Growing Plant Through Cutting
Growing Plant Through Cutting

Summary: कटिंग से पौधे कैसे लगाएं

अगर आप थोड़ा धैर्य और थोड़ी समझदारी अपनाएं तो बिना ज्यादा खर्च किए भी आप अपने गार्डन को हरा-भरा बना सकते हैं। इसका सबसे कारगर और व्यावहारिक तरीका है कटिंग से पौधे उगाना।

Growing Plant Through Cutting: आज के दौर में जब हर चीज़ महंगी होती जा रही है जिसकी वजह से अपने घर में एक सुंदर और हरा-भरा गार्डन बनाना कई लोगों को महंगा सपना लगता है। लेकिन अगर आप थोड़ा धैर्य और थोड़ी समझदारी अपनाएं तो बिना ज्यादा खर्च किए भी आप अपने गार्डन को हरा-भरा बना सकते हैं। इसका सबसे कारगर और व्यावहारिक तरीका है कटिंग से पौधे उगाना। यह न सिर्फ आसान है बल्कि प्रकृति से जुड़ने का एक सुखद अनुभव भी है। कटिंग का मतलब है किसी पौधे की शाखा, पत्ती या तने के हिस्से को काटकर नई जगह पर उगाना। कुछ ही दिनों में यह हिस्सा जड़ें निकालता है और एक नया पौधा बन जाता है। आइए, इस लेख में जानें कि आप कैसे इस विधि को अपनाकर अपने गार्डन में हरियाली ला सकते हैं।

Growing Plant Through Cutting
Plants that are easy to grow from cuttings

हर पौधा कटिंग से नहीं उगता लेकिन कई सामान्य और लोकप्रिय पौधे इस तरीके से बहुत आसानी से उग जाते हैं। जैसे गुलाब,  गुड़हल, मनी प्लांट, तुलसी, पोथोस,  अजवाइन,  चमेली, शेफलेरा और लेमन ग्रास। इन पौधों को आप अपने आस-पास के गार्डन, पड़ोसियों या दोस्तों से एक टहनी लेकर ही घर ले आ सकते हैं।

कटिंग लेने के लिए स्वस्थ, हरा-भरा और रोगमुक्त पौधा चुनें। 4-6 इंच लंबी टहनी काटें ताकि उसमें से जड़ें निकलने में आसानी हो। नीचे की पत्तियाँ हटा दें और ऊपर की 1-2 पत्तियाँ रखें। अब इस कटिंग को मिट्टी या पानी में लगाएं। मनी प्लांट जैसे पौधे पानी में भी जड़ पकड़ लेते हैं, जबकि बाकी पौधों के लिए मिट्टी बेहतर रहती है।

soil
Which soil to use?

कटिंग को लगाने के लिए हल्की और भुरभुरी मिट्टी चाहिए। इसके लिए 50% बागवानी मिट्टी, 25% बालू और 25% गोबर की सड़ी हुई खाद का मिश्रण बनाएं। यह संयोजन जड़ों को साँस लेने की जगह देता है और सड़ने से भी बचाता है। कटिंग को लगभग 2 इंच मिट्टी में लगाएं और हल्का पानी दें।

कटिंग को बहुत तेज धूप में न रखें। इसे किसी छायादार जगह पर रखें जहाँ हवा भी आती रहे। रोज हल्का पानी छिड़कें लेकिन ज़रूरत से ज्यादा पानी न दें, नहीं तो कटिंग सड़ सकती है। 10-15 दिन में अगर कटिंग में नई पत्तियाँ या जड़ें दिखने लगें तो समझिए पौधा तैयार है। अब इसे आप बड़े गमले में शिफ्ट कर सकते हैं।

Garden
Garden cheaply and serve the environment too

कटिंग से पौधे उगाना सिर्फ सस्ता विकल्प नहीं है। यह पर्यावरण के लिए भी फायदेमंद है। इससे आप प्लास्टिक पॉट्स, पैकिंग और ट्रांसपोर्ट जैसी चीज़ों से बचते हैं और लोकल हरियाली को बढ़ावा देते हैं। साथ ही, यह तरीका बच्चों और परिवार को प्रकृति से जोड़ने का भी सुंदर अवसर देता है।

कटिंग से पौधे उगाना एक सुंदर, सस्ता और टिकाऊ तरीका है जिससे आप अपने घर की हरियाली बढ़ा सकते हैं। यह विधि अनुभव से भी सिखाती है- धैर्य, ध्यान और देखभाल। जब एक छोटी-सी टहनी आपके स्नेह से नया जीवन पाती है तो वह सिर्फ पौधा नहीं आपके श्रम और प्रेम का प्रतीक बन जाती है।

संजय शेफर्ड एक लेखक और घुमक्कड़ हैं, जिनका जन्म उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में हुआ। पढ़ाई-लिखाई दिल्ली और मुंबई में हुई। 2016 से परस्पर घूम और लिख रहे हैं। वर्तमान में स्वतंत्र रूप से लेखन एवं टोयटा, महेन्द्रा एडवेंचर और पर्यटन मंत्रालय...