An upset woman sitting in the foreground while a man looks on from the couch behind her.
Fear in Relationship Communication

Summary: अच्छे लोग रिश्तों में क्यों सबसे ज़्यादा टूटते हैं?

रिलेशनशिप में ज़रूरत से ज़्यादा अच्छा बनना, जब आपकी भावनाओं और सम्मान को नज़रअंदाज़ किया जाने लगे, तब सबसे बड़ी कमजोरी बन जाता है।

Emotional Neglect in Relationship: हर बच्चे को माता-पिता द्वारा बचपन से ही अच्छा और समझदार इंसान बनने के बारे में सिखाया जाता है। ज्यादातर समय अच्छे, सच्चे और समझदार लोगों को समाज में पसंद भी किया जाता है। कई बार उनकी अच्छाई उनके रिश्ते पर भारी पड़ने लगती है। रिलेशनशिप में अगर एक साथी जरूरत से ज्यादा समझदारी या सहनशीलता दिखता है तो कई बार दूसरा साथी उसके अच्छाई का फायदा उठाता है और उसे भावनात्मक रूप से दबाने की कोशिश करता है। आईए जानते हैं इस लेख में किस तरह एक अच्छा इंसान अपनी अच्छाई को अपनी कमजोरी बना लेता है।

A sad couple sits apart, emotionally disconnected, avoiding each other in silence
Emotional neglect in relationship

किसी भी रिश्ते में आपका साथी एक अच्छा इंसान है। इसका अर्थ इस बात से लगाया जाता है कि वह अपने पार्टनर की बात को बिना अपवाद या बहस के कितना मानता है। साथी हर समय कितना ज्यादा एडजस्ट करता है। अपने पार्टनर की गलतियों को कितना नजरअंदाज करता है। खुद की इच्छाओं और तकलीफों को हमेशा कमतर समझता है। पार्टनर से झगड़ा और बहस से बचने के लिए चुप रहता है। कुल मिलाकर रिश्ते में जो साथी हर समय सिर्फ अपने पार्टनर को खुशी, आजादी, मदद दे वह अच्छा व्यक्ति कहलाता है।
पर क्या रिश्ते में अच्छे व्यक्ति की यह परिभाषा सही है। बिल्कुल नहीं, अगर आप अपने रिश्ते में इस तरह के अच्छे व्यक्ति हैं तो बहुत जल्द आप अपने रिश्ते में अकेलेपन और घुटन को महसूस करने लगते हैं।

समझदार व्यक्ति को शुरुआत में अपने रिश्ते में सब सही लगता है। क्योंकि उसका पार्टनर उसकी मैच्योरिटी की तारीफ करता है। पर धीरे-धीरे जब पार्टनर अपने पार्टनर की चुपी को उसकी मर्जी समझ लेता है तो यह रिश्ते में दूरी का कारण बनता है। रिश्ते में जब हर समय आपको ही सब समझाना पड़े, आपको ही एडजस्ट करना पड़े या हर बार आपको ही अपनी इच्छा दबानी पड़े, उस समय आपकी अच्छाई आपके लिए मजबूरी बन जाती है।

आप दूसरों को प्यार करते हैं। सामने वाले की भावना को सुनते हैं और समझते हैं। आप बात कर के हर मुश्किल का समाधान ढूंढते हैं। आप रिश्ते में अपने पार्टनर की इच्छाओं और बातों का उतना ही सम्मान करते हैं जितना कि अपनी तो आप अच्छे इंसान हैं। लेकिन अगर आप खुद को रिश्ते में इतना अच्छा बना रहे हैं कि आप खुद की इच्छाओं, सपनों और बातों को महत्वहीन समझने लगे हैं। अपनी छोटी-छोटी जरूरतों को अनदेखा कर रहे हैं तो आप अपने सम्मान को को रहे हैं।

अगर आपको अपने रिलेशनशिप में अपने साथी से अपनी राय साझा करने में कई बार सोचना पड़े या अपनी राय या इच्छा बताने पर हर बार आपको गिल्ट फील करवाया जाए। आपके विचारों और भावनाओं को ओवरथिंकिंग कहकर टाला जाए या नजरअंदाज किया जाए। रिश्ते में हर छोटी बात पर आपको ही माफी मांगना पड़े। रिश्ते को बचाने और संभालने की पूरी जिम्मेदारी आप पर ही हो इस समय आपको ठहराव की जरूरत है। आपको यह समझने की जरूरत है आप अपने रिश्ते में अच्छे बने रहने की कीमत खुद की भावनाओं को खो कर चुका रहे हैं।
इस समय आपको यह समझना जरूरी है खुद की बात कहना, अपनी सीमाएं तय करना या अपने सम्मान की बात कहना आपकी बदतमीजी नहीं बल्कि अधिकार है।



निशा निक ने एमए हिंदी किया है और वह हिंदी क्रिएटिव राइटिंग व कंटेंट राइटिंग में सक्रिय हैं। वह कहानियों, कविताओं और लेखों के माध्यम से विचारों और भावनाओं को अभिव्यक्त करती हैं। साथ ही,पेरेंटिंग, प्रेगनेंसी और महिलाओं से जुड़े मुद्दों...