Summary: आलस को कहना है अलविदा? रोज करें ये योगासन और बनें सुपर एक्टिव
सुबह की सुस्ती और आलस दूर करने के लिए सूर्य नमस्कार, नौकासन, सेतुबंधासन जैसे योगासन बेहद असरदार हैं। इन आसनों से शरीर में ऊर्जा बढ़ती है, तनाव कम होता है और दिनभर फ्रेशनेस बनी रहती है।
Yoga to Remove Laziness: कई लोगों को सुबह उठने में भी बहुत ही आलस का सामना करना पड़ता है। छोटे दिन और लंबी रातों में सुस्ती आना साधारण सी बात है, जिससे आपको सुबह उठने में कईं दिक़्क़तों का सामना करना पड़ता है। बात करें वर्किंग लाइफ़ की तो हर रात फोन और लैपटॉप की मार हमें सुबह तक झेलनी पड़ती है, जिससे शरीर भी बुरी तरह से प्रभावित होता है।
आज सभी के लिए जिन्हें भी में आलस और सुस्ती का सामना करना पड़ता है उनके लिए लेकर आए है कुछ योगासन के टिप्स।
सूर्य नमस्कार (Surya Namaskar)

सूर्य नमस्कार, सबसे व्यापक रूप से प्रचलित और बुनियादी योग आसनों में से एक है, वास्तव में शरीर के यह विभिन्न हिस्सों पर ध्यान केंद्रित करता है और यह आपके कंकाल प्रणाली और स्नायुबंधन को मजबूत करने में मदद करता है। शरीर को सक्रिय रखने का एक शानदार तरीका होने के नाते, यह तनाव और चिंता को कम करने में भी मदद करता है। यदि आप आसन के दौरान सांस अंदर-बाहर करते रहते हैं, तो यह आपको अधिक वजन कम करने में मदद करता है और साथ ही शरीर की ऊर्जा को भी बनाए रखता है।
नौकासन (Boat Pose)

यह आसन जैसे कि नाम से ही समझ आता है इसमें आपको सबसे पहले जमीन पर कमर के बल लेटने की आवश्यकता होती है और ध्यान रहें कि आपके हिप्स ज़मीन को टच करने चाहिए इससे यह एक नौका की तरह पोज़ बन जाएगा तभी इसे नौकासन का नाम
भी दिया गया है। इस आसन की मदद से शरीर के सभी पार्टस को स्ट्रेच करने में भी काफ़ी मदद मिलती है जिससे शरीर की मांसपेशियों को ऊर्जा का संचार होता रहता है।
सेतुबंधासन (Bridge Pose)

सेतुबंधासन एक ऐसा योग है जो कि ब्रिज पोज़ से ही मिलता जुलता है यह शरीर की तंत्रिकाओं को राहत देता है। इसे करने से आप बहुत ही आराम महसूस करते है यह योगासन मुख्य रूप से पीठ की मजबूती के लिए होता है जिसे पीठ के सहारे ही किया जाता है। यह थकी हुई कमर को ऊर्जा के साथ साथ गर्मी का एहसास भी दिलाता है जो सुस्ती और आलस को धीरे-धीरे ख़त्म कर देते हैं। और इसे करने के बाद आप बॉडी में फ्रेशनेस महसूस करते हैं।
मकर अधो मुख श्वानासन (डॉल्फिन प्लैंक मुद्रा)
यह आसन पेट की मांसपेशियों के लिए काफ़ी मज़बूती प्रदान करता है। जिससे सिरदर्द,पेट दर्द, कमर दर्द, तनाव से प्रभावी रूप से मदद मिलती है। जो महिलाएं मासिक धर्म की समस्याओं से जूझती है वह इस आसन को आज़माकर रजोधर्म में दर्द जैसी परेशानियों से राहत महसूस कर सकती हैं और एक्टिव होकर काम कर सकती है।
चक्रासन (Wheel pose)

यह आसन भी पीठ के बल लेटकर ही करना होता है इसमें पीठ के बल लेटने पर अपने घुटनों को मोड़कर अपनी एड़ियों को जितना ज़्यादा हो सकें अपने हिप्स की तरफ़ लाने की पूरी कोशिश रहें। एक चक्र की तरह पोज़ बनने वाले इस आसन को तभी चक्रासन का नाम दिया गया है। यह आसन आपको हर तनाव और अवसाद से मुक्त रखता है।
यह कुछ आसान और घरेलू तरीक़े हैं जिन्हें आप अपनी दिनचर्या में शामिल करके आलसी और सुस्ती को अनदेखा कर सकते हैं साथ ही चेहरे पर भी चमक पा सकते हैं।
