A couple holding hands on a beach at sunset.
Love Without Words

Summary : ख़ामोशी में बसता मर्यादित प्रेमख़ामोश दिलों की अनकही कहानी

यह भावनात्मक कहानी शिखा और अमित के उस निःस्वार्थ रिश्ते को दर्शाती है, जहाँ प्रेम ने इज़हार नहीं बल्कि मर्यादा और सम्मान का रास्ता चुना। बीमार पत्नी के प्रति अमित की ज़िम्मेदारी और शिखा की ख़ामोश मोहब्बत, सच्चे प्यार की गहराई को उजागर करती है।

Hindi Love Story: शिखा शहर के उस अपार्टमेंट में रहती थी, जहाँ खामोशी भी अपनी एक आवाज़ रखती थी। जिस फ़्लोर पर उसका घर था, वहाँ कुल चार फ़्लैट थे, लेकिन शिखा के अलावा बाकी तीनों फ़्लैट कई सालों से खाली पड़े थे। यह खालीपन उसे एक अजीब-सा सुकून देता था।एक शाम मौसम कुछ खराब था। आसमान में बादल थे और हवा में हल्की सी ठंडक। शिखा रसोई में चाय बना रही थी कि अचानक दरवाज़े पर दस्तक हुई। उसने जाली के पार देखा तो एक अनजान-सा शख्स खड़ा था,चेहरे पर थकान, आँखों में संकोच और आवाज़ में झिझक। उसने कहा, माफ़ कीजिए,क्या थोड़ा पीने का पानी मिल सकता है? शिखा ने बिना कोई सवाल किए दरवाज़ा खोला और पानी दे दिया। बातचीत में पता चला कि उसका नाम अमित है और वह बगल वाले फ़्लैट में ही रहने आया है।

सालों बाद उस फ़्लोर पर किसी और की मौजूदगी ने शिखा के मन में एक हल्की-सी हलचल पैदा कर दी।

अगले कुछ दिनों में उनकी मुलाक़ातें आम होने लगीं। कभी सीढ़ियों पर, कभी पार्किंग में। एक दिन शिखा ने अमित के साथ एक छोटे-से बच्चे को देखा गोल चेहरा, मासूम आँखें और होंठों पर हमेशा तैरती हल्की मुस्कान। ये मेरा बेटा है, विराज, अमित ने प्यार से कहा।

शिखा ने महसूस किया कि अमित की आँखों में विराज के लिए बहुत स्नेह है। लेकिन एक बात उसे लगातार खटक रही थी,उसने कभी विराज की माँ को नहीं देखा था। न बालकनी में, न दरवाज़े पर, न ही किसी और जगह । एक शाम, जब अमित कुछ ज़्यादा ही थका और परेशान लग रहा था, शिखा ने धीरे से पूछ लिया आप मुझे हमेशा कुछ परेशान से लगते हैं, ऐसा क्यों?

अमित कुछ पल खामोश रहा। फिर उसकी आवाज़ में एक गहरी थकान उतर आई। मेरी पत्नी नीना… वो बीमार है। उस रात अमित ने पहली बार अपने दिल का दर्द किसी से साझा किया। उसने बताया कि दो साल पहले नीना को दवाइयों का गंभीर रिएक्शन हुआ था। उसी के बाद वह डिप्रेशन में चली गई। धीरे-धीरे उसकी याददाश्त कमजोर होती गई। पहले छोटी बातें, फिर रिश्ते और एक दिन ऐसा आया जब उसने अपने पति और बेटे तक को पहचानने से इंकार कर दिया। पिछले दो सालों से उसका इलाज पास के अस्पताल में चल रहा है, अमित की आँखें भर आईं। उसे घर पर रखना सुरक्षित नहीं है। कभी-कभी वो बहुत आक्रामक हो जाती है। डॉक्टर साफ़ कह चुके हैं अब वो कभी पूरी तरह ठीक नहीं हो पाएगी।

Silhouette of a romantic couple with foreheads touching at sunset
A Love That Stayed Silent

शिखा का दिल बैठ-सा गया। उसने पहली बार किसी आदमी को इतना मज़बूत और इतना टूटा हुआ एक साथ देखा था। अमित की बातों में अपनी पत्नी के लिए गहरी ज़िम्मेदारी और बेइंतहा प्यार साफ़ झलक रहा था। वह रोज़ अस्पताल जाता, नीना के लिए कपड़े ले जाता, उसके पास बैठकर उनकी पुरानी ज़िंदगी के किस्से सुनाता, भले ही नीना उसे सुनकर भी पहचान न पाती। विराज को संभालते हुए, घर और अस्पताल के बीच दौड़ते हुए भी अमित ने कभी अपने फ़र्ज़ से मुँह नहीं मोड़ा।

समय धीरे-धीरे आगे बढ़ता गया। शिखा एक दोस्त की तरह सहारा बनकर अमित और विराज के और क़रीब आती चली गई। वह विराज को कहानियाँ सुनाती, उसके लिए खाना बनाती और कभी-कभी अमित के चेहरे पर आई थकान को अपनी मुस्कान से हल्का कर देती।

लेकिन शिखा ने कभी अपने दिल की बात अमित से नहीं कही। वह जानती थी जिस आदमी ने अपनी बीमार पत्नी को इस हाल में भी हमेशा प्यार और सम्मान दिया है , उसके सामने अपने प्यार की बात रखना उस पवित्र रिश्ते का अपमान होगा। एक दिन अस्पताल में नीना की हालत और बिगड़ गई। अमित टूट-सा गया। उस रात शिखा देर तक मंदिर में बैठी रही,आँखों में आँसू और दिल में बस एक दुआ लिए हुए। कुछ महीनों बाद नीना इस दुनिया से चली गई।

शिखा चाहती तो अब अपने प्यार का इज़हार कर सकती थी, लेकिन उसने ख़ामोशी को चुना। उसने अमित के दुख को दूर से सम्मान दिया। उसका मानना था कुछ रिश्तों में इजहार नहीं बल्कि समझ और मर्यादा जरुरी होती है इसलिए उसका प्यार हमेशा उसी मर्यादा में अमर रहा।

उत्तराखंड से ताल्लुक रखने वाली तरूणा ने 2020 में यूट्यूब चैनल के ज़रिए अपने करियर की शुरुआत की। इसके बाद इंडिया टीवी के लिए आर्टिकल्स लिखे और नीलेश मिश्रा की वेबसाइट पर कहानियाँ प्रकाशित हुईं। वर्तमान में देश की अग्रणी महिला पत्रिका...