money affect relationships
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'जिंदगी में पैसा ही सबकुछ नहीं होता' और 'पैसे से प्यार नहीं पा सकते।' लेकिन अब ये बातें शायद पुरानी हो चली हैं। सवाल यह है कि क्या ये बातें आज के समय में सच हैं।

Money affect Relationships: अक्सर लोग कहते हैं कि ‘पैसा आपको खुशी नहीं दे सकता’, ‘जिंदगी में पैसा ही सबकुछ नहीं होता’ और ‘पैसे से प्यार नहीं पा सकते।’ लेकिन अब ये बातें शायद पुरानी हो चली हैं। सवाल यह है कि क्या ये बातें आज के समय में सच हैं। हाल ही में हुई एक स्टडी में शोधकर्ताओं ने इन बातों को लगभग सिरे से खारिज कर दिया है। यह शोध आज के युवाओं की सोच का आईना है।

शोधकर्ताओं ने कहा ये

ज्यादा इनकम वाले अविवाहित वयस्कों को प्यार मिलने की संभावना ज्यादा होती है।
Single adults with higher incomes have a higher chance of finding love.

शोधकर्ताओं का कहना है कि उनके शोध से पता चलता है कि ज्यादा इनकम वाले अविवाहित वयस्कों को प्यार मिलने की संभावना ज्यादा होती है। इतना ही नहीं ऐसे वयस्क प्यार पाने के लिए पूरी तरह से खुद को तैयार भी मानते हैं।

डेटिंग के मामले में ये आगे

जर्नल ऑफ मैरिज एंड फैमिली में प्रकाशित शोध के अनुसार बड़ा बैंक बैलेंस लोगों को ज्यादा आकर्षक बना सकता है। ऐसे में रोमांटिक रिश्ते बनने का संभावना भी कहीं ज्यादा होती हैं। शोधकर्ताओं का मानना है कि ज्यादा रुपए कमाने वाले लोग अक्सर डेटिंग के लिए ज्यादा तैयार रहते हैं। वहीं कम आय वाले लोग प्यार की तलाश में पीछे दिखते हैं। क्योंकि उनका दिल और दिमाग अपनी कमाई व सामने वाले की इच्छाओं के बीच असमंजस महसूस करता है।

लोग बोले, कॉन्फिडेंस का मामला

इस कनाडाई शोध को अमेरिका और जर्मनी दोनों देशों में किया गया। इस दौरान आय के साथ लोगों के रिश्तों में आने वाले बदलाव पर गौर किया गया। अध्ययन में 25 से 35 साल के युवाओं को शामिल किया गया। क्योंकि पार्टनर तलाशने की यह उम्र सही मानी जाती है। दोनों ही अध्ययनों में सामने आया कि जिन लोगों की इनकम ज्यादा है, वे साथी खोजने में हमेशा आगे रहते हैं। ऐसे लोगों को प्यार मिलने की संभावना भी ज्यादा होती है। वहीं जर्मनी में महिलाओं से ज्यादा यह बदलाव पुरुषों में नजर आया।

युवाओं का सबसे बड़ा डर

टोरंटो यूनिवर्सिटी और शोध से जुड़े प्रोफेसर ज्योफ मैकडोनाल्ड का कहना है कि आर्थिक अस्थिरता युवाओं को तर्क संगत लगती है। आज के युवाओं का मानना है कि अगर वे आर्थिक रूप से कमजोर होंगे तो वे रिश्तों का पूरी तरह से आनंद नहीं ले पाएंगे। वह अपने पार्टनर के साथ पूरा न्याय नहीं करेंगे। क्योंकि उन्हें सप्ताह में करीब 80 घंटे काम करना होगा और उनके जीवन में अस्थिरता रहती है।

इसलिए पीछे हटाते हैं कदम

शोधकर्ता ने कहा कि दोनों ही देशों में युवा सबसे ज्यादा अपनी आर्थिक स्थिति को लेकर चिंतित दिखे। अध्ययन की सह लेखिका प्रोफेसर जोहाना पीट्ज ने बताया कि युवाओं को चिंता है कि कमजोर आर्थिक स्थिति के कारण वह रिश्ते को अच्छे से निभा नहीं पाएंगे। क्योंकि वे अपने पार्टनर की बुनियादी जरूरतें पूरी नहीं कर पाएंगे। ऐसे में वे खुद को तैयार नहीं मानते।

ये फैक्टर भी आते हैं काम

शोधकर्ताओं ने बताया कि रिश्तों और रुपयों को लेकर महिला और पुरुषों दोनों की सोच अब एक जैसी ही है। यह शोध संबंधों के बारे में लोगों की, खासतौर पर आज के युवाओं की समझ को बताता है। हालांकि रिश्ता बनाने को लेकर लोगों का व्यक्तित्व, सांस्कृतिक मूल्य और जीवन के लक्ष्य भी मायने रखते हैं। लेकिन सबसे अहम भूमिका अब आर्थिक स्थिति निभा रही है।

मैं अंकिता शर्मा। मुझे मीडिया के तीनों माध्यम प्रिंट, डिजिटल और टीवी का करीब 18 साल का लंबा अनुभव है। मैंने राजस्थान के प्रतिष्ठित पत्रकारिता संस्थानों के साथ काम किया है। इसी के साथ मैं कई प्रतियोगी परीक्षाओं की किताबों की एडिटर भी...