Condom
Flavoured Condom Credit: Istock

Overview:रोजाना फ्लेवर्ड कॉन्डम का इस्तेमाल कर रहे हैं? जानिए इसके संभावित नुकसान

फ्लेवर्ड कॉन्डम खास तौर पर ओरल यूज़ के लिए बनाए जाते हैं, लेकिन रोजाना और सामान्य उपयोग में ये कुछ लोगों में जलन, एलर्जी या इंफेक्शन का कारण बन सकते हैं।
इनमें मौजूद फ्लेवरिंग केमिकल्स संवेदनशील त्वचा पर असर डाल सकते हैं, इसलिए उपयोग से पहले सही जानकारी और सावधानी जरूरी है।

Effects of Flavoured Condom: सेक्‍स का लंबे समय तक आनंद उठाने और सुरक्षा प्रदान करने के लिए कॉन्‍डम का उपयोग करना आवश्‍यक होता है। ये आपकी सेक्‍स लाइफ को हेल्‍दी बनाने का काम करता है। मार्केट में कई तरह के कॉन्‍डम उपलब्‍ध हैं जिसमें डॉटेड और स्‍ट्राइप्‍स कॉन्‍डम की अधिक मांग है। इसके अलावा फ्लेवर्ड कॉन्‍डम भी युवाओं की पहली पसंद है। ये कॉन्‍डम्‍स चॉकलेट, स्‍ट्रॉबेरी, लीची और काला खट्टा जैसे अनेकों फ्लेवर में आते हैं। हालांकि फ्लेवर्ड कॉन्‍डम का इस्‍तेमाल कर ओरल सेक्‍स को आसान बनाया जा सकता है। लेकिन क्‍या आप जानते हैं ये फ्लेवर्ड कॉन्‍डम आपकी हेल्‍थ के लिए खतरनाक साबित हो सकते हैं। खासकर महिलाओं में इससे इंफेक्‍शन की समस्‍या हो सकती है। सुरक्षा और प्रभावशीलता को प्राथमिकता देते हुए सही प्रकार के कॉन्‍डम का चुनाव करना आवश्‍यक है। तो चलिए जानते हैं फ्लेवर्ड कॉन्‍डम के साइड इफेक्ट्स के बारे में।

फ्लेवर्ड कॉन्‍डम क्‍यों है नुकसानदायक

फ्लेवर्ड कॉन्‍डम का इस्‍तेमाल करें लेकिन संभालकर
Why are flavored condoms harmful

कॉन्‍डम से आती खराब रबर की खुशबू को कम करने के लिए फ्लेवर्ड कॉन्‍डम का आविष्‍कार किया गया था। फ्लेवर्ड कॉन्‍डम को स्‍वादिष्‍ट बनाने के लिए उसमें कलर और चीनी का उपयोग किया जाता है। कॉन्‍डम की उच्‍च चीनी सामग्री योनि के पीएच को बढ़ाने की क्षमता रखती है और संभावित रूप से यीस्‍ट संक्रमण का कारण बन सकती है। फ्लेवर बढ़ाने के लिए जैसे-जैसे कॉन्‍डम की रायायनिक सामग्री बढ़ती है योनि में इंफेक्‍शन की संभावना भी बढ़ जाती है। इसके अलावा ओरल सेक्‍स के दौरान पार्टनर को रबर और कलर से बचे कॉन्‍डम का इस्‍तेमाल करना पड़ता है जो मुंह के इंफेक्‍शन और हर्पिस का कारण बन सकता है।

फ्लेवर्ड कॉन्‍डम के साइड इफेक्ट्स

जलन का खतरा: फ्लेवर्ड कॉन्‍डम को बेहतर बनाने के लिए इसमें एक्‍स्‍ट्रा कैमिकल्‍स और आर्टिफिशियल स्‍वाद मिलाए जाते हैं। ये कैमिकल्‍स मुंह और योनि में जलन पैदा कर सकते हैं। इसमें मौजूद कलर भी जलन का कारण बन सकता है।

ओरल इंफेक्‍शन: फ्लेवर्ड कॉन्‍डम महिलाओं के लिए अधिक खतरनाक हो सकता है। यदि महिलाएं नियमित रूप से ओरल सेक्‍स को बढ़ावा देती हैं तो ओरल इंफेक्‍शन का खतरा बढ़ सकता है। सेक्‍स के दौरान उपयोग किया गया कॉन्‍डम यदि दोबारा मुंह‍ में डाला जाए तो इंफेक्‍शन, हर्पिस, गोनोरिया और सिफलिस जैसी समस्‍याएं हो सकती हैं।

एसटीआई की समस्‍या: सेक्‍स के दौरान यदि हाइजीन का ध्‍यान न रखा जाए तो एसटीआई यानी यौन संचारित संक्रमण की समस्‍या हो सकती है। ये संक्रमण गंभीर भी हो सकता है यदि इसे नजरअंदाज किया जाए।

सेक्‍स के दौरान इन बातों का रखें ध्‍यान

फ्लेवर्ड कॉन्‍डम का इस्‍तेमाल करें लेकिन संभालकर
keep these things in mind during sex

– सेक्‍स के दौरान कॉन्‍डम का यूज कर रहे हैं तो सुनिश्चित करें कि कॉन्‍डम एक्‍सपायरी न हो।

– सेक्‍स के दौरान हर बार नए कॉन्‍डम का इस्‍तेमाल करें।

– फ्लेवर्ड कॉन्‍डम की अपेक्षा नॉर्मल कॉन्‍डम का इस्‍तेमाल करें।

– ओरल सेक्‍स का नियमित अभ्‍यास न करें।

– यदि ओरल सेक्‍स कर रहे हैं तो फ्लेवर्ड कॉन्‍डम का इस्‍तेमाल करें। योनि सेक्‍स में प्‍लेन कॉन्‍डम का इस्‍तेमाल करें।

– किसी भी तरह का संक्रमण होने पर जांच अवश्‍य कराएं।

– सेक्‍स के बाद कॉन्‍डम को सुरक्षित तरीके से डस्‍टबिन में फेंकें।

– हाइनीज पर अधिक ध्‍यान दें।

– अधिक फ्लेवर्ड और खुशबू वाले कॉन्‍डम का उपयोग करने से बचें।

मेरा नाम मोनिका अग्रवाल है। मैं कंप्यूटर विषय से स्नातक हूं।अपने जीवन के अनुभवों को कलमबद्ध करने का जुनून सा है जो मेरे हौंसलों को उड़ान देता है।मैंने कुछ वर्ष पूर्व टी वी और मैग्जीन के लिए कुछ विज्ञापनों में काम किया है । मेरा एक...