Hindi Kahani: लंच के बीच नेहा ने मोबाइल चेक किया तो इंस्टाग्राम पर विवान की फ्रेंड्स रिक्वेस्ट पर नज़र चली गई। आज उसने रिक्वेस्ट एक्सेप्ट कर ही ली।
ऑफिस से घर लौटी तो रात को बेड पर लेट कर विवान की प्रोफाइल देखी। हिंदी गीत संगीत से भरपूर थी। अधिकतर गीत सत्तर के दशक के थे। नेहा को भी उस वक्त के गीत बहुत पसंद थे। स्क्रॉल करते हुए वो विवान की तस्वीर देखना चाह रही थी और काफी देर बाद विवान की तस्वीर दिखी।
नेहा जड़वत रह गई। विवान असल में ‘विशाल’ था पर ये सब कब और कैसे…?
विवान की तस्वीर पर बज रहा गीत ‘क्या हुआ तेरा वादा’
नेहा के नैनों से आंसुओं की बारिश हो गई।
कॉलेज का ज़माना उसके दिलो दिमाग पर काबिज़ हो गया।
एडमिशन होने पर रैगिंग से विशाल ने ही बचाया था। उसके बाद तो चाहे कल्चरर प्रोग्राम हों या प्रोजेक्ट्स बनाने हो, दोनों साथ ही होते थे।
फेयरवेल पर विशाल ने मौका देख कर नेहा को प्रपोज कर दिया। नेहा ने शर्मीली मुसकुराहट के साथ आंखें झुका कर इस प्रेम के रिश्ते पर मुहर लगा दी।
विशाल ने उसे बताया कि आगे की पढ़ाई के लिए वो तीन साल के लिए वो बाहर जा रहा है, नेहा उससे वादा करे कि वो उसका इंतजार करेगी। नेहा ने उसके हाथों में अपना हाथ सौंप बेहिचक हामी भर दी।
विशाल चला गया और पीछे नेहा अपने घरवालों के ताने शिकवे शिकायतों से जूझती रही पर विशाल ही उसका जीवनसाथी बनेगा, इस इरादे से इंच भर भी पीछे ना हटी।
विशाल के आने में कुछ ही दिन बाकी थे कि उसकी मां नेहा के घर आई।
“नेहा, तुम्हें अंधेरे में नहीं रखना चाहती, विशाल को मैं अपनी सहेली की बेटी संग ब्याहना चाहती हूं पर जानती हूं कि वो तुम्हारे अलावा किसी से शादी नहीं करेगा और मैं तुम्हें अपने परिवार में बहू का सम्मान नहीं दे पाऊंगी, विशाल ना चाहते हुए भी परिवार और पत्नी में पिसता रहेगा, आगे तुम सोच लो।”
ये सब देख सुन कर नेहा की मां ने उसे अपने सीने में भींच लिया। नेहा का दिल हज़ार टुकड़ों में टूट कर बिखर गया।
पिछले अढ़ाई सालों से वो अध्यापन का कार्य कर रही थी। उसने प्रिंसिपल से बहुत मनुहार करके जल्द से जल्द अपना ट्रांसफर कानपुर में करवा लिया।
उधर विशाल तो जैसे अंगारों में लोट रहा था। नेहा ने अचानक ही उसके फ़ोन क्यूं उठाने बंद कर दिए ? ये बात जानने के लिए वो वापिस आने के बाद नेहा के घर पहुंचा पर किसी ने उसे नेहा के बारे कुछ ना बताया।
नेहा की मां ने दो टूक जवाब दे दिया कि,“जाके अपनी मां से पूछो”
अपनी मां से सच जानने के बाद विशाल के अधरों पर एक व्यंगात्मक मुस्कान आ गई।
“और आपको लगता है कि मैं नेहा को भूल कर सीमा से शादी कर लूंगा, उफ्फ काश आप अपने बेटे को समझती”
आशा ने उसे बहुतेरा समझाने की कोशिश की पर नतीज़ा सिफर निकला। डेढ़ साल बीत गया। नेहा और विशाल दोनों ही थके से जिंदगी जी रहे थे।
एक दिन विशाल को इंस्टाग्राम पर नेहा दिख गई। वो जानता था कि नेहा कभी विशाल को नहीं स्वाकारेगी।
उसने विवान नाम से अकाउंट बना कर रिक्वेस्ट सेंड की।
अब नेहा को विशाल और उससे ज्यादा खुद पर गुस्सा आ रहा था कि उसने रिक्वेस्ट एक्सेप्ट ही क्यूं की!
अगले दिन उसकी मां सुजाता उसके फ्लैट पर आई।
“विशाल ने अब तक शादी नहीं की नेहा, उसे आज भी तेरा इंतजार है बेटी, उसे अपना ले, विशाल तुझे सच मे बहुत चाहता है” सुजाता ने उसे ये भी बताया कि वो आज भी हमारे घर आता है सिर्फ तेरे लिए, अपनी जिंदगी संवार ले नेहा, इतना प्यार बहुत कम लोगों को नसीब होता है मेरी बच्ची”
नेहा सुजाता के गले से लग गई।
अगले दिन नेहा ने स्टेटस लगाया जिसका गीत था “साजन, साजन तेरी दुल्हन तुझको पुकारे आजा”
इधर नेहा का चेहरा सुर्ख हो गया था और उधर विशाल को आज उसका प्यार वापिस मिल गया था।
