Shami Plant in the garden with green leaves
Shami Plant Vastu

Summary: शमी के पौधे की ख़ास बात

कुछ पौधों को केवल पर्यावरणीय दृष्टि से ही नहीं बल्कि धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से भी शुभ माना जाता है। उन्हीं में से एक है शमी का पौधा जिसे हिंदू धर्म में बहुत पवित्र माना गया है।

Benefits of Keeping Shami Plant: भारतीय संस्कृति में पेड़-पौधों का विशेष महत्व है। कुछ पौधों को केवल पर्यावरणीय दृष्टि से ही नहीं बल्कि धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से भी शुभ माना जाता है। उन्हीं में से एक है शमी का पौधा जिसे हिंदू धर्म में बहुत पवित्र माना गया है। इसे घर में लगाने से सुख-समृद्धि बढ़ती है, नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और शनि दोष से बचाव होता है। वास्तुशास्त्र के अनुसार, शमी का पौधा घर के लिए अत्यंत शुभ होता है। इस लेख में हम शमी के पौधे को भारतीय घरों में लगाने के पांच प्रमुख कारणों पर विस्तार से चर्चा करेंगे।

शमी के पौधे को नकारात्मक ऊर्जा नष्ट करने वाला पौधा माना जाता है। वास्तुशास्त्र के अनुसार, अगर घर में किसी भी प्रकार का वास्तु दोष होता है तो शमी का पौधा उसे दूर कर सकता है। इसे घर के मुख्य द्वार या उत्तर-पूर्व दिशा में लगाने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। यह घर के वातावरण को शांतिपूर्ण बनाता है और पारिवारिक संबंधों में मधुरता लाने में मदद करता है। अगर घर में बार-बार झगड़े या तनाव की स्थिति बनी रहती है तो शमी का पौधा लगाने से वातावरण में सकारात्मक बदलाव आता है।

Protection from Shani Dosha and evil eye
Protection from Shani Dosha and evil eye

हिंदू धर्म में शमी का पौधा शनि देव से जुड़ा हुआ है। ऐसी मान्यता है कि जो लोग शनि की महादशा, साढ़े साती या ढैय्या से पीड़ित होते हैं, उन्हें अपने घर में शमी का पौधा अवश्य लगाना चाहिए और इसकी नियमित पूजा करनी चाहिए। अगर किसी व्यक्ति की कुंडली में शनि दोष हो तो उसे शमी के पौधे की पूजा करनी चाहिए और शनिदेव को शमी के पत्ते अर्पित करने चाहिए। 

shami green leaves in garden
shami green leaves in garden

शमी के पौधे को सुख-समृद्धि और धन वृद्धि का प्रतीक माना जाता है। कई मान्यताओं के अनुसार, यह पौधा घर में आर्थिक संपन्नता लाने में मदद करता है। इसे घर के मुख्य द्वार के पास लगाने से घर में लक्ष्मी का वास होता है और आर्थिक परेशानियाँ दूर होती हैं। व्यवसाय या नौकरी में सफलता प्राप्त करने के लिए इसे कार्यस्थल या दुकान में भी लगाया जा सकता है। 

शमी का पौधा केवल धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से ही महत्वपूर्ण नहीं है बल्कि यह पर्यावरण के लिए भी अत्यंत लाभकारी है। यह पौधा कठोर जलवायु में भी आसानी से उग सकता है और कम पानी में भी जीवित रह सकता है। यह वातावरण में ऑक्सीजन की मात्रा को बढ़ाता है और हवा को शुद्ध करता है। शमी का पौधा प्रदूषण को कम करने में सहायक होता है और इसे घर में लगाने से वायु की गुणवत्ता में सुधार होता है। 

शमी का पौधा आयुर्वेद में भी बहुत उपयोगी माना जाता है। इसकी पत्तियाँ, छाल और बीज विभिन्न औषधीय गुणों से भरपूर होते हैं। इसकी पत्तियों का उपयोग त्वचा रोगों, बुखार और सूजन को कम करने के लिए किया जाता है। इसका उपयोग मधुमेह, पाचन समस्याओं और रक्त शुद्धिकरण के लिए भी किया जाता है। शमी के पौधे से प्राप्त औषधियाँ घाव भरने, सर्दी-खाँसी और जोड़ों के दर्द में भी लाभकारी होती हैं।

संजय शेफर्ड एक लेखक और घुमक्कड़ हैं, जिनका जन्म उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में हुआ। पढ़ाई-लिखाई दिल्ली और मुंबई में हुई। 2016 से परस्पर घूम और लिख रहे हैं। वर्तमान में स्वतंत्र रूप से लेखन एवं टोयटा, महेन्द्रा एडवेंचर और पर्यटन मंत्रालय...