अगर आप भी ब्यूटी पेजेंट जैसी प्रतियोगिताओं में भाग लेने में रुचि रखते हैं या कभी ले चुके हैं तो आपको उनकी जजिंग और स्कोर किस प्रकार तय किया जाता है उसके बारे में अधिक जानकारी नही होगी। और इसी कारण बहुत से प्रतिभागी यह मानते हैं कि उनको जितना स्कोर मिलना चाहिए था उतना नहीं मिला है और मुंह लटकाते हुए ही बाहर आते हैं। लेकिन आपको पहले जज करने के तरीके के बारे में पता करना होगा। तो आइए जानते हैं कैसे जज होते हैं और वह किस तरह से जज करते हैं और किस प्रकार आपका स्कोर डिसाइड किया जाता है।

रैंकिंग: जजों के पास 5 लाइन्स होती हैं जिनमें वह प्रतियोगियों को उनकी काबिलियत के हिसाब से रखते हैं। हर राउंड में वह अपने चहेते प्रतियोगी को पहली लाइन पर रखते हैं और दूसरे को दूसरी लाइन पर। इसके बाद ऑडिटर पहली लाइन वाले प्रतियोगी को 5 नंबर देता है और दूसरी लाइन वाले को 4। अंत में जिसके सबसे अधिकतम नंबर होते हैं उसी को क्वीन बनाया जाता है। जज केवल सभी प्रतिभागियों को उनकी परफॉर्मेंस के आधार पर जज करते हैं और उनके बीच फर्क करके उन्हें एक दूसरे से ऊपर वाला या नीचे वाला रैंक दिया जाता है।

न्यूमेरिक स्कोरिंग: हर प्रतिभागी को 1 से 10 के बीच स्कोर दिया जाता है। कुछ पीजेंट सिस्टम हाई सिस्टम का भी प्रयोग करते हैं जिसमें अधिक नंबर दिए जाते है। प्रतियोगिता की एक कैटेगरी में हर जज प्रतिभागी को नंबर देता है। यह स्कोर पूरे नंबर होने के साथ साथ डेसिमल में भी हो सकता है। कुछ प्रतियोगिताओं में पूरी प्रतियोगिता के अंतर्गत आपको स्कोर कैरी करना होता है और जिसका स्कोर सबसे अधिक होता है वही क्वीन बनती है।

अन्य कुछ प्रतियोगिताओं में पहले राउंड में जिसका सबसे अधिक स्कोर होता है उसे टॉप 5 में रखा जाता है। बाकी के सभी प्रतिभागियों को हटा दिया जाता है और जज फिर इन्हीं 5 में से किसी एक को ताज पहनाते हैं।

मेंशन: जज किसी भी प्रतिभागी को नंबर नहीं देते हैं उन्हें जो पसंद आता है वह उनके नाम पर गोला लगा देते हैं और उसके बाद ऑडिटर उनको नंबर देते हैं। मान लीजिए अगर किसी प्रतियोगिता में 50 भागी हैं, डायरेक्टर जज को किन्हीं 10 के नाम पर गोला लगाने को बोलता है। आपका नाम जितनी बार अधिक सर्कल किया जाएगा उतना ही अधिक आपके टॉप 10 में आने की संभावना होती है। इनके बाद इन 10 में से वह किन्हीं 3 को चुनते हैं और उसके बाद किसी एक को क्वीन बनाया जाता है।

जज साथ की साथ नोट्स बनाते हैं और फिर वह एक बंद कमरे में जा कर आपस में चर्चा करते हैं और जिसे क्वीन बनाना होता है उस पर सभी की सहमति होना जरूरी होता है। इस प्रकार की जजिंग में बहुत से वाद विवाद भी हो जाते हैं लेकिन ऐसा ज्यादा नहीं होता है। इसके बाद विजेता जज के औसत स्कोर के द्वारा चुना जाता है। मान लीजिए अगर किसी प्रतिभागी ने दो 10 लिए हैं और चार 9 तो उसका औसत स्कोर 9.2 हो जाएगा। इसी प्रकार सबसे अधिक जिसका स्कोर होता है उसे विजेता बनाया जाता है। इसके अलावा भी स्कोर में कुछ अलग अलग फैक्टर्स हो सकते हैं। यह अलग अलग प्रतियोताओं में अलग अलग भी हो सकते हैं। 

अगर आप प्रतियोगिता जीतना चाहती हैं तो आपको प्रीलिम्स राउंड में अपना अच्छा इंप्रेशन जमाना होता है। इसमें अधिकतर आपको अच्छे हेयर और मेकअप के आधार पर जज किया जाता है और अगर आपकी यह 2 चीजें प्वाइंट पर हैं तो आप आगे तक जा सकती हैं। इसके बाद आपका व्यक्तित्व देखा जाता है इसलिए आपको केवल बाहरी सुंदरता नहीं बल्कि आंतरिक सुंदरता भी कैरी करनी आवश्यक हो जाती है। आपको हर राउंड में अपना बेस्ट देना होता है क्योंकि चीजें बहुत तेजी से बदलती हैं।

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