Summary: बच्चों के दांतों की सही देखभाल कैसे करें
बच्चों के दांत नाज़ुक होते हैं, इसलिए उनकी सही समय पर देखभाल बेहद ज़रूरी होती है। घरेलू उपायों पर पूरी तरह निर्भर रहने की बजाय सही ओरल केयर और डेंटिस्ट की सलाह बच्चों के दांतों को स्वस्थ रखती है।
Child Teeth Care: वयस्क अपने दांतों का ध्यान अच्छे से रख पाते हैं, इसलिए वे अपनी जरूरतों को भी अच्छे से समझ जाते हैं। लेकिन जब बच्चों के दांत की बात आती है, तो अक्सर हम कंफ्यूज हो जाते हैं कि बच्चों के दांत की समस्याओं के लिए डेंटिस्ट के पास जाएं या नहीं। वहीं, घर के बड़े-बुजुर्ग बच्चों के होने वाली समस्याओं के लिए घरेलू उपायों को आजमाने की सलाह देते हैं। लेकिन कई बार ये नुस्खे कारगर नहीं होते हैं। ऐसे में बच्चों के दांतों की केयर के लिए आपको अतिरिक्त देखभाल की जरूरत होती है। आइए जानते हैं बच्चों के दांतों की केयर किस तरह करें?
नवजात शिशुओं के दांतों की केयर

नवजात शिशुओं के दांत नहीं होते हैं, ऐसे में उनके मसूड़ों और जीभों की क्लीनिंग बहुत ही जरूरी होती है। इसके लिए आप साफ सूती का कपड़ा लेकर इसमें थोड़ा सा तेल या घी लगाकर बच्चों के मसूड़ों और जीभ की सफाई करें। वहीं, शिशु का अगर पहला दांत निकल रहा है, तो तुरंत डेंटिस्ट के पास जाएं ताकि उन्हें किसी तरह की परेशानी हो तो इसका इलाज हो सके।
2 साल से कम उम्र के बच्चों की केयर
अगर आपका बच्चा 2 साल से कम उम्र का है, तो ऐसी स्थिति में उनके दांतों की क्लीनिंग के लिए फ्लोराइड रहित टूथपेस्ट का प्रयोग करें। इसके साथ ही अगर अभी भी आपका बच्चा ब्रेस्टफीड करता है, तो ब्रेस्टफीड के तुरंत बाद उन्हें थोड़ा सा पानी जरूर पिलाएं।
2 साल से अधिक उम्र के बच्चों के दांतों की देखभाल

अगर आपका बच्चा 2 साल से अधिक उम्र का है, तो इस स्थिति में उन्हें बोतल की दूध न पिलाएं। इससे उनके दांत खराब हो सकते हैं।
इस उम्र के बच्चों को बोतल के बजाय सिपर कप दें। इससे उनके दांत सही शेप में रहेंगे। इसके साथ ही सिपर दांतों के आसपास लिक्विड जमा होने से रोकता है।
इतना ही नहीं, इस उम्र के बच्चों को थूकना जरूर सिखाएं। जब आपका बच्चा थूमना सीख जाए, तो आप उनके दांतों के लिए 1,000 पीपीएम का फ्लोराड टूथपेस्ट प्रयोग कर सकते हैं। इसके अलावा हर 3 महीने के बाद अपने बच्चों को एक अच्छे डेंटिस्ट के पास जरूर ले जाएं।
मीठा और कोल्ड-ड्रिंक्स से रखें दूर
बच्चों को मीठी चीजें और कोल्ड-ड्रिंक्स से दूर रखने की कोशिश करें। इस तरह की चीजें बच्चों के दांतों में घंटों चिपके रहते हैं, जिसकी वजह से उनके दांत खराब हो सकते हैं।
इन बातों का रखें ध्यान
- दिन में दो बार अपने बच्चों के दांतों की कराएं ब्रश
- खाना खाने के बाद माउथ-वॉश कराना है जरूरी
- ब्रेश कम से कम 30 सेकंड तक कराएं।
- मीठा खाने के तुरंत बाद कुल्ला कराें, इत्यादि।
