A smiling man sitting with a small child wearing a hat, sharing a cheerful moment together.
The actor spoke about the deliberate choice he and his wife, Sheetal Thakur, took concerning their son Vardaan’s official documents.

Smmary: बेटे के बर्थ सर्टिफिकेट में धर्म नहीं लिखा: विक्रांत मैसी का बड़ा फैसला

विक्रांत मैसी और शीतल ठाकुर ने अपने बेटे वरदान के जन्म प्रमाण पत्र में धर्म का कॉलम खाली छोड़ने का फैसला लिया। उनका मानना है कि बच्चा बड़ा होकर खुद अपनी आस्था और पहचान चुन सके।

Vardaan Birth Certificate: अभिनेता विक्रांत मैसी अपने सादगी भरे स्वभाव और दमदार अभिनय के लिए पहचाने जाते हैं, लेकिन इस बार वह अपनी फिल्मों नहीं बल्कि निजी जिंदगी से जुड़े एक फैसले की वजह से चर्चा में हैं। हाल ही में एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि उन्होंने और उनकी पत्नी शीतल ठाकुर ने अपने बेटे के जन्म प्रमाण पत्र में ‘धर्म’ वाला कॉलम जानबूझकर खाली छोड़ा है।

विक्रांत और शीतल के बेटे वरदान का जन्म 7 फरवरी 2024 को हुआ था। जन्म के समय ही दोनों ने तय किया कि बच्चे पर कोई धार्मिक पहचान थोपी नहीं जाएगी। विक्रांत का कहना है कि सरकार नागरिकों को यह विकल्प देती है कि वे धर्म का उल्लेख करें या न करें, और उन्होंने अपने अधिकार का उपयोग किया। उनका मानना है कि जब बच्चा बड़ा होगा, तब वह खुद तय करे कि उसे किस राह पर चलना है।

अपने अनुभव से लिया फैसला

विक्रांत ने बताया कि वह एक बहु-सांस्कृतिक परिवार से आते हैं और उन्होंने धर्म के नाम पर होने वाले मतभेदों का नकारात्मक पक्ष भी देखा है। इसी कारण वह अपने बच्चे को पहले इंसान बनाना चाहते हैं, किसी एक पहचान में बांधना नहीं। उनके मुताबिक, बच्चे को अपनी सोच और समझ विकसित करने का पूरा अधिकार होना चाहिए।

A couple posing with their baby at a decorated celebration event.
Last year, Vikrant Massey shared that he and his wife, Sheetal Thakur, deliberately chose not to mention any religion on their son Vardaan’s birth certificate.

हर जगह मिलता है सुकून

उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय व्यवस्था अब व्यक्तिगत स्वतंत्रता को ज्यादा महत्व देने लगी है। जैसे आज कई दस्तावेजों में महिलाओं के लिए पति का नाम लिखना अनिवार्य नहीं रहा, उसी तरह धर्म लिखना भी व्यक्ति की पसंद पर निर्भर है। विक्रांत ने कहा कि उनके अनुसार धर्म व्यक्ति की निजी पसंद है और हर किसी को अपनी आस्था चुनने का अधिकार होना चाहिए। उन्होंने बताया कि उनके घर में अलग-अलग धर्मों की परंपराएं हैं और वे मंदिर में पूजा करने के साथ-साथ गुरुद्वारे और दरगाह भी जाते हैं, क्योंकि उन्हें हर जगह सुकून मिलता है।

करवा चौथ की वायरल तस्वीर पर क्या कहा

इंटरव्यू के दौरान करवा चौथ की वह वायरल तस्वीर भी चर्चा में आई, जिसमें विक्रांत अपनी पत्नी शीतल के पैर छूते नजर आए थे। इस पर उन्होंने कहा कि यह कोई खास बलिदान नहीं बल्कि सम्मान जताने का तरीका है।

A couple posing together and a man touching a woman’s feet during a traditional ritual at night.
A couple posing together and a man touching a woman’s feet during a traditional ritual at night.

विक्रांत के मुताबिक उन्हें अजीब लगता है जब लोग उनके पैर छूते हैं, इसलिए वह अक्सर सामने वाले के पैर छूकर सम्मान लौटा देते हैं। पत्नी के साथ भी उन्होंने इसी भावना से ऐसा किया। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि यह सिर्फ करवा चौथ तक सीमित नहीं है, वह कई बार शीतल के पैर छू चुके हैं और इसे सम्मान का भाव मानते हैं।

ऑन-स्क्रीन के साथ ऑफ-स्क्रीन भी रहते हैं चर्चा में

विक्रांत मैसी जल्द ही विशाल भारद्वाज की फिल्म ओ’रोमियो में नजर आने वाले हैं, लेकिन उनके विचारों ने यह साबित किया है कि वह सिर्फ अभिनय ही नहीं, अपनी सोच के कारण भी लोगों का ध्यान खींचते हैं।

उनका यह कदम समाज में पहचान, परवरिश और व्यक्तिगत स्वतंत्रता पर नई चर्चा शुरू कर रहा है कि बच्चों को पहचान दी जाए या उन्हें खुद चुनने का अधिकार दिया जाए।

अभिलाषा सक्सेना चक्रवर्ती पिछले 15 वर्षों से प्रिंट और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। हिंदी और अंग्रेज़ी दोनों भाषाओं में दक्षता रखने वाली अभिलाषा ने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान टाइम्स, भोपाल से की थी। डीएनए, नईदुनिया, फर्स्ट इंडिया,...