Overview: रहमान के बयान पर रानी मुखर्जी का कड़ा रिएक्शन
संगीतकार ए.आर. रहमान ने दावा किया कि फिल्म इंडस्ट्री में जाति या धर्म के आधार पर कोई भेदभाव नहीं होता। इस पर रानी मुखर्जी ने पलटवार करते हुए कहा कि भले ही सीधा भेदभाव न हो, लेकिन गुटबाजी और पक्षपात आज भी मौजूद हैं, जो योग्य कलाकारों को पीछे धकेलते हैं।
AR Rahman vs Rani Mukerji: यह पूरी बहस एक हालिया टॉक शो/इंटरव्यू के दौरान शुरू हुई, जहाँ फिल्म इंडस्ट्री में होने वाली गुटबाजी (Lobbying) और भेदभाव पर चर्चा की जा रही थी। ए.आर. रहमान ने इस दौरान इंडस्ट्री की तारीफ की, लेकिन रानी मुखर्जी की प्रतिक्रिया ने सोशल मीडिया पर नई बहस छेड़ दी।
ए.आर. रहमान का बयान
ए.आर. रहमान ने फिल्म इंडस्ट्री को दुनिया की सबसे सुरक्षित और निष्पक्ष जगहों में से एक बताया। उन्होंने कहा कि जब हम स्टूडियो में होते हैं, तो हम यह नहीं देखते कि सामने वाला किस जाति या धर्म का है। हम सिर्फ ‘धुन’ और ‘संगीत’ पर ध्यान देते हैं। रहमान ने जोर देकर कहा कि इंडस्ट्री केवल टैलेंट को सलाम करती है और यहाँ धर्म के आधार पर कोई भेदभाव नहीं होता।
रानी मुखर्जी का पलटवार”

रानी मुखर्जी ने रहमान की बात का सम्मान करते हुए एक बहुत ही व्यावहारिक (Practical) बात कही। उन्होंने संकेत दिया कि इंडस्ट्री में सब कुछ उतना ‘सफेद’ नहीं है जितना दिखता है। उन्होंने कहा कि भले ही खुले तौर पर धर्म के आधार पर भेदभाव न दिखे, लेकिन ‘गुटबाजी’ (Coteries) और ‘पसंदीदा कलाकारों’ (Favoritism) के आधार पर भेदभाव आज भी एक कड़वी हकीकत है। रानी ने अप्रत्यक्ष रूप से इशारा किया कि कई बार कलाकारों को उनकी पृष्ठभूमि या उनकी विचारधारा के कारण अलग-थलग कर दिया जाता है। उन्होंने कहा, “अगर हम प्रोफेशनल होने का दावा करते हैं, तो हमें उन अदृश्य दीवारों को भी पहचानना होगा जो टैलेंटेड लोगों का रास्ता रोकती हैं।”
रहमान का ‘गैंग’ वाला पुराना विवाद
रानी मुखर्जी की बात को इसलिए भी वजन मिल रहा है क्योंकि कुछ समय पहले खुद ए.आर. रहमान ने स्वीकार किया था कि बॉलीवुड में एक ‘गैंग’ काम कर रहा है, जो उन्हें काम मिलने से रोक रहा था। रानी के समर्थकों का कहना है कि रहमान अब जिस इंडस्ट्री को भेदभाव-मुक्त कह रहे हैं, उसी इंडस्ट्री की गुटबाजी का वे खुद शिकार हो चुके हैं।
सोशल मीडिया पर बंटी जनता
इस बहस के बाद सोशल मीडिया दो हिस्सों में बंट गया हैl उनका कहना है कि संगीत और कला वाकई सीमाओं से परे हैं और रहमान इसका सबसे बड़ा उदाहरण हैं। कई लोगों का कहना है कि रानी ने वह कड़वा सच बोला है जिसे इंडस्ट्री के लोग अक्सर छिपाने की कोशिश करते हैं।
