Money stress in relationships
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Summary: रिश्तों में पैसे की टेंशन? जानें कैसे पाएं समाधान

पैसों को लेकर खुलकर बातचीत, साझी बजट योजना और आपसी समझ रिश्ते को मजबूत बनाते हैं। आर्थिक तनाव से बचने के लिए फाइनेंशियल प्लानिंग और काउंसलिंग लेना भी फायदेमंद है।

Money Stress in Relationships: कई बार रिश्ते में भरपूर प्यार और भावनात्मक जुड़ाव के बाद भी आर्थिक मुद्दों के कारण रिश्ते में तनाव बढ़ जाता है। पैसे को लेकर रिश्ते में तनाव, एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप, बातचीत में कमी और असुरक्षा का कारण होता है। आइए इस लेख में जानते हैं कि आप किस तरह से अपने रिश्ते में आए आर्थिक कारणों के समस्या को संभाल सकते हैं और कैसे अपने रिश्ते को सुरक्षित रख सकते हैं।

Money stress in relationships
Husband-Wife Conversation Tips

अपने साथी से अपने आमदनी और खर्चों पर खुलकर बात ना कर पाने की वजह से कई तरह की समस्याएं उत्पन्न होती है। जैसे,

आपका साथी नहीं जान पाता कब और कितना खर्च करना सुरक्षित होगा।

आपके साथी को घर के बचत और बजट बनाने में समस्या हो सकती है या फिर ओवर बजटिंग की वजह से आपके ऊपर खर्च का अधिक दबाव पड़ सकता है।

क्या करें: अपने साथी से अपने आमदनी के बारे में खुलकर बात करें तथा साथ बैठकर अपने घर का बजट तैयार करें। आपको अपने आमदनी का कितना भाग को आवश्यकता के लिए खर्च करना है, कितनी बचत महीने में करनी है, इसका प्रारूप साथ मिलकर तय करें।

वर्तमान समय में ज्यादातर कपल्स दोनों मिलकर कमाते हैं। ऐसे में कपल्स के अंदर तेरा पैसा, मेरा पैसा तुम्हारे खर्चे, मेरे खर्चे जैसी भावना पैदा होती है जो कि आपके रिश्ते में दूरी बनाने का काम करती है।

क्या करें: अपने रिश्ते में तेरे-मेरे की भावना को ना आने दें। अपने रिश्ते में हमारे की भावना बनाएं जैसे, हमारा घर, हमारी कमाई, हमारा बजट, इस तरह की सोच आपके रिश्ते को ज्यादा मजबूत बनाता है तथा रिश्ते में साथी एक दूसरे के साथ ज्यादा सुरक्षित तथा भावनात्मक रूप से जुड़ा हुआ महसूस करते हैं।

अक्सर देखा जाता है कि लोग अपनी तुलना दूसरों से करने लगते हैं। वह अपने आसपास के लोगों की जीवनशैली से प्रभावित होकर खुद के ऊपर उनकी तरह जीने के लिए दबाव डालते हैं और ना चाहते हुए भी खुद को EMI के जाल में फंसा लेते हैं।

क्या करें: अपने जीवन की जरूरत को अपनी आमदनी के अनुसार प्लान करें ना कि दूसरों को देखकर। अगर आप कुछ बड़ा खरीदने का प्लान कर रहे हैं तो पहले अपना बजट तैयार करें तब फैसला लें। दूसरों को देखकर उन चीजों को ना खरीदे जो बेवजह आपके बजट पर दबाव बढ़ाए और आपके तनाव का कारण बनें। छोटे-छोटे खर्चों को भी जरूरत के अनुसार करें, बेवजह के खर्चे आपके महीने की बचत पर बुरा असर डाल सकते हैं।

किसी के भी जीवन में आपातकाल कभी भी किसी भी रूप में आ सकता है उसकी तैयारी अभी से करना जरूरी है।

अपनी कमाई का कुछ हिस्सा आपातकाल खर्चे के तौर पर अलग रखें। जिससे अचानक नौकरी चल जाने या किसी बीमारी की स्थिति में अचानक आए पैसे के दबाव को संभालना संभाल जा सके।

अगर आपके साथी के साथ लगातार आर्थिक मुद्दों को लेकर झगड़ा या मनमुटाव हो रहा है तो इसके समाधान के लिए फाइनेंशियल काउंसलर या कपल काउंसलर काउंसलर से सलाह लें। यह आपके लिए उपयोगी होगा।

निशा निक ने एमए हिंदी किया है और वह हिंदी क्रिएटिव राइटिंग व कंटेंट राइटिंग में सक्रिय हैं। वह कहानियों, कविताओं और लेखों के माध्यम से विचारों और भावनाओं को अभिव्यक्त करती हैं। साथ ही,पेरेंटिंग, प्रेगनेंसी और महिलाओं से जुड़े मुद्दों...