Overview: बेटी राहा के लिए आलिया भट्ट ने लिया सद्गुरु का मार्गदर्शन
राहा कपूर की परवरिश को लेकर आलिया भट्ट का यह कदम दिखाता है कि वह एक जिम्मेदार और जागरूक मां बनना चाहती हैं। सद्गुरु की सलाह— “चिंतित माता-पिता अच्छे पैरेंट नहीं होते”— ने उन्हें पैरेंटिंग का एक नया नजरिया दिया है। अब आलिया न सिर्फ अपनी बेटी के लिए बेहतर माहौल बनाने की कोशिश कर रही हैं, बल्कि खुद भी एक शांत और संतुलित जीवन जीने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।
Alia Bhatt Seeks Sadhguru Parenting Advice: मां बनने के बाद हर इंसान की सोच और प्राथमिकताएं बदल जाती हैं, और आलिया भट्ट भी इससे अलग नहीं हैं। बेटी राहा कपूर के जन्म के बाद से ही वह अपनी पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रही हैं। हाल ही में आलिया ने आध्यात्मिक गुरु सद्गुरु से पैरेंटिंग को लेकर बातचीत की, जिसमें उन्हें एक ऐसी सलाह मिली जिसने उनके नजरिए को पूरी तरह बदल दिया। सद्गुरु ने साफ कहा कि “एक चिंतित माता-पिता कभी अच्छा पैरेंट नहीं बन सकता”, और यही बात अब आलिया के दिल के बेहद करीब है।
मां बनने के बाद बदली आलिया की सोच
आलिया भट्ट के लिए मां बनना एक खूबसूरत लेकिन जिम्मेदारी भरा अनुभव रहा है। राहा के आने के बाद उनकी जिंदगी का केंद्र पूरी तरह बदल गया है। अब उनकी हर छोटी-बड़ी चिंता बेटी के इर्द-गिर्द घूमती है। उन्होंने कई इंटरव्यू में स्वीकार किया है कि वह एक ‘परफेक्ट मां’ बनने का दबाव महसूस करती हैं। यही वजह थी कि उन्होंने पैरेंटिंग को बेहतर समझने के लिए सद्गुरु से मार्गदर्शन लेना जरूरी समझा।
सद्गुरु की सलाह: चिंता नहीं, समझ जरूरी
साधगुरु ने आलिया को जो सबसे अहम बात बताई, वह थी— “अगर आप हमेशा चिंता में रहेंगे, तो आप अपने बच्चे के लिए सही माहौल नहीं बना पाएंगे।”उनके मुताबिक, पैरेंटिंग का मतलब सिर्फ बच्चे की सुरक्षा करना नहीं, बल्कि उसे एक स्वस्थ और सकारात्मक वातावरण देना भी है। उन्होंने समझाया कि माता-पिता की मानसिक स्थिति का सीधा असर बच्चे पर पड़ता है, इसलिए शांत और संतुलित रहना बेहद जरूरी है।
राहा की परवरिश में अपनाएंगी यह नया नजरिया
सद्गुरु की इस सीख के बाद आलिया ने तय किया है कि वह राहा की परवरिश में ज्यादा सहज और संतुलित रवैया अपनाएंगी। अब वह हर छोटी बात को लेकर ओवरथिंक करने के बजाय चीजों को नेचुरल तरीके से लेने की कोशिश करेंगी। उनका मानना है कि बच्चों को अपने अनुभवों से सीखने देना भी उतना ही जरूरी है, जितना उन्हें सही दिशा दिखाना।
काम और परिवार के बीच संतुलन की चुनौती
एक सफल एक्ट्रेस होने के साथ-साथ मां की जिम्मेदारी निभाना आसान नहीं होता। आलिया इन दिनों अपने फिल्मी प्रोजेक्ट्स और राहा की देखभाल के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रही हैं। हालांकि, सद्गुरु की सलाह ने उन्हें यह समझने में मदद की है कि हर चीज को लेकर परफेक्शन की दौड़ में शामिल होना जरूरी नहीं है। कभी-कभी खुद को थोड़ा रिलैक्स रखना भी उतना ही अहम होता है।
पैरेंटिंग को लेकर बदली सोच ने दी नई सीख
आलिया भट्ट का यह अनुभव उन सभी माता-पिता के लिए एक सीख है, जो अक्सर अपने बच्चों को लेकर जरूरत से ज्यादा चिंतित रहते हैं। सद्गुरु की बातों ने यह साफ कर दिया कि एक खुश और संतुलित पैरेंट ही बच्चे को बेहतर माहौल दे सकता है। आलिया अब इसी सोच के साथ आगे बढ़ रही हैं और राहा के साथ हर पल को खुलकर जीने की कोशिश कर रही हैं।

