Overview:
मासूम बच्चा जब स्कूल जाता है तो रिश्तेदारों से लेकर दोस्त और आस-पड़ोस के कई लोग पेरेंट्स को अलग-अलग राय देते हैं। जिनमें से सबसे कॉमन राय है, 'बच्चे को बचपन से ही लिखने-पढ़ने की आदत डालना।'
Teaching Toddlers to Write: स्कूलों में बच्चों के एडमिशन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। वहीं अपने नन्हे मुन्ने बच्चों को पहली बार स्कूल भेजना हर माता पिता के लिए एक अलग अनुभव होता है। पहली बार स्कूल जाना जितना बच्चों को लिए मुश्किल है, उतना ही कठिन है पेरेंट्स के लिए। सुबह बच्चों को स्कूल के लिए तैयार करने से लेकर, उसे होम वर्क करवाना, हर माता पिता के लिए एक नया काम है। ढाई से तीन साल के कई बच्चे इस साल पहली बार स्कूल गए हैं। ऐसे में हर पेरेंट्स को कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए।
बाहरी ज्ञान नहीं, डॉक्टर की सलाह

मासूम बच्चा जब स्कूल जाता है तो रिश्तेदारों से लेकर दोस्त और आस-पड़ोस के कई लोग पेरेंट्स को अलग-अलग राय देते हैं। जिनमें से सबसे कॉमन राय है, ‘बच्चे को बचपन से ही लिखने-पढ़ने की आदत डालना।’ अक्सर लोग मानते हैं कि बच्चे स्कूल जाने के शुरुआती सालों में जितना पढ़ते हैं, वहीं उनकी जिंदगीभर की आदत बन जाती है। ऐसे में कई बार पेरेंट्स बच्चों को जल्दी से जल्दी, ज्यादा से ज्यादा सिखाना चाहते हैं। कॉम्पिटिशन के इस दौर में पेरेंट्स अपने बच्चों को पिछड़ता हुआ नहीं देखना चाहते। लेकिन आपकी जल्दबाजी बच्चे पर बिना वजह का प्रेशर बना सकती है।
आप तो नहीं कर रहे ये गलती
मशहूर पिडिट्रीशियन डॉ. अर्पित गुप्ता ने अपने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट करके माता पिता को बताया है कि उन्हें बच्चों को पहली बार लिखना कैसे सिखाना चाहिए। डॉ. अर्पित के अनुसार बच्चों के लिए सबसे खतरनाक है शुरुआत में ही उन्हें अल्फाबेट लिखना सिखाना। यह गलत तरीका है। ऐसा कभी नहीं करना चाहिए।
यहां से करें शुरुआत
अपनी पोस्ट में डॉ.अर्पित ने बताया कि बच्चों को लिखना सिखाना सिर्फ पढ़ाई से ही नहीं जुड़ा है। यह उनके कॉन्फिडेंस, क्रिएटिविटी और कोओर्डिनेशन के लिए बहुत जरूरी है। डॉक्टर ने इसके कई स्टेप्स भी शेयर किए हैं।
स्टेप 1
शुरुआत में बच्चों को सिर्फ पेंसिल पकड़ना सिखाएं। उन्हें बिना किसी रोक टोक के कागज पर लकीरे करने दें।
स्टेप 2
जब बच्चा पेंसिल पकड़ना सीख जाए, उसके बाद उन्हें कागज पर कोई भी शेप बनाकर दें। अब बच्चे को उस शेप में लकीरें करने को बोलें। इससे वह कंट्रोल स्क्रेबल करना सीखेंगा।
स्टेप 3
अब बच्चे को आप लाइन्स बनाना सिखाएं। इसमें आपको उनसे 3 तरीके की लाइन्स बनवानी हैं। स्टैंडिंग लाइन यानी सीधी लाइन, स्लीपिंग लाइन यानी आढ़ी लाइन और स्लाटिंग लाइन यानी टेढ़ी लाइन। इससे बच्चों को अक्षर बनाने में मदद मिलेगी। पेंसिल पर कमांड बढ़ेगी।
स्टेप 4
जब बच्चा लाइन्स बनाने में परफेक्ट हो जाए तो उसे कर्व बनाना सिखाएं। यानी अंग्रेजी के सी और यू अक्षर जैसे लिखना उसे सिखाएं।
स्टेप 5
बच्चों को लिखना सिखाने का पांचवां स्टेप है उन्हें लाइन का पैटर्न बनाना सिखाना। इसमें जिक जैक लाइन के साथ ही 3 अन्य प्रकार की लाइन पैटर्न शामिल हैं।
स्टेप 6
यह आसान और महत्वपूर्ण स्टेप है। इसमें आप बच्चों को दो डॉट्स को आपस में मिलाना सिखाएं। ये डॉट्स उपर-नीचे होने चाहिए। जिससे बच्चा लाइन बनाना सीखेगा। इससे बच्चे का पेंसिल को लेकर कॉन्फिडेंस बढ़ेगा।
स्टेप 7
इस स्टेप में बच्चों को पेपर पर अलग-अलग दिशा में डॉट्स बनाकर दें और फिर उन्हें जोड़ना सिखाएं। ऐसा करने से बच्चा रेमडम डॉट्स कनेक्ट करना सीखेगा।
स्टेप 8
लिखने के आखिरी स्टेप में बच्चों को अक्षर ज्ञान करवाएं। यानी उन्हें अक्षर बनाना सिखाएं। इसके लिए अल्फाबेट को डॉट्स में बनाएं और बच्चों को इन डॉट्स को जोड़ना सिखाएं। आपको ऐसी बुक्स भी आसानी से मिल जाएंगी।
