Short Story in Hindi: बारह साल का कियांश हमेशा थोड़ा शांत रहने वाला बच्चा था। क्लास में गलती किसी की भी हो, नाम अक्सर उसी का लिया जाता। “कियांश ने किया होगा!” ये वाक्य उसकी जिंदगी का हिस्सा बन चुका था। भारी बैग, भारी स्कूल और भारी पड़ती हर बात… वह हर दिन थोड़ा-थोड़ा टूटता […]
Category: लघु कहानी – Short Stories in Hindi
समय की कमी के कारण आजकल लोग लघु कथा पढ़ना ज्यादा पसंद करते हैं। मनोरंजक, प्रेरणादायक और हंसी—मजाक वाली ये कहानियां कम समय में ही पाठक का भरूपूर मनोरंजन कर देती हैं। ये गागर में सागर भरने वाली विधा है। लघु कथा का यह कतई मतलब नहीं है कि ये आपको अधूरी कहानी देगा। कब शब्दों में पूरी कहानी का आनंद उठाना है तो आप गृहलक्ष्मी की इन कहानियों को पढ़ सकते हैं। बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक इन कहानियों का आनंद उठा सकते हैं। सरल भाषा में लिखी गई ये कहानियां आपके बच्चों के दिमाग पर सकरात्मक असर डालने के साथ ही आपके बच्चों को जीवन में आने वाली चुनौतियों से लड़ना भी सिखाएंगी।
पैसों का पेड़ उगेगा—गृहलक्ष्मी की लघु कहानी
Short Story in Hindi: ‘दादी जी’ सरला नाम है उनका। जैसा उनका नाम, वैसा ही सरल स्वभाव और हंसमुख हैं, मेरी दादी माँ। एक दिन मैं उनके साथ बैठा , तो बोलीं – ” चिंटू! जब तू छोटा था, तो बड़ा शरारती था।पता है! तूने एक दिन क्या किया?तुम्हारी मम्मी के और मेरे पैसे, मिल ही […]
चुप्पी का उजाला-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Hindi Short Story: हर माँ चाहती है कि उसका बच्चा निडर होकर बोले, खुलकर अपनी बात कहे और दुनिया के सामने आत्मविश्वास से खड़ा हो। लेकिन कुछ बच्चों के लिए यह सफ़र आसान नहीं होता। कुछ बच्चों की आवाज़ रास्ते में ही अटक जाती है और तब सवाल सिर्फ़ बोलने का नहीं, समझे जाने का […]
15 दिन की दूरी-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Hindi Short Story: पहले ही दिन, सास विनीता खड़ी थीं, हाथ में कपड़ा थामे और बहू नीरु की ओर कड़ी नज़र से देख रही थीं। “नीरु, फिर ये कपड़े ऐसे ही पड़े हैं? क्या तुम्हें घर संभालना आता है या सिर्फ़ मेरी नजरें चुभाना?” नीरु ने पलकों के पीछे आँसू छुपाते हुए कहा, “सासू माँ, […]
कहानी जो आदत बन गई-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Short Story in Hindi: सुबह का अलार्म, जल्दी-जल्दी तैयार होना, लैपटॉप बैग के साथ टिफ़िन संभालना, ट्रैफिक में फँसना और दिनभर की मीटिंग्स, तान्या की ज़िंदगी एक वर्किंग माँ की रोज़मर्रा की दौड़ थी। हर शाम घर लौटते समय उसके मन में एक ही विचार होता, आज भी नैतिक को पूरा समय नहीं दे पाई।नैतिक […]
तेरे हिस्से की हिम्मत-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Short Story in Hindi: पूनम और काव्या की दोस्ती किसी सेल्फी या स्टेटस से नहीं बनी थी। वो साथ हँसी थीं, साथ गिरी थीं और साथ ही चुप रहना भी सीख लिया था। कॉलेज के पहले दिन पूनम ने काव्या से पूछा था, “तू इतनी सीरियस क्यों रहती है?” और काव्या ने बिना मुस्कुराए जवाब […]
झाड़ू के पीछे छिपी समझ-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Hindi Short Story: तनीषा को हमेशा लगता था कि मदद वही कर सकता है, जो पढ़ा-लिखा हो, समझदार हो, उसकी तरह सलीकेदार हो। बाक़ी लोग उसके लिए बस दुनिया का शोर थे। इसीलिए उसने कभी मीना को गंभीरता से नहीं लिया। मीना उसके घर में काम करती थी। रोज़ सुबह आती, चुपचाप झाड़ू-पोछा करती, और […]
चैट बॉक्स का प्यार-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Short Story in Hindi: ज़िंदगी अब शांत सी होने लगी थी। उम्र के चौथे दशक में प्रवेश हो चुका था। बच्चे बड़े हो रहे थे। वे अपनी पढ़ाई में और पति अपने कारोबार में व्यस्त रहते थे। धीरे-धीरे मेरे भीतर एक खालीपन सा आने लगा था। मन-मस्तिष्क पर एक उदासी.. एक नीरवता हावी होने लगी […]
आरती—गृहलक्ष्मी की कहानियां
Hindi Short Story: आरती बहुत खुश थी, आज कॉलेज में उसका पहला दिन था। उसका सपना था एक अच्छे से कॉलेज से अपनी इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करे और फिर अच्छी सी जॉब करे, ताकि वो अपने परिवार की मदद कर सके। उसके परिवार में बस माँ और एक छोटा भाई था, उसके पिता की […]
मुंह दिखाई—गृहलक्ष्मी की कहानियां
Hindi Short Story: शादी के बाद पहली बार ससुराल आई पूजा को अभी एक महीना भी नहीं हुआ था, लेकिन इतने कम समय में पूजा ने अपने कार्य-व्यवहार से परिवार के सभी सदस्यों का दिल जीत लिया था। रोज सुबह सबसे पहले उठना और रात में सब काम खत्म करके सबसे बाद में सोना पूजा […]
