46% माताओं ने बताया कि उनके पति उनके बच्चों की तुलना में अधिक तनाव का कारण बनते हैं।

क्‍या है तनाव का कारण

जिम्मेदारियों का असमान वितरण: 75 प्रतिशत महिलाओं के अनुसार घर के काम और बच्चों की देखभाल की प्राथमिक जिम्मेदारी उन पर ही है। इस असंतुलन से वे अक्सर अभिभूत और असमर्थित महसूस करती हैं। 

पति नहीं ‘बड़ा बच्चा’ है: कई महिलाएं अपने पतियों को समान भागीदार के बजाये एक एक्‍स्‍ट्रा बड़े बच्चे की तरह देखती हैं, जिससे तनाव बढ़ता है। 

सहायता और समय की कमी: तनाव का सबसे बड़ा कारण है कि महिलाओं को पति की पर्याप्‍त सहायता नहीं मिलती। कार्यों को पूरा करने के लिए समय की कमी होती है, जिससे तनाव और बढ़ता है।

इमोशनल सपोर्ट की कमी: हर महिला अपने पति से इमोशनल सपोर्ट की उम्‍मीद करती है लेकिन जिम्‍मेदारियों के चलते कई बार वह नहीं मिल पाता। ऐसी स्थिति में महिलाओं अधिक तनाव महसूस करती हैं।

महिलाओं के तनाव का वैज्ञानिक दृष्टिकोण

महिलाओं को होता है पतियों से स्‍ट्रेस
Scientific Perspective on Women’s Stress

लोग घर पर कार्यस्थल की तुलना में अधिक तनाव का अनुभव करते हैं। खासकर महिलाओं के लिए, जो कार्यस्थल पर बेहतर महसूस करती हैं। यह तथ्य पेरेंट्स और नॉन-पेरेंट्स दोनों के लिए सही है। जब पत्नियां घर का काम करती हैं, तब पुरुषों का कॉर्टिसोल स्तर कम होता है, जबकि जब पति घर के काम में मदद करते हैं, तो महिलाओं में कॉर्टिसोल स्तर कम होता है। यह अंतर दर्शाता है कि पुरुषों का तनाव आराम करने से कम होता है, जबकि महिलाओं को घरेलू जिम्मेदारियों के बंटवारे से लाभ मिलता है। 

महिलाएं कैसे तनाव को करें मैनेज

कम्‍यूनिकेशन: तनाव को कम करने के लिए जरूरी है कि पार्टनर्स अपनी भावनाओं और अपेक्षाओं पर चर्चा कर एक-दूसरे के दृष्टिकोण को समझें।

हेल्पिंग हेन्‍ड्स: महिलाएं घर के काम और बच्‍चों की जिम्‍मेदारियों को कम करने के लिए मेड या केयर टेकर की मदद ले सकती हैं। ये हेल्पिंग हेन्‍ड्स तनाव को कम करने में मदद कर सकते हैं।

बांटें जिम्‍मेदारियां: घरेलू काम और बच्चों की देखभाल की जिम्मेदारियों को बांटने से एक पार्टनर पर बोझ कम होता है जिससे तनाव भी कम हो सकता है।  

अपने ऊपर दें ध्‍यान: काम और जिम्‍मेदारियों के चलते पति-पत्‍नी अपनी केयर करना भूल जाते हैं। जो तनाव को बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभा सकता है। यदि महिलाएं अपना तनाव कम करना चाहती हैं तो सेल्‍फ केयर यानी खुद की देखभाल के लिए समय निकालें।

मेरा नाम मोनिका अग्रवाल है। मैं कंप्यूटर विषय से स्नातक हूं।अपने जीवन के अनुभवों को कलमबद्ध करने का जुनून सा है जो मेरे हौंसलों को उड़ान देता है।मैंने कुछ वर्ष पूर्व टी वी और मैग्जीन के लिए कुछ विज्ञापनों में काम किया है । मेरा एक...