8 health mistakes you shouldn't repeat
8 health mistakes you shouldn't repeat

Common Health Mistakes: ‘हैल्थ इज वेल्थ’ जितना सुनने में अच्छा लगता है उससे कहीं ज्यादा यह हमारे शरीर के लिए लाभकारी होता है। इसलिए आइए इस नए साल में प्रण करते हैं कि अपनी सेहत के साथ कोई समझौता नहीं करेंगें। नये साल में इन हैल्थ रेजोल्यूशन को अपनी जिंदगी में शामिल कीजिए और बने रहिए फिट एंड फाइन।

बीते पूरे साल हैल्थ की अनदेखी करते हुए आपने जितने भी गलत काम किए हैं इस साल उन्हें करने से बचना न सिर्फ आपके लिए अच्छा रहेगा बल्कि यह आपकी हैल्थ के लिए बहुत जरूरी है। अपनी सेहत को नजरअंदाज करना किसी भी लिहाज से ठीक नहीं है। इस तरह तो जल्द ही आपका पाला डाइबिटीज, मोटापा, ब्लड प्रेशर जैसी गंभीर बीमारियों से पड़ जाएगा और फिर उन्हें कंट्रोल करना मुश्किल होगा। तो फिर जो चीज कल करनी है वह आज ही क्यों ना करें। लापरवाही छोड़कर जितनी जल्दी हो सके हम अपनी हेल्थ को लेकर सजग हो जाए उतना ही अच्छा है। यह करना उतना मुश्किल भी नहीं है इस बारे में बता रहे हैं मैक्स हास्पिटल के जनरल फीजिशियन डॉक्टर संदीप सहाय- मीठा प्रेम तो कम करना ही होगा यार माना मीठा खाना आपको बहुत पसंद है और इसी का खामियाजा पिछले पूरे साल भुगता है कि वजन कम होने के बजाए और बढ़ गया है, इसलिए इस बार ऐसा बिल्कुल ना करें। आप अगर सेहतमंद रहना चाहते हैं तो नए साल में मीठे का कम से कम सेवन करें।

पिछले पूरे साल सोचते ही रह गए कि इस साल से फ्रूट्स, वेजीटेबल और ब्रेकफास्ट में ओट्स शुरू करेंगे लेकिन इस बार सोचना नहीं करना है क्योंकि फाइबर युक्त चीजों के सेवन से डाइजेस्टिव सिस्टम बेहतर तरीके से काम करता है और कब्ज की समस्या दूर होती है। फाइबर लेने से पेट फुल रहता है और इससे हम फिजूल खाने से भी बचते हैं।

केवल एक्सरसाइज ही आपको फिटनेस नहीं देगी बल्कि इसके साथ-साथ आपको अपने खानपान पर भी ध्यान देना पड़ेगा। आपको ऐसी डाइट लेनी होगी जिसमें पोषक तत्व अधिक हो साथ ही ऑयली फूड और जंक फूड से भी दूर रहना होगा।

प्रोसेस्ड और पैकेट वाले फूड बेहद आसान तरीके से बन जाते हैं। लेकिन ये सेहत को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाते हैं। फ्रोजन फूड में खाने को लंबे समय तक फ्रेश रखने के लिए कई प्रकार के केमिकल्स और स्टार्च का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे डायबिटीज होने का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए इस साल इस पर कंट्रोल करना बेहद जरूरी है।

आपकी सेहत का सबसे बड़ा दुश्मन स्ट्रेस ही है। आपकी जिंदगी में जो भी समस्याएं हैं उन्हें लेकर ना बैठे रहें बल्कि उन्हें हल करने की कोशिश करें और खुश रहें। अगर आपकी मानसिक हालत ठीक नहीं होगी तो इसका प्रभाव आपके शरीर पर पड़ना लाजमी है, इसलिए पुराने साल के साथ टेंशन को भी बाय कहें।

Make a habit of drinking plenty of water
Make a habit of drinking plenty of water

