Navratri ki Puja mein Mujhe Bulaya Jane Laga
Navratri ki Puja mein Mujhe Bulaya Jane Laga

Hindi Short Story:मैं अपने बचपन में बहुत शरारती था-इतना कि पड़ोसी भी मेरी शैतानीे से परेशान थे- और मुझे शैतान बच्चा कहते थे। इसी कारण मेरा अपने घर आना भी पसंद नहीं करते थे।
यहाँ यह भी बता दूँ कि मेरी शैतानी के कारण नवरात्रि के कन्या पूजन में भी मुझे नहीं बुलाया जाता—
-इस बात को लेकर अक्सर मेरे दोस्त मेरा मज़ाक भी उड़ाते-“तुझे तो कोई पूछता नहीं है- यहाँ तक पूजा में भी तुमको नहीं बुलाया जाता है”।
मुझे बुरा लगता–मैंने अपनी माँ से यह बात कही तो उन्होंने कहा कि तेरी शरारतों के कारण
ही लोग तुमको नहीँ बुलाते हैं-।
तुम अपनी शरारतें कम कर दो ,
तो मैं अपनी दोस्त को बोल दूँगी-तो वह तुमको अपने यहां पूजा में बुला लेंगी”। मैं माँ की बात मान कर धीरे-धीरे अपनी
शरारतें करना कम करता रहा ।

नवरात्रि आई तो अष्टमी के दिन पड़ोस की शीला आन्टी का फोन मम्मी के पास आया कि कन्या-पूजन में शिवम को नौ बजे मेरे यहाँ भेज दीजियेगा “।
माँ ने मुझे बताया तो मेरी खुशी का ठिकाना नहीं रहा–।मुझे वास्तव में देवी की पूजा में नहीं बुलाया जाना -अच्छा नहीं लगता था ।
मैं खुशी-खुशी आन्टी के यहाँ गया–दुर्गा देवी के प्रसाद का
आनंद उठाया ।मैंने माँ को प्यार भरी पप्पी दी।।इसके बाद तो मेरी शरारतें नहीँ के बराबर हो गईं और मैं बराबर नवरात्रि की पूजा में बुलाया जाने लगा।
आज जब मेरी श्रीमती जी
नवरात्रि में कन्या खिलाती हैं तो
नन्ही —नन्ही लड़कियों के बगल बैठे लड़के को देख कर मुझे अपने बचपन की भारी शरारत याद आ जाती है ।

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