Summary: वैलेंटाइन सीजन में फिशिंग लिंक, नकली प्रोफाइल और लुभावने ऑफर्स से ऐसे रहें सावधान
वैलेंटाइन डे के दौरान ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर बढ़ती गतिविधियों के साथ साइबर स्कैम का खतरा भी बढ़ जाता है। AI तकनीक की मदद से ठग अब नकली प्रोफाइल, भावनात्मक कहानियों, लुभावने शॉपिंग ऑफर्स और फिशिंग लिंक के जरिए लोगों को निशाना बना रहे हैं।
Valentine Week Romance Scams: वैलेंटाइन डे आते ही डेटिंग ऐप्स, सोशल मीडिया और मैट्रिमोनियल साइट्स पर एक्टिविटी अचानक बढ़ जाती है। सबकी उम्मीद रहती है कि शायद इस बार कोई खास मिल जाए। लेकिन जहां डिजिटल दुनिया ने रिश्ते बनाना आसान किया है, वहीं इसने ठगों के लिए भी नए रास्ते खोल दिए हैं। इसी तरह ऑनलाइन शॉपिंग के मामलों में भी फंसने के खूब चांस रहते हैं। आइए जानते हैं कि इस वैलेंटाइन डे आप खुद को कैसे साइबर स्कैम से बचा सकते हैं।
क्यों बढ़ रहे हैं ऑनलाइन रोमांस स्कैम?
डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अनजान लोगों से जुड़ना आसान है, और यही बात स्कैमर्स के लिए फायदेमंद बनती है। वे नकली प्रोफाइल बनाकर खुद को सैनिक, डॉक्टर, इंजीनियर या विदेश में फंसे किसी प्रोफेशनल के रूप में पेश करते हैं। कुछ ही दिनों की बातचीत में वे इमोशनल जुड़ाव बना लेते हैं, ताकि सामने वाला व्यक्ति उन पर भरोसा करने लगे। लोग लाखों रुपये तक गंवा रहे हैं, खासकर तब जब उनसे क्रिप्टोकरेंसी, गिफ्ट कार्ड या इंटरनेशनल ट्रांसफर के जरिए पैसे मांगे जाते हैं।
AI ने ठगी को बनाया और खतरनाक
AI टूल्स की मदद से स्कैमर्स अब एक साथ कई लोगों को पर्सनल और इमोशनल मैसेज भेज सकते हैं। ये मैसेज इतने नैचुरल लगते हैं कि यह पहचान पाना मुश्किल हो जाता है कि सामने इंसान है या मशीन। सिर्फ टेक्स्ट ही नहीं, अब वॉइस क्लोनिंग और डीपफेक वीडियो भी इस्तेमाल किए जा रहे हैं। यानी कोई ठग आपकी “ऑनलाइन पार्टनर” की आवाज में बात कर सकता है या नकली वीडियो कॉल जैसा कंटेंट भेज सकता है।
न फंसें रोमांटिक ऑफर्स के जाल में
रोमांस स्कैम के अलावा वैलेंटाइन सीजन में ऑनलाइन शॉपिंग फ्रॉड भी तेजी से बढ़ते हैं। वैलेंटाइन वीक के दौरान ऑनलाइन शॉपिंग साइट्स पर ढेरों लुभावने ऑफर्स दिखाई देते हैं, और यही मौका साइबर अपराधियों के लिए सबसे अनुकूल होता है। नकली डिस्काउंट और आकर्षक डील्स के नाम पर वे लोगों को जाल में फंसाने की कोशिश करते हैं। ऐसे समय में जरूरी है कि आप हर ऑफर पर आंख बंद करके भरोसा न करें।
फिशिंग लिंक और फर्जी ईमेल से रहें सावधान
साइबर ठग अक्सर फिशिंग ईमेल, मैसेज या सोशल मीडिया लिंक के जरिए लोगों की निजी जानकारी चुराने की कोशिश करते हैं। ये मैसेज दिखने में बिल्कुल असली ब्रांड या वेबसाइट जैसे लग सकते हैं, लेकिन इनका मकसद आपको नकली वेबसाइट पर ले जाकर आपकी डिटेल्स हासिल करना होता है।
कैसे पहचानें स्कैम?
थोड़ी सी सतर्कता आपको बड़े नुकसान से बचा सकती है। अगर तस्वीरें मॉडल जैसी लगती हैं या प्रोफाइल जरूरत से ज्यादा परफेक्ट है, तो शक कीजिए। गूगल रिवर्स इमेज सर्च से पता लगाया जा सकता है कि फोटो कहीं और से तो नहीं ली गई। अगर कोई व्यक्ति तुरंत ऐप छोड़कर व्हाट्सऐप, टेलीग्राम या ईमेल पर बात करना चाहे, तो सावधान हो जाएं। बार-बार प्लान कैंसल करना या वीडियो कॉल से बचना रेड फ्लैग है। चाहे वजह कितनी भी इमोशनल क्यों न हो, पैसे भेजने की मांग लगभग हमेशा स्कैम का संकेत होती है।
इसी तरह किसी भी लिंक पर क्लिक करने की गलती न करें। यदि किसी लिंक को लेकर आपको गड़बड़ी लग रही है, तो उसके बारे में छानबीन करें।
साइबर स्कैम से खुद को कैसे रखें सुरक्षित?
प्यार की तलाश में सतर्क रहना बिल्कुल भी गलत नहीं है। धीरे-धीरे भरोसा करें, किसी की बातों में तुरंत न आएं। पता, बैंक डिटेल्स या आईडी प्रूफ कभी न भेजें। संदिग्ध प्रोफाइल रिपोर्ट करें। कभी पैसे न भेजें, खासकर किसी ऐसे व्यक्ति को जिससे आप असल जिंदगी में नहीं मिले।
हमेशा भरोसेमंद और जानी-पहचानी वेबसाइट्स या ऐप्स से ही खरीदारी करें। किसी अनजान लिंक, नई वेबसाइट या संदिग्ध पेज से शॉपिंग करने से बचें, चाहे ऑफर कितना भी आकर्षक क्यों न लगे। इसलिए किसी भी अनजाने लिंक पर क्लिक करने से पहले अच्छी तरह जांच लें। ईमेल या मैसेज में मिले संदिग्ध अटैचमेंट्स को खोलने से बचें, क्योंकि इनमें वायरस या डेटा चुराने वाले सॉफ्टवेयर हो सकते हैं।
