Sad Story in Hindi: निशा को लोग उसकी मुस्कान से पहचानते थे। वह मुस्कान जो सामने वाले को यह भरोसा दिला देती थी कि सब ठीक हो जाएगा। ऑफिस में कोई तनाव में हो, घर में कोई चिड़चिड़ा हो, दोस्तों के बीच कोई टूट रहा हो…निशा हर जगह वही लड़की थी जो हल्के मज़ाक, गर्म […]
Category: दुखद हिंदी कहानियां
जीवन में अगर सुख है तो दुख भी जरूर आएगा। हम इंसानों को हर परिस्थिति में अपने आपको ढालना आना चाहिए। दुख के समय भी उम्मीद नहीं छोड़नी चाहिए। कहानियां केवल मनोरंजन के लिए नहीं बल्कि आपको सही दिशा दिखाने और जीवन में आने वाली परेशानियों से भी मुकाबला करने की सीख और हिम्मत देती हैं। हम दूसरे के जीवन से भी सीख लेते हैं और बुरे समय में हिम्मत नहीं टूटने देते हैं। गृहलक्ष्मी की ये कहानियां आपके लिए बेहद उपयोगी साबित होने वाली हैं। ये कहानियां आपके बुरे समय में उम्मीद की किरण साबित होंगी।
सान्वी की जीत-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Hindi Sad Story: सान्वी अपने कमरे में घंटों से बंद थी। माँ की आवाज़ पर उसे याद आया कि कब का खाने के लिए बुलाया गया था। दरवाज़ा खोलकर वह जैसे ही हॉल की ओर बढ़ी, सामने माँ को थाली लेकर आते देखा। वह मुस्कुरा दी। दोनों माँ-बेटी साथ बैठकर कमरे में खाना खाने लगीं। […]
मायावी बहू-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Sad Story in Hindi: मैनपुरी के एक शांत मोहल्ले में शिवकांता देवी अपने बेटे अजय के साथ रहती थीं। पति का देहांत बरसों पहले हो चुका था, और बेटे को पढ़ा-लिखाकर काबिल बनाया था। अजय की नौकरी लगी तो उन्होंने उसकी शादी बड़े चाव से करवाई। बहू रिमी शहर की पढ़ी-लिखी लड़की थी, सुंदरता और […]
ये कैसी नफरत – गृहलक्ष्मी की कहानियां
Sad Story in Hindi: प्रियंका अपने माँ-पापा की आँखों का तारा थी। हर किसी की लाड़ली, समझदार, पढ़ाई में होशियार और दिल से बहुत कोमल। लेकिन उसका अपनी दादी के साथ रिश्ता ऐसा था जिसमें वो कभी अपनापन महसूस नहीं कर पाई। दादी उसके प्रति सख्त थीं, बात-बात पर टोका-टोकी करतीं, और सबसे बड़ी बात, […]
अब और नहीं – गृहलक्ष्मी की कहानियां
Sad Story in Hindi: रूपल की ज़िंदगी बीते कुछ सालों से एक खालीपन से भरी थी। उसके और अमन के रिश्ते में धीरे-धीरे दूरियाँ आ गई थीं। अमन को लगता था कि रूपल बेवजह की बातें करती है, हर समय नेगेटिव सोचती है। अमन महीने में मुश्किल से 4-5 दिन घर रहता था, बाकी समय […]
जिंदगी एक पहेली-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Hindi Sad Story: घर के दरवाज़े पर लगी नेम प्लेट शानदार लग रही थी। ये घर था 28 साल के वंश जोशी का, ऐसा वंश की माँ कविता का कहना था। दोनों माँ बेटे अक्सर इस नेम प्लेट को लेकर झगड़ पड़ते थे। कविता कहती थी अब तुम बच्चे नहीं रहे, डॉक्टर बन गए हो। […]
कांच के रिश्ते – गृहलक्ष्मी की कहानियां
Hindi Sad Story: सिया की जिंदगी देखने में एक परफेक्ट तस्वीर जैसी थी। एक खूबसूरत घर, एक प्यार करने वाला पति राहुल और एक जान छिड़कने वाली बचपन की सहेली कविता। सिया को अक्सर लोग कहते, “तुम्हारी लाइफ तो एक फिल्म जैसी लगती है!” वो हँस देती और कहती, “शायद मेरी किस्मत थोड़ी ज्यादा अच्छी […]
बुद्धू दीदी-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Hindi Sad Story: नीले रंग के खूबसूरत बैग को माधवी पिछले 2 मिनट से टकटकी लगाए देखे जा रही थी। अचानक सिम्मी ने उसके कंधे पर हाथ रखा और बोली, आज का पूरा दिन इसी शोरूम में बिता देंगी मैडम आप। माधवी और सिम्मी पक्की सहेलियां थीं। वैसे तो माधवी को अपने ऊपर पैसे खर्च […]
रिश्तों की डोर-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Hindi Sad Story: भारती जी के अंदर आए अजीब से बदलाव को उनकी बेटी अवनि काफी समय से महसूस कर रही थी। अवनि हमेशा उन्हें सुपरवुमेन कहकर बुलाती थी। लेकिन पिछले कुछ दिनों से इस सुपरवुमेन की ताकत जैसे कहीं खो गयी थी। भारती का जीवन बचपन से ही संघर्षों से घिरा हुआ था। सालभर […]
प्यार, साजिश और धोखा-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Hindi Sad Story: रात काली थी और सड़कें वीरान। हल्की बारिश की बूंदें जमीन पर गिरकर एक अजीब-सी खामोशी बिखेर रही थीं। एक महंगी ब्लैक कार तेज़ रफ्तार से सुनसान सड़क पर दौड़ रही थी। पीछे की सीट पर सिया बैठी थी, उसके चेहरे पर भय और विश्वासघात की लकीरें साफ़ झलक रही थीं। सामने […]
