Hindi Vyangya: डिजिटल दुनिया में सबसे कीमती चीज आपकी फोटो नहीं आपकी इज्जत है। और इज्जत एक बार जाने के बाद, उसे वापस लाने के लिए कोई एआई टूल नहीं बना है!
जरा सोचिए वो दृश्य, आपने अभी-अभी एक सेल्फी ली है, बाल बिखरे हैं, पीछे कूलर पर कपड़े टंगे
हैं, और चेहरे पर चमक है, वो चमक जो ब्यूटी फिल्टर की नहीं, बल्कि भारतीय गर्मी और तेल की है। लेकिन दिल में एक सपना कुलबुला रहा है- काश, मैं भी श्रीदेवी की तरह हवा में उड़ती शिफॉन की साड़ी पहनूं। तभी आपके फोन से एक सुरीली आवाज आती है’ NANO BANANA क्लिक कीजिए, मैडम! एक
क्लिक में आप 90 की ड्रीमगर्ल।’ क्या जमाना आ गया है, अब तक साड़ी बदलवाने का ठेका
मौसी के इकलौते दर्जी मास्टर जी के पास था, जो ब्लाउज का नाप लेते वक्त बार-बार कहते
थे, ‘मैडम, थोड़ा सीना ठीक कर दूं?’ अब वही काम गूगल जेमेनाई और उस जैसे एआई जादूगर कर रहे हैं। फर्क सिर्फ इतना है कि मास्टर जी को आपका नाप चाहिए था, जबकि इन एआई दर्जियों को चाहिए सिर्फ आपकी एक सेल्फी। सस्ता और आसान लगता है, ना? पर यही आसानी आफत का सबब बनने वाली है।
इंस्टाग्राम और टिकटॉक पर तूफान आया हुआ है, लाखों महिलाएं अपनी साधारण सी सेल्फी को एआई की जादुई कैंची से काटछांटकर शिफॉन की साड़ियों में लहराती हुई पोस्ट कर रही हैं। कोई काली पार्टी वियर में, कोई सफेद पोल्का डॉट्स वाली शिफॉन में
नजर आ रही हैं। कमेंट्स में लिखा जाता है’वाह! बिल्कुल माधुरी दीक्षित!’, ‘अरे, श्रीदेवी रीबॉर्न!’ लेकिन यहीं से व्यंग्य का बीज अंकुरित होता है। भाई साहब, जो एआई आपको साड़ी पहना रहा है वही आपकी उस साड़ी को एक क्लिक में गायब भी कर सकता है। जो टूल आपको 90 का सपना दिखा रहा है, वही आपको 2020 का सबसे बुरा नाइटमेयर भी दिखा सकता है।
ये एआई टूल इतने होशियार हैं कि आपके चेहरे को पकड़कर बाकी सब कुछ बदल डालते हैं! पोज, बैकग्राउंड, कपड़े, सब कुछ। मतलब, आपके इलाके का वो फोटो स्टूडियो वाला दादा भी शरमा जाए जिससे आप ‘भैया, थोड़ा दाग-धब्बा हटा देना’ कहा करते थे। नैनो बनाना जैसे ऐप्स का एल्गोरिदम ठीक उस पड़ोसन की तरह काम करता है जिसे ‘बुरी नजर’ वाली कहा जाता है, पहले आपके असली रूप को गहराई से ‘स्कैन’ करता है, फिर कहता है, ‘अब मैं तुझे दिखाऊंगी असली जादू।’ आपने तो बस यह लिखा, ‘मुझे बॉलीवुड स्टाइल में लाल साड़ी पहनाओ।
‘ लेकिन अगर कोई शरारती इरादे वाला व्यक्ति आपकी वही फोटो लेकर प्रोम्प्ट में लिख दे, ‘साड़ी हटाओ, बिकनी पहनाओ, और बैकग्राउंड मालदीव का लगाओ’, तो? आपका सारा ‘संस्कारी’ अवतार एक सेकंड में ‘मालदीव वेकेशन’ में तब्दील हो जाएगा। पहले किस्से-कहानियों में सुनते थे कि भूत आधी रात को आते हैं, पर आज का सबसे खतरनाक भूत आपकी जेब में बंद है। ये डिजिटल भूत आपके नाम से नकली अश्लील तस्वीरें बनाकर आपके दोस्तों, परिवार तक पहुंचा सकता है। ब्लैकमेलिंग का नया अड्डा बन गया है, कोई आपकी मासूम सी साड़ी वाली फोटो उठाए, एआई से उसे विकृत करे, और आपको मैसेज करे, ’50 हजार रुपये भेजो, नहीं तो यह फोटो पूरे परिवार के व्हाट्सएप ग्रुप में भेज दूंगा।’ स्कूल-कॉलेज के छात्र आपकी एडिटेड तस्वीर को मीम बनाकर वायरल कर देंगे, ‘देखो, आंटी जी नया अवतार लेकर आई हैं!’
आपकी एडिटेड फोटो व्हाट्सएप ग्रुप्स में घूमेगी, जहां लोग ‘भाभी जी का नया गेटअप तो सनसनीखेज है!’ जैसे कमेंट्स करेंगे। सबसे भयावह यह कि ये नकली तस्वीरें पोर्नोग्राफिक साइट्स या डार्क वेब पर पहुंच सकती हैं, जहां से उन्हें वापस लाना नामुमकिन है। यही है असली खेल, दर्जी वाली साड़ी तो मजेदार है लेकिन जब वही साड़ी किसी और के हाथों में पड़ी एआई की कैंची से कटेगी, तो आपकी सामाजिक इज्जत का धागा भी उसी के साथ खुल सकता है। सबसे बड़ा व्यंग्य तो यहीं छिपा है कि आप सोचते हैं बस एक मासूम सा ट्रेंड है, एक मजाक है। लेकिन उस एक फोटो के पीछे एआई आपके चेहरे को स्कैन करके आपकी उम्र, लिंग, भावनाएं तक पढ़ लेता है।
आपकी स्किन टोन और चेहरे के ढांचे से यह अंदाजा लगा लेता है कि आप किस एरिया और किस सोशल बैकग्राउंड से हैं। फोटो के बैकग्राउंड में दिख रही चीजें, आपका घर, गाड़ी, घरेलू सामान, आपकी आर्थिक स्थिति बता देती हैं। अगर पीछे टीवी पर कोई मैच चल रहा है, तो यह भी डेटा बन जाता है कि आप किस टीम के प्रशंसक हैं। आप समझते हैं कि आपकी फोटो सिर्फ ‘एडिट’ हो रही है, लेकिन सच तो यह है कि आपकी प्राइवेसी ‘एग्जिट’ हो रही है। आप खुद ही अपना डेटा सस्ते में बेच रहे हैं।
तो फिर उपाय क्या है? क्या टेक्नोलॉजी से दूर भाग जाएं? नहीं, सोच-समझकर शेयर करें कि क्या यह फोटो शेयर करना वाकई जरूरी है, प्राइवेसी सेटिंग्स का इस्तेमाल करें और पब्लिक पोस्ट के बजाय प्राइवेट ग्रुप्स या ट्रस्टेड दोस्तों के साथ शेयर करें, फोटो अपलोड करने से पहले बैकग्राउंड को ब्लर या क्रॉप कर दें ताकि आपके निजी जीवन के सुराग न दिखें, और अंधाधुंध ट्रेंड में न कूदें क्योंकि हर चमकती हुई चीज सोना नहीं होती, कभी-कभी वह जहरीली कैंची होती है।
