AR Rahman: Winning an Oscar Was a Burden for Me
AR Rahman: Winning an Oscar Was a Burden for Me

Overview: ए.आर. रहमान: "ऑस्कर जीतना मेरे लिए बोझ था

दिग्गज संगीतकार ए.आर. रहमान ने खुलासा किया कि ऑस्कर जीतना उनके लिए एक मानसिक बोझ बन गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि इंडस्ट्री में उन्हें 'गैसलाइट' किया गया और यह महसूस कराया गया कि उनका काम खराब है, जिससे उनकी प्रेरणा खत्म हो गई और उनके खिलाफ अफवाहें फैलाई गईं।

AR Rahman Oscar Story: ए.आर. रहमान, जिन्होंने 2009 में ‘स्लमडॉग मिलियनेयर’ के लिए दो ऑस्कर जीतकर इतिहास रचा था, ने एक हालिया इंटरव्यू में अपने जीवन के सबसे कठिन दौर का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि सफलता के शिखर पर होने के बावजूद उन्हें मानसिक रूप से कैसे प्रताड़ित किया गया।

“ऑस्कर एक इनाम नहीं, बोझ था”

रहमान ने साझा किया कि ऑस्कर जीतने के बाद दुनिया की उम्मीदें उनसे इतनी बढ़ गईं कि उन्हें हर प्रोजेक्ट में कुछ ‘असाधारण’ करने का दबाव महसूस होने लगा। उन्होंने कहा कि ऑस्कर के बाद उन्हें मिलने वाले काम और उनके संगीत की तुलना हमेशा उसी स्तर से की जाने लगी, जिससे उनकी रचनात्मक आजादी छिन गई थी। रहमान ने महसूस किया कि इस अवॉर्ड ने उन्हें एक ऐसी जगह खड़ा कर दिया जहाँ से नीचे गिरना ही एकमात्र विकल्प बचा था।

“मुझे गैसलाइट किया गया”

AR Rahman: Winning an Oscar Was a Burden for Me
AR Rahman: Winning an Oscar Was a Burden for Me

रहमान ने बेहद कड़वा सच बताते हुए कहा कि बॉलीवुड और इंडस्ट्री के कुछ प्रभावशाली लोगों ने उन्हें यह विश्वास दिलाने की कोशिश की कि उनका काम अब पहले जैसा नहीं रहा। रहमान ने बताया, “मुझे यह सोचने पर मजबूर कर दिया गया कि मैं अच्छा काम नहीं कर रहा हूँ। जब लोग आपसे बार-बार कहते हैं कि आपकी चमक खो गई है, तो आप अंदर से टूट जाते हैं और प्रेरित महसूस नहीं करते।” उन्होंने संकेत दिया कि एक पूरा गिरोह उनके खिलाफ काम कर रहा था ताकि उन्हें बड़े प्रोजेक्ट्स न मिलें।

प्रेरणा की कमी और मानसिक संघर्ष

जब एक कलाकार को लगातार नीचा दिखाया जाता है, तो उसका असर उसके संगीत पर पड़ता है।रहमान ने कहा कि एक समय ऐसा आया जब वे काम करने के लिए प्रेरित महसूस नहीं कर रहे थे।उन्हें लगा कि फिल्म मेकर्स उनके पास आने से डर रहे थे या उन्हें यह कहकर टाला जा रहा था कि “रहमान बहुत महंगे हैं” या “रहमान उपलब्ध नहीं हैं।”

वापसी और संगीत का नया नजरिया

इस ‘गैसलाइटिंग’ और दबाव के बावजूद, रहमान ने खुद को संभाला। उन्होंने अपनी छोटी फिल्मों और स्वतंत्र संगीत (Independent Music) पर ध्यान देना शुरू किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे केवल अच्छे संगीत के भूखे हैं, अवॉर्ड्स के नहीं। रहमान ने बताया कि कैसे उन्होंने अपने आध्यात्मिक विश्वास के जरिए इस नकारात्मकता से लड़ना सीखा।

इंडस्ट्री के ‘गैंग’ पर पहले भी उठा चुके हैं सवाल

बता दें कि कुछ साल पहले भी रहमान ने कहा था कि हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में एक पूरा गिरोह है जो उनके बारे में गलत अफवाहें फैलाता है, जिसकी वजह से उन्हें बॉलीवुड में कम काम मिल रहा है।

मैं रिचा मिश्रा तिवारी पिछले 12 सालों से मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हूं। विभिन्न न्यूज चैनल के साथ काम करने के अलावा मैंने पीआर और सेलिब्रिटी मैनेजमेंट का काम भी किया है। इतने सालों में मैंने डायमंड पब्लिकेशंस/गृह लक्ष्मी, फर्स्ट...