Funny Stories for Kids: निक्का का जन्मदिन आया तो पूरे घर में हँसी-खुशी के रंग बि खर गए । मीनू दीदी और नंदू भैया ने घर को अच्छी तरह सजाया । शाम को निक्का के सब दोस्त आए । मिंटू, नीलू, सत्ते, रीमा, पड़ो स की छुटकी और चि निया भी ।
सबके हाथों में निक्का की पसंद के गिफ्ट थे । खूब डांस हुआ, पार्टी हुई । सब दोस्तों ने मिलकर गाना गाया, ‘हैपी बर्थडे टु यू…!’ और बढ़िया दावत खाने के बाद रिटर्न गिफ्ट लेकर खुशी-खुशी विदा हुए । निक्का खुश था, खूब खुश । पर रात सोने से पहले उसे याद आया, ‘अरे, मेरे खि लौने ! सब मेरे जन्मदिन
पर गुपचुप बैठे हैं । भला यह कोई अच्छी बात है ! मुझे इन्हें भी तो शामिल करना चाहिए था अपनी बर्थडे की पार्टी में ! सब कि तने उदास हैं । और बन्नी खरगोश का तो मारे गुस्से के मुँह ही फूल गया—सचमुच ! शरे , लमू ड़, भालू हिरन सबके सब कि तने उदास हैं । दूर से ही आँखें झपकाकर कह रहे हैं, ‘तुम हमें बिल्कुल ही भूल गए निक्का । बुरी बात है, कि तनी बुरी बात !’ सोचते ही निक्का के चेहरे पर उदासी की छाया नजर आने लगी । सोचने लगा, ‘ऐसी जन्मदिन की पार्टी से क्या फायदा, जिसमें मेरे दोस्त खिलौने ही शामिल न हों ! ये बेचारे कि तने दुखी होंगे आज !’ निक्का यह सोच ही रहा था, तभी भालू शीशे की अलमारी खोलकर झट से नीचे कूद पड़ा । बोला, “दुखी मत होओ निक्का ! हम फिर से तुम्हारा जन्मदिन मना लेते हैं । अब के हम देंगे पार्टी !”
और भालू के ऐसा कहते ही सारे खि लौने पट-पट कर कूदे और लग गए अपने-अपने काम में । एक-दो ने घर की सफाई की, तो बाकियों ने दोबारा घर सजाने का काम सँभाल लि या । रंग-बि रंगी झालरें और गुब्बा रे टाँगे गए । फिर सबने मि लकर दावत के लिए एक से एक बढ़ि या पकवान बनाए । राजा शेर और हाथी ने मि लकर नाचते और सुर में सुर मि लाते हुए ‘हैपी बर्थडे’ का गाना गाया, भालू ने ढोलक बजाई । फिर हिरनों की नृत्य-मंडली भला कैसे पीछे रह जाती ? सारे हि रन और हि रनों के छौने दौड़-दौड़कर राजा शेर और हाथी के चारों ओर गोल घेरा बनाकर खड़े हो गए और तेजी से नाचने लगे । और काले-उजले हंस और बतखों की नृत्य-मंडली का नाच तो वाह,
भाई वाह !” निक्का खुश था, बहुत खुश । यह पार्टी तो उसके दोस्तों की पार्टी से भी ज़्यादा शानदार रही ।
सबने छककर खाया, छककर नाचे और फि र मजे में गाने और चुटकुले सुनाने का प्रोग्रा म शुरू हो गया । सबने हँसी के गोलगप्पों जैसे एक से एक शानदार चुटकुले सुनाए । फिर शेर ने जब अपने बुद्धूपने के कि स्से सुनाने शुरू किए, तो हँसते-हँसते सबके गाल लाल हो गए ।
असल में एक बार शेर रास्ता भूलकर कनॉट प्लेस आ गया था, तो वहाँ उसका खूब मजाक बना । एक बच्चे ने तो उसकी पीठ पर बैठकर सवारी की और शर्त रखी कि वह इसी तरह उसे पूरे कनॉट सर्कस में घुमाए, तभी वह उसे जंगल में जाने देगा । बेचारा शेर शर्म से पानी-पानी था, पर बच्चे की बात भला कैसे न मानता ? उसने उस छोटे से नटखट बच्चे को पीठ पर बैठाकर पूरे कनॉट प्लेस की सैर कराई । इसी पुराने कि स्से को उसने एक मजेदार चुटकुले में ढाल लिया था । ऐसे ही हाथी दादा और लोमड़ी दीदी के चुटकुले लाजवाब थे । हाथी दादा को याद था कि जंगल में होली सबसे पहले कब और कैसे मनाई गई । और जब उन्होंने अपनी सँड़ू से पिच कारी का काम लेते हुए खबू फव्वा रे छोड़े तो जंगल में क्या अजब तमाशा हुआ । लोमड़ी ने कि स्सा सुनाया कि एक बार उन्होंने
एक शहरी कुत्ते से चालाकी से रोटी हड़पनी चाही । मगर वह शहरी कुत्ता जरा पढ़ा -लिखा था । लोमड़ी की चालाकी के बारे में उसने नर्स री की कि ताब में पढ़ लिया था । उसने लोमड़ को ऐसा छकाया कि बेचारी लोमड़ी भागी जंगल में । मगर आज वह किस्सा सुनाते हुए लोमड़ी मौसी को इतना मजा आ रहा था कि हँसते-हँसते उनकी आँखों में आँसू आ गए । फिर अंत में मोर का थर-थर-थर डांस तो क्या गजब का था ! जैसे वह नाच- नाचकर कह रहा हो, जन्मदिन मुबारक निक्का , जन्मदिन मुबारक…यह शानदार नाच ही मेरी ओर से तुम्हारे जन्मदिन पर उपहार है ।
सब हैरानी से देख रहे थे और ‘अश-अश’ कर रहे थे । और निक्का तो सचमुच झूम ही उठा । वह झूम-झूमकर मोर के साथ नाचने लगा । देखते-देखते शेर, हाथी, भालू, लोमड़ी , हिरन, जेबरा सबके सब उस नाच में शामि ल हो गए, और वो मजा आया, वो मजा कि क्या कहा जाए । आधी रात हुई, तो सबने निक्का को टा-टा कहा और उछल-उछलकर जा पहुँचे अलमारी में । वहाँ भी सब एक साथ हाथ हि लाते हुए ‘जन्मदिन मुबारक हो निक्का को…!’ गाना गा रहे थे और बार-बार शुभ कामनाएँ दे रहे थे । फिर निक्का भी अपनी चारपाई पर सोने गया । चारपाई पर लेटे-लेटे उसने मन ही मन कहा, ‘धन्यवाद प्या रे खि लौनो, धन्यवाद ! तुम्हा री यह दावत सचमुच अनोखी है । और मुझे कभी भूलेगी नहीं ! मेरे जन्मदिन का यही तो सबसे बढ़िया उपहार है ।’
ये कहानी ‘बच्चों की 51 नटखट कहानियाँ’ किताब से ली गई है, इसकी और कहानी पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर जाएं – Bachchon Ki 51 Natkhat Kahaniyan बच्चों की 51 नटखट कहानियाँ
