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Morning Study

Summary: बच्चों को सुबह जल्दी उठाकर पढ़ाना सही या गलत?

बच्चों को सुबह जल्दी उठाकर पढ़ाना सही है या नहीं, यह बच्चों के बायोलॉजिकल क्लॉक पर निर्भर करता है। आइए जानते हैं इस विषय के बारे में विस्तार से-

Pressure on Kids to Wake Up Early: बचपन से आपने सुना होगा कि अगर आप जल्दी उठकर पढ़ते हैं, तो आपको जल्दी याद होता है। इसलिए बड़े-बुजुर्ग सुबह जल्दी उठकर पढ़ने की सलाह देते हैं। दरअसल, लोगों का मनना है कि सुबह के समय वातावरण काफी शांत और फ्रेश रहता है, ऐसे में यह समय सीखने के लिए बेस्ट होता है। हालांकि, इस बात का ध्यान रखें कि हर बच्चे में पढ़ने और सोचने-समझने की क्षमता अलग-अलग होती है। ऐसे में हर किसी को सुबह उठाकर पढ़ाना सही नहीं होता है। आइए जानते हैं बच्चों को जल्दी उठाकर पढ़ाना सही है या गलत?

सुबह-सुबह बच्चों को जल्दी उठाकर बढ़ाने से उनका दिमाग शांत और फ्रेश रहता है। दरअसल, रात के समय बच्चे अच्छी नींद लेकर सोते हैं और सुबह उठकर पढ़ते हैं, तो उनका दिमाग फ्रेश रहता है। ऐसे में उनके सीखने और समझने की क्षमता बढ़ जाती है। सुबह का वक्त सबसे फ्रेश रहता है और इस समय ध्यान केंद्रित करना आसान रहता है।

अगर आप सभी पर इस बात को लागू करते हैं, तो आप गलत हो सकते हैं। दरअसल, हर व्यक्ति का बॉडी क्लॉक अलग-अलग रहता है। कुछ बच्चे सुबह जल्दी उठना काफी सहज महसूस करते हैं, लेकिन लुक लोगों के लिए सुबह उठना सहजपूर्ण नहीं होता है। उन्हें रात के समय पढ़कर सुबह देर तक सोना सही लगता है।

इसलिए आपको बच्चों को जल्दी उठाकर पढ़ाने पर जोर देने की जरूरत नहीं है, बल्कि उनके बॉडी क्लॉक को समझने की जरूरत है। अगर आपका बच्चा देर रात तक पढ़ाई कर रहा है, तो उन्हें सुबह जल्दी न उठाएं। वहीं, अगर आपका बच्चा सुबह जल्दी उठना सही समझता है, तो ऐसे में आप उन्हें सुबह जल्दी उठाकर पढ़ाएं। यह दोनों ही समय बच्चों के ध्यान केंद्रित करने के लिए सही रहता है।

एक्सपर्ट का कहना है कि हर बच्चे का सुबह जल्दी उठना जरूरी नहीं होता है। बल्कि बच्चे का हर रोजा 8 से 10 घंटे की नींद लेना जरूरी होता है। अगर आपका बच्चा देर रात सो रहा है, तो उन्हें सुबह देर तक सोने दें। ताकि उनकी नींद पूरी हो सके। वहीं, जल्दी सोता है, तो आप उन्हें जल्दी उठा सकते हैं।

ध्यान रखें कि पढ़ाई पर बच्चों का ध्यान केद्रिंत करने के लिए आपको उनके बायोलॉजिकल क्लॉक को समझने की जरूरत होती है। अगर आपका बच्चा देर रात तक पढ़ाई कर पाता है, तो उन्हें समझने की कोशिश करें और देर रात तक पढ़ने दें। वहीं, अगर आपका बच्चा सुबह पढ़ता है, तो उन्हें सुबह जल्दी उठाएं।

बच्चों को सुबह जल्दी उठाना चाहिए या नहीं, यह उनके बायोलॉजिकल क्लॉक पर निर्भर करता है। आप उन्हें तब उठाएं, जब वे सुबह सहज महसूस करें। अगर आपका बच्चा सुबह सहज महसूस नहीं करता है, तो उन्हें सुबह जल्दी न उठाएं।

निक्की मिश्रा पिछले 8 सालों से हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े मुद्दों पर लिख रही हैं। उन्होंने ग्वालियर के जीवाजी यूनिवर्सिटी से इकनॉमिक्स में एमए और भारतीय विद्या भवन से जर्नलिज़्म की पढ़ाई की है। लिखना उनके लिए सिर्फ एक प्रोफेशन...