शरीर के अन्य भागों की तरह दांत भी मनुष्य के शरीर का एक अहम् हिस्सा है । आमतौर पर ओरल हेल्थ का खयाल रखना बेहद ही जरूरी माना जाता है और लोग इसका ख्याल रखते भी है ।  अगर आप ऐसे पेरेंट्स हैं जो अपने बच्चों के दांतो की ओरल हेल्थ को ले कर परेशान हैं तो ,  इन खास बातों को जरूर जानें । 

कैसे करें अपने बच्चों के दांतों की देखभाल , इन बातों का रखें ध्यान

कुछ ऐसी टिप्स  जिससे आप डेंटल हाइजीन को अपने बच्चे लिए बना सकतें हैं मजेदार 

* बच्चों को अपनी पसंद का टूथब्रश और टूथपेस्ट चुनने दें । 

* बच्चों को ऐसी किताबें और वीडियो दिखाए जिसमे डेंटल हाइजीन के बारे में बताया जाए ।

* इस बात का ध्यान रखें की बच्चें दो मिनट तक ब्रश करें , आप उनका फेवरेट गाना बजा कर इस काम को आसान बना सकतें हैं।

* बच्चों को  चॉकलेट , कैंडी , आइसक्रीम , टॉफी , या ज्यादा मीठी चीजों से दूर रखें और आप  इन्हे अपने घर में हेल्थी तरीके से बना कर अपने बच्चों को खिला सकतें हैं ।

क्या है फ्लोराइड ? क्यों है यह बेहतर स्वास्थ्य का मार्ग : 

फ्लोराइड आपके बच्चे के डेंटल हेल्थ के लिए महत्वपूर्ण है । यह बच्चों के (प्राइमरी) दांतो और बड़ों के ( परमानेंट ) दांतो में कैविटीज को कम करने के लिए जाना जाता है । यह दांतो के एनेमल को सख्त करके दांतो को मजबूत बनाने में मदद करता है । कई बच्चों को पीने के पानी में फ्लोराइड मिलता है , तो कई शहरों में पानी में फ्लोराइड नहीं होता । यदि आपके पानी में फ्लोराइड नहीं है , तो आपके बच्चों को ओरल फ्लोराइड सप्लीमेंट्स लेने पड़ सकतें हैं । लेकिन इस बात का ध्यान रखें की बहुत अधिक फ्लोराइड टूथ स्टेंस का कारण बन सकता है और आपके बच्चें की सेहत के लिए हानिकारक भी हो सकता है । 

फ्लोराइड के सप्लीमेंट्स  के लिए सभी निर्देशों का पालन करें :

ब्रशिंग एंड फ्लॉसिंग – 

अपने बच्चें के डेंटल हाइजीन की शुरुआत आप अपने बच्चे के एक या दो वर्ष की आयु का होते ही  एक सॉफ्ट चाइल्ड साइज टूथब्रश के साथ करनी चाहिए । आप ऐसा टूथपेस्ट इस्तमाल करें जिसमे फ्लोराइड न हो जो आपके बच्चे के निगलने के लिए सुरक्षित है । एक बार जब आपका बच्चा टूथपेस्ट बाहर थूकने लगे तो आप फ्लोराइड वाले टूथपेस्ट का इस्तमाल कर सकतें हैं । 

फ्लॉसिंग आपके बच्चे की ओरल केयर रूटीन का एक और महत्वपूर्ण हिस्सा है और अपने बच्चे को दिन में कम से कम एक बार फ्लॉस करना सिखाएं । अपने बच्चे को जीभ और सोने से पहले दांतों को ब्रश करना भी सिखाए । 

कैविटी जिससे हो सकता है बच्चों के दांतों को नुकसान –

कैविटी को दांतों का सड़ना या दांतों में कीड़ा लगना भी कहा जाता है । बैक्टीरिया , एसिड , और दांतों में अटका हुआ खाना जो दांतों को खराब करता है । बच्चों को कैविटी होना आम है क्योंकि उनके दांतों को ब्रश करना कठिन होता है । बेहतर यही है की नियमित रूप से दांतों की जांच , ब्रश करना और दांत साफ करने की आदत सबसे बढ़िया तरीका हैं दांतों को कैविटी और सड़ने से सुरक्षित करने के लिए । 

