Hindi Love Story: आशा ने जैसे ही फोन उठाया आज फिर से इंस्टा पर नोटिफिकेशन, “ओफ्फो आज फिर से” अक्सर किसी न किसी की फ्रैंड रिक्वेस्ट आई होती हैं, जिसमें कुछ तो अपने से बहुत ही छोटी उम्र के होते हैं , कुछ बड़े और कुछ अपनी ही उम्र के।
ना जाने कौन कैसा है, आजकल लोग फेक आई डी भी तो बनाते हैं, कोई पुरुष महिला बनकर खूब बातें बनाकर कैसी-कैसी बातें पूछते हैं, कहीं कोई सैक्स की बातें करता है, कभी कोई लेस्बियन निकलता है।
” उफ्फ तंग आ गई मैं तो इन छिछोरी हरकतों से ” और आशा उस रिक्वेस्ट को इग्नोर कर अपना काम शुरू करती है ।
आशा एक अच्छी लेखिका हैं, इसलिए अक्सर कभी किसी का फोन तो कभी फ्रैंड रिक्वेस्ट आते ही रहते हैं।
कुछ दिन बाद फिर से उस रिक्वेस्ट पर फिर से नजर पड़ती है तो वो ध्यान से देखती है,” omg ये तो कोई आर्मी वाला है, अरे..! आर्मी वाले ने क्यों मुझे रिक्वेस्ट भेजी? बट…. आइ लाइक आर्मी यार, चलो इसे ऐक्सेप्ट कर ही लेते हैं, अगर बंदा सही ना निकला तो जैसे औरों को लताड़ कर बाहर फैंका इसे भी फेंक देंगे”
और वो एक्सेप्ट कर लेती है। एक दिन बाद उसी आर्मी वाले अनुज का धन्यवाद का मैसेज आया है।
“आपने मुझे दोस्त बनाया इसके लिए दिल से शुक्रिया, आप मेरी आदरणीया है, मैं आपके सभी लेख बहुत ध्यान से पढ़ता हूं, एक -एक शब्द दिल को छू जाता है, बहुत ही खूबसूरत दिखती है आप”
मैसेज पढ़कर धन्यवाद लिखना तो बनता है ना , बस फिर अपना काम शुरू, यही से सिलसिला शुरू होता है बातों का, दोस्ती का, एक नए रिश्ते का। रोज़ का नियम बन जाता है दोनों का थोड़ी देर बात करना, दोनों को ही एक-दूसरे का साथ अच्छा लगता है। दोस्ती और गहरी हो जाती है।
“अनुज अब तो हम दोस्त हैं कुछ अपने बारे में बताओ ना “
” बस मुझे आप जैसे लोगों को दोस्त बनाना, कम बोलना पसंद है”
आशा ने अब तक जितने भी पुरुष दोस्त बनाए थे सब मतलबी और छोटी सोच वाले निकले, इसलिए उन सबको ब्लाक कर दिया था, लेकिन अनुज ऐसा नहीं निकला। आज पंद्रह साल हो गए इन दोनों के रिश्ते को, दोनों ही रोज़ बात करते हैं, एक-दूजे को जानते हुए भी एक-दुजे से अनजान भी है, एक-दूजे से अनजान होते हुए भी एक-दूजे को बहुत अच्छे से भी जानते हैं, समझते हैं।
ना जाने ये कैसा एहसास है, कैसा रिश्ता है ये, पवित्र, पाक, गंगाजल जैसा स्वच्छ, निर्मल, दोनों ही निभाए चले जा रहे हैं, ऐसे भी रिश्ते होते हैं ।