पानी हमारे शरीर को चलाने वाले ईंधन का काम करता है, इसलिए एक दिन में कम से कम 8 गिलास पानी पीना जरूरी है, लेकिन हम सिर्फ प्यास लगने पर ही पानी पीते हैं यह गलत है, दिन में कई बार और सुबह खाली पेट पानी पीने की आदत डालें इससे बहुत सी बीमारियों से बचा जा सकता है और पेट की सफाई व त्वचा में चमक भी आएगी।

आज की यंग जनरेशन के लिए पार्टी का मतलब ही है ड्रिंक करना और अगर आप ऐसा नहीं करते तो आप कूल नहीं है, बल्कि लो स्टैंडर्ड हैं। अगर आप भी ऐसी सोच रखते हैं तो बदल डालिए, अब इस नए साल में ड्रिंक ना करने वाले ब्रो को डैम कान्फिडेंट कूल कहा जाएगा। इसलिए चाहे कुछ भी हो इस साल सबसे पहला काम यही होना चाहिए कि आप इन सब बुरी आदतों को छोड़ दें।

आज की फास्ट ट्रैक जनरेशन में फास्टफूड के बढ़ते चलन के कारण ओबेसिटी की समस्या बढ़ रही है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी मोटापे को स्वास्थ्य के लिए सबसे बड़े 10 खतरों में शामिल किया है। मोटापे के कारण हाईपरटेंशन, डाइबिटीज, हार्ट फेलियर, जोड़ो में दर्द जैसी समस्याएं हो जाती हैं, तो इस साल संकल्प लें कि नियमित व्यायाम और उचित खानपान के जरिए मोटापे को दूर कर देंगे।

हमें साल में एक बार अपना पूरा हैल्थ चेकअप जरूर करवाना चाहिए ताकि बीमारी के शुरुआती दौर में ही उसका इलाज किया जा सके। एक खास उम्र के बाद रेग्युलर मेडिकल चेकअप जरूरी होता है, एक्सपर्ट्स मानते हैं कि स्वस्थ इंसान को भी 30 की उम्र के बाद साल में एक बार चेकअप जरूर कराना चाहिए।

ना जाने ये किस ने कह दिया कि वेट कम करने के लिए नाश्ता ही ना करें जबकि यह बात बिल्कुल ही गलत है। दिनभर के खाने में नाश्ता सबसे ज्यादा जरूरी होता है। ब्रेकफास्ट करने से मेटाबॉलिज्म मजबूत होता है, जो कैलोरी बर्न करने में मदद करता है। इससे दिनभर शरीर में ऊर्जा बनी रहती है।

आपका ब्लड किसी जरूरतमंद की जान बचा सकता है, यही सोचकर साल में कम से कम दो बार ब्लड डोनेट जरूर करें। कुछ लोगों को लगता है कि ब्लड डोनेट करने से उन्हें कमजोरी हो सकती है, ये बात बिल्कुल गलत है। यदि आप हैल्दी और फिट हैं, तो इसका आपकी सेहत पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा।

जी हां, बचपन में आपने एक पोइम तो जरूर गाई होगी ‘अरली टू बेड अरली टू राइजÓ वाकई आज इसकी बहुत जरूरत है। टीवी और मोबाइल का मोह छोड़कर सोने का एक टाइम तय करें। अगर नींद नहीं भी आ रही तो लेटे रहें, धीरे-धीरे इसी टाइम पर सोने का रूटीन बन जाएगा जोकि आपकी सेहत के लिए काफी अच्छा रहेगा।

आजकल हर कोई गैजेट्स का दीवाना है। चाहे अपने काम के चलते हो या फिर मनोरंजन के लिए, हम हर वक्त कंप्यूटर की स्क्रीन, मोबाइल फोन, टीवी आदि से चिपके ही रहते हैं, इसलिए इस बार ऐसा बिल्कुल नहीं करना बल्कि ताश, लूडो, चैस, बिजनेस, बैडमिंटन, टेबल टैनिस जैसे गेम्स पर ज्यादा तवज्जों देनी है।