Posted inश्रेष्ठ कहानियां, हिंदी कहानियाँ

वो कहां गलत थी – गृहलक्ष्मी श्रेष्ठ कहानी

Hindi Best Story: एक पल में ही प्रिया जान गई कि जरूर मोहित को लेकर काम्या के दिल में उथल-पुथल चल रही होगी। ऑफिस में काम्या का उदास चेहरा आज सबके लिए कौतूहल का विषय था। चुलबुली काम्या कभीऐसे भी चुप्पी का आवरण ओढ़ कर बैठ सकती है किसी ने सोचा ही नहीं था। वैसे […]

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मुट्ठीभर रेत – गृहलक्ष्मी श्रेष्ठ कहानी

Hindi Best Story: एक बात वो समझ पाई, कि इस नई कशिश में उलझ कर बंदा अपने घर भी नहीं गया, जबकि मौका होली का था। सच कहते थे लोग! बुजर्गी आने के बाद से गुजरा वक्त कुछ ज्यादा ही टीसता है । सबसे ज्यादा तो वो चोटें दुखने लगती है, जो दिल पे अपने […]

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हो सके तो लौट आना बिटिया – गृहलक्ष्मी श्रेष्ठ कहानी

Hindi Best Story: मिलन भैया के विवाह में मौसी-बुआ-ताई सबसे कहती फिर रही थीं कि मेरी बेटी लाखों कमाती है परन्तु उसने अपने संस्कार नहीं छोड़े। नीलम, मैं मैगी बनाने जा रही हूं, खाएगी?’ ‘नहीं…।’ विक्की से पुन: लड़ ‘इस बार छोडूंगी नहीं साले को?’‘छ: महीने में ही तेरे हाल बता रहे हैं कि तू […]

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सिचुएशनशिप – गृहलक्ष्मी श्रेष्ठ कहानी

Hindi Best Story: निमि और कपिल का विवाह तो था ही एक एग्रीमेंट किंतु हमने तो विवाह में प्रेम तलाशा था। ‘सच ए रोमांटिक कपल यू आर!’ ‘नो वी आर नॉट!’ उसने झल्लाकर कहा। दो शब्दों में ही उसने मेरे मन के कोने में बसे ऑफिस के सबसे प्यारें जोड़े को चिटकाकर रख दिया। उसे […]

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शुभ विवाह – गृहलक्ष्मी श्रेष्ठ कहानी

Hindi Best Story: किस्मत को कुछ और ही मंजूर था पूरे कश्मीर में दंगे भड़कने लगे और धीरे-धीरे पूरा शहर जलने लगा। अिंजू ने उसे आते हुए खिड़की से छुपकर देखा था तो वो थोड़ा मुस्कुराते हुए कहती है कि आपको मेरी हाइट कम नहीं लग रही। इस पर मानव भी मुस्कुराता है और कहता […]

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धीमे जहर की किरचें – गृहलक्ष्मी श्रेष्ठ कहानी

Hindi Best Story: रिया गौर वर्ण, तीखे नैन-नक्श, लंबे केश और छरहरी काया की स्वामिनी थी। स्कूल-कॉलेज के दिनों से ही लेखन क्षेत्र में बहुत रुचि थी। छरहरी सी चलती ट्रेन, रास्ते में आयी अंधेरी गुफा में घुसती फिर धीरे-धीरे बाहर उजाले में आ जाती। फिर दूसरी…फिर तीसरी… ऐसे ना जाने कितनी गुफाओं के अंधेरे- […]

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रूढ़ि के विरूद्ध -गृहलक्ष्मी श्रेष्ठ कहानी

Hindi Best Story: बादल ने बरखा के साथ पुराने तरीके से सगाई करने से साफ मना कर दिया था। उसने ऐसा तर्क दिया था कि बड़ों की बोलती बन्द हो गयी थी। पुरानी रूढ़ियों की जकड़ाहट आज की उच्च शिक्षित नयी पीढ़ी के युवाओं को स्वीकार नहीं होती। उनका कहना होता है कि हमें उसमें […]

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दुपट्टे की गांठ – गृहलक्ष्मी श्रेष्ठ कहानी

Hindi Best Story: सुधा को उस पल अपनी मां की याद आ गई। वह बहुत छोटी थी जब मां चल बसी थीं। तब वह आठ साल की थी। कभी-कभी जिंदगी के सबसे बड़े सबक किसी स्कूल या किताब से नहीं, बल्कि एक साधारण से घर में, एक सादी-सी औरत के मुंह से मिलते हैं। सुधा […]

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शालिनी – गृहलक्ष्मी श्रेष्ठ कहानी

Best Hindi Story: तभी पवन ने करवट ली और शालिनी को बैठा देखा, साथ में उसके हाथों में अपना फोन देख कर वह उछल कर बैठ गया और उससे फोन लेना चाहा, किन्तु शालिनी ने फोन नहीं लेने दिया। मनोचिकित्सक डॉ. सत्या की कार अब उस सड़क पर आ चुकी थी जहां से ‘कच्चे मन […]

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शालोम ब्रू – गृहलक्ष्मी श्रेष्ठ कहानी

Best Hindi Story: वह अंग्रेजी की प्रोफेसर थीं और लखनऊ से यहां आई थीं। उनकी पूरी जिंदगी बीमार मां की सेवा में गुजर गई, बाद में मां भी चल बसी और अवंतिका जी अकेली रह गईं। धर्मकोट की उस शांत पहाड़ी पर, जहां बादल अक्सर चीड़ और देवदार के पेड़ों से लिपट जाते हैं, एक […]

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