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अतीत की परछाई : एस. बलवंत

शताब्दी एक्सप्रेस पूरी रफ्तार से भागी जा रही थी। यह गाड़ी बस से आधे समय में पहुंचा देती थी। इकबाल सिंह दलेर सिंह के भोग पर चंडीगढ़ गया हुआ था। वहीं पर उसको जिन्दर और भगवान भी मिल गए। वह सारे इकट्ठे पढ़ा करते थे। कॉलेज के दिनों में वे कामरेड हुआ करते थे। पार्टी […]