Heart Touching Story: एक समय की बात है, एक लोमड़ी जंगल में घूमते-घूमते एक कुएँ के पास पहुँची। कुएँ के चारों और दिवार नहीं थी। लोमड़ी ने ध्यान नहीं दिया और भीतर गिर गईं। हालांकि कुआँ बहुत गहरा नहीं था पर लोमड़ी बाहर नहीं निकल पा रही थी। निराश होकर वह वहीं बैठ गईं।
तभी उसे ऊपर से एक बकरी जाती दिखाई दी। बकरी ने लोमड़ी को कुएँ में देखकर पूछा, “अरे बहन, तुम भीतर क्या कर रही हो?”
लोमड़ी न कहा, “बकरी बहन! तुम्हें पता नहीं है…शीघ्र ही भयंकर सूखा पड़ने वाला है। यहाँ कोई और आए उससे पहले ही मैं भीतर आ गई। कम से कम यहाँ पानी तो है। तुम भी क्यों नहीं भीतर आ जाती हो?”
बकरी ने सोचा कि लोमड़ी बहुत अच्छी सलाह दे रही है और वह भी कुएँ में कूद गई। बकरी के कुएँ के भीतर पहुँचते ही लोमड़ी उछलकर बकरी को पीठ पर चढ़ी और कूदकर बाहर निकल गई। उसने बकरी से कहा, “अलविदा बहन, मैं तो चली” और लोमड़ी सिर पर पैर रखकर भाग गई।
शिक्षा: आँख मूंदकर विश्वास मत करो।
ये कहानी ‘दिल को छू लेने वाली कहानियाँ’ किताब से ली गई है, इसकी और कहानी पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर जाएं – Dil Ko Chhoo Lene Wali Kahaniyan (दिल को छू लेने वाली कहानियाँ)
