Summary: कटिंग से लगाएं पौधे की खास बात
हरे-भरे पौधे न केवल पर्यावरण को स्वच्छ रखते हैं बल्कि हमारे जीवन में सकारात्मक ऊर्जा भी भरते हैं। लेकिन कई बार पौधे खरीदना महंगा पड़ सकता है, खासकर तब जब आप अधिक संख्या में पौधे लगाना चाहते हैं।
How to Grow Plants from Cuttings: प्रकृति की गोद में रहना और हरियाली को अपने आसपास बसाना हर किसी का सपना होता है। हरे-भरे पौधे न केवल पर्यावरण को स्वच्छ रखते हैं बल्कि हमारे जीवन में सकारात्मक ऊर्जा भी भरते हैं। लेकिन कई बार पौधे खरीदना महंगा पड़ सकता है, खासकर तब जब आप अधिक संख्या में पौधे लगाना चाहते हैं। ऐसे में, कटिंग से पौधे उगाने की विधि एक सरल और किफायती उपाय है जिससे आप कम खर्च में अपने घर या बगीचे को हरियाली से भर सकते हैं।
कटिंग से पौधे उगाने का महत्व
प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने के लिए पौधों का अधिक से अधिक रोपण आवश्यक है। हालांकि, हर किसी के लिए नए पौधे खरीदना संभव नहीं होता। कटिंग से पौधे उगाने की विधि विशेष रूप से उन लोगों के लिए उपयोगी है जो बागवानी में रुचि रखते हैं और कम लागत में अधिक से अधिक पौधे लगाना चाहते हैं। यह विधि न केवल सरल और प्रभावी है, बल्कि इसके माध्यम से पौधे तेजी से बढ़ते भी हैं। कटिंग से तैयार किए गए पौधे मूल पौधे की सभी विशेषताओं को बनाए रखते हैं जिससे उनकी गुणवत्ता भी बनी रहती है।
किन पौधों की कटिंग से हो सकती है वृद्धि?
हर पौधा कटिंग से विकसित नहीं किया जा सकता लेकिन कुछ पौधे ऐसे होते हैं जो इस विधि से बहुत ही आसानी से बढ़ते हैं। इनमें मनी प्लांट, तुलसी, एलोवेरा, गुड़हल, स्नेक प्लांट, पोथोस, पुदीना और रोज़मेरी जैसे पौधे शामिल हैं। ये पौधे न केवल पर्यावरण के अनुकूल होते हैं बल्कि इनकी देखभाल भी बहुत आसान होती है। कटिंग से पौधे उगाने की प्रक्रिया बहुत आसान है लेकिन इसके लिए कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना आवश्यक होता है।
1. सही कटिंग का चयन

सबसे पहले, आपको एक स्वस्थ और मजबूत टहनी चुननी होगी, जिसकी लंबाई कम से कम 4-6 इंच हो। टहनी को तेज धार वाले चाकू या कैंची की सहायता से 45-डिग्री के कोण पर काटना चाहिए, जिससे उसकी वृद्धि तेजी से हो सके। इसके बाद, टहनी के निचले हिस्से की पत्तियों को हटा देना चाहिए, ताकि जड़ों के उगने में आसानी हो।
2. पानी में जड़ उगाना

कुछ पौधे, जैसे मनी प्लांट और पुदीना, पानी में बहुत जल्दी जड़ें निकालते हैं। इसके लिए एक साफ गिलास या बोतल में पानी भरकर उसमें कटिंग डाल दी जाती है। इसे ऐसी जगह रखना चाहिए, जहाँ पर अप्रत्यक्ष सूर्य का प्रकाश मिलता रहे। हर 3-4 दिन में पानी बदलने से जड़ें जल्दी विकसित होती हैं। लगभग 10-15 दिनों में जब जड़ें निकल आती हैं, तब इन कटिंग को मिट्टी में रोपा जा सकता है।
3. सीधे मिट्टी में लगाना

यदि आप सीधे मिट्टी में पौधा लगाना चाहते हैं, तो पहले अच्छी गुणवत्ता वाली मिट्टी तैयार करनी होगी। गमले या जमीन में उचित जल निकासी की व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि अधिक पानी से कटिंग सड़े नहीं। कटिंग को मिट्टी में 2-3 इंच तक दबाकर हल्का पानी देना चाहिए और इसे कुछ दिनों तक छायादार स्थान पर रखना चाहिए। 3-4 सप्ताह में यह कटिंग एक हरे-भरे पौधे का रूप ले लेती है।