डाइट से भी पड़ता हैं दांतों पर असर –

अगर आपके बच्चे चॉकलेट , कैंडी , कुछ भी मीठा खातें हैं तो उन्हे कैविटीज की दिक्कत हो सकती है । अपने बच्चों के लिए स्वस्थ भोजन विकल्प बनाना जरूरी है । अपने बच्चे को बहुत अधिक सोडा , फ्रूट जूस , स्वीटेंड ड्रिंक्स , से दूर रखें । 

माउथ सेफ्टी –

अपने बच्चे को खेलते हुए माउथ गार्ड जरूर पहनाए जो दांतों और होंठों को बचाए रखता है । यह आपके बच्चे के मुंह को चोटों से बचाने में मदद करता है । 

बेबी टीथ से एडल्ट टीथ तक  –

आमतौर पर बच्चे के दांत तीन से चार महीने के बीच दिखाई देने लगते हैं। अधिकांश बच्चों में लगभग तीन वर्ष की आयु में सभी बीस बेबी टीथ आ जाते हैं । बच्चों के दांत छह साल की उम्र से बारह साल को उम्र तक टूटते हैं , इसके बाद एडल्ट्स टीथ आने लगते हैं। इस समय आप किसी डेंटिस्ट की सलाह लें सकतें हैं और दांतों की समस्याओं के बारे में बात कर सकतें हैं। 

क्या बच्चों का अंगूठा चूसना बन सकती हैं दांतों के लिए समस्या –

बच्चों का अपना अंगूठा और उंगलियां चूसना आम हैं , बढ़ती उम्र के साथ बच्चे इस आदत को छोड़ देते हैं। बच्चे चार साल की उम्र तक अंगूठा चूसते हैं और कुछ  बच्चे छह साल तक भी लेकिन अगर आपका बच्चा इस आदत को छह साल की उम्र से अधिक होने के बाद भी नही छोड़ पाता तो आप डेंटिस्ट की सलाह लें सकतें हैं क्योंकि लंबे समय तक अंगूठा चूसते रहने से दांतों के‌ संरेखण ( टूथ एलाइनमेंट ) में समस्या हो सकती है । 

बच्चों को कब ले जाएं डेंटिस्ट के पास –

अपने बच्चे के पहले जन्मदिन पर ही आप उन्हे डेंटिस्ट को दिखा सकतें हैं , यह डेंटिस्ट को आपके बच्चे के दांतों के साथ शुरुआती समस्याओं को देखने का मौका देता है । सही समय पर डेंटिस्ट से बात कर लेने से एक प्रॉपर ओरल केयर मिल सकती है जो आपके बच्चों के लिए फायदेमंद है । इससे बच्चों में रेगुलर डेंटल चेकअप की आदत भी बनती है । 

डेंटिस्ट से तुरंत संपर्क करें यदि : 

* आपके बच्चे को दांत में दर्द और दांत या मुंह में इन्फेक्शन है तो ।

* अगर आपके बच्चे का परमानेंट दांत टूट जाए तो , उस दांत को दूध में डाल के रखें और उसे तुरंत डेंटिस्ट के पास लें जाए क्योंकि उस दांत को दुबारा भी लगाया जा सकता है । 

डॉक्टर से पूछने के लिए कुछ ऐसे प्रश्न जो कर सकतें है आपकी समस्याओं को दूर –

* क्या मेरे बच्चे को ओरल फ्लोराइड सप्लीमेंट लेने की आवश्यकता है ? 

* मेरे बच्चे के लिए किस प्रकार का टूथब्रश सबसे सही है ?

* क्या मेरा बच्चा माउथवॉश का उपयोग कर सकता है ?

* क्या मेरे बच्चे को कैविटी की समस्या है ? 

* मेरे बच्चे को कितनी बार डेंटिस्ट के पास जाना चाहिए ? 

* क्या मेरे बच्चे के लिए डेंटल X-ray सुरक्षित हैं ? 

* क्या मेरे बच्चे के लिए च्यूइंग‌ गम चबाना ठीक है ?

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