Mere Ghar 12 Kanyae ek Sath Aa Gayi
Mere Ghar 12 Kanyae ek Sath Aa Gayi

Short Story in Hindi: एक बार नवरात्रि के पावन अवसर पर मैंने कन्या पूजन करने का निश्चय किया। इस शुभ कार्य के लिए मैंने अपने पड़ोस से 9 कन्याओं को स्नेहपूर्वक आमंत्रित किया। मन में बहुत खुशी और उत्साह था कि माँ दुर्गा का आशीर्वाद प्राप्त होगा।

निर्धारित समय पर जब कन्याएँ मेरे घर आईं, तो मैंने देखा कि उनके साथ एक छोटी बच्ची के साथ तीन और कन्याएँ भी थीं। अब कुल मिलाकर 12 कन्याएँ हो गई थीं। मैं थोड़ी आश्चर्यचकित हुई और मुस्कुराते हुए उस बच्ची से पूछा, “बेटा, ये कौन हैं?”

उसने बड़ी मासूमियत से जवाब दिया, “ये मेरी बुआ की बेटियाँ हैं। मैं अकेली आ रही थी, तो इन्हें भी साथ ले आई।”

उसकी बात सुनकर मेरे चेहरे पर एक प्यारी सी मुस्कान आ गई। मन ही मन मुझे बहुत अच्छा लगा। मैंने सोचा, “माँ रानी ने खुद ही मेरे घर और ज्यादा कन्याएँ भेज दीं, ताकि मुझे और अधिक आशीर्वाद मिले।”

फिर मैंने सभी कन्याओं को प्रेमपूर्वक बैठाया, उनके चरण धोए और पूरे विधि-विधान से कन्या पूजन किया। सभी बच्चियाँ हँसती-खिलखिलाती रहीं और घर का वातावरण खुशियों से भर गया।

उस दिन मुझे यह एहसास हुआ कि सच्चे मन से किया गया हर काम अपने आप पूर्ण हो जाता है। माँ दुर्गा की कृपा से मेरा घर आनंद और आशीर्वाद से भर गया।

Subscribe GL