A joyful family moment while moving into a new home.
A joyful family moment while moving into a new home.

Summary: बच्चों को नई जगह एडजस्ट करने में लगता है समय

अगर आप भी नए घर में बच्चों के एडजस्टमेंट को लेकर इस तरह परेशानी का सामना कर रहे हैं, तो हमें यकीन है कि ये बातें आपके जरूर काम आएंगी।

New Home Adjusting: जॉब, ट्रांसफर, प्रमोशन या किसी और वजह से हमें कभी ना कभी घर शिफ्ट करना ही पड़ता है। इस दौरान दूसरी जगह मूव और सेटल करना जितना हेक्टिक होता है, उतना ही नई जगह में एडजस्ट होना भी मुश्किल होता है। खासतौर पर बच्चों को लिए यह परेशानी ज्यादा होती है। नई जगह में आसानी से उनका मन नहीं लगता है। पुराने दोस्त छूट जाते हैं और नए दोस्त बनना उतना आसान नहीं होता। ऐसे में आप ना केवल काम के बोझ को लेकर परेशान रहती हैं, बल्कि बच्चों को उदास और दुखी देखकर भी आपका मन परेशान होने लगता है। इसलिए जरूरी है कि आप बच्चों को इस नए बदले हुए माहौल में एडजस्ट करने में मदद करें। इस दौरान आपको उनकी भावनाओं और स्थिति को समझने की बहुत आवश्यकता है और उन्हें आपके सपोर्ट की। अगर आपने भी हाल ही में घर शिफ्ट किया है या करने वाले हैं, तो आप बच्चों को नए माहौल में एडजस्ट करने के लिए ये तरीके अपना सकते हैं।

पहले से करें तैयार

A happy family unpacking and settling into their new home together.
A happy family unpacking and settling into their new home together.

बच्चों को एकदम से अपना घर शिफ्ट करने का निर्णय नहीं सुनाएं क्योंकि एकदम से आपका फैसला उन्हें आहत कर सकता है। इसलिए पहले से उन्हें इस बारे में बताकर रखें कि हो सकता है आपको शिफ्ट करना पड़े। इससे वो एकदम से परेशान नहीं होंगे। फैसले को फाइनल करने से पहले आपको अपने बच्चों से बात जरूर करनी चाहिए और इस पर उनकी राय जरूर जाननी चाहिए।

उन्हें अपना पक्ष रखने दें

कभी भी बच्चों की बातों को अनसुना ना करें। अगर आपके बच्चे आपसे बात करना चाहते हैं और बताना चाहते हैं कि वो शिफ्ट नहीं करना चाहते तो उनकी बात सुनें और उन्हें उनकी भावनाओं को समझाने को मौका दें। उनकी परेशानी समझें, वो अपना स्कूल, दोस्त और मोहल्ला छोड़कर जा रहे हैं। उन्हें एक दोस्त की तरह बताएं कि आप उनकी परेशानी को समझती हैं और आप इस बदलाव को उनके लिए अधिक से अधिक कम्फर्टेबल बनाने की कोशिश करेंगी।

सकारात्मक पहलू बताएं

अपने बच्चों के साथ शिफ्टिंग के बारे में बात करते वक्त इसके सकारात्मक पहलुओं के बारे में चर्चा करें। उन्हें लगना चाहिए कि शिफ्टिंग बहुत एक्ससिटिंग होगा। उन्हें बताएं कि वहां जाकर उन्हें क्या अच्छा मिलेगा, उनके लिए खेलने के क्या विकल्प हैं, उनका नया स्कूल कैसा होगा। आप चाहे तो शिफ्ट करने से उस पहले नई जगह पर उन्हें लेकर भी जा सकती हैं। लेकिन इसमें बहुत सी चीजें एक्साइटिंग भी हैं। उन्हें बताएं कि यह उत्साहपूर्ण और मज़ेदार भी होगा। आप उन्हें किसी फिल्म या शो का उदाहरण दे सकती हैं।

A family stepping into their new house with boxes and smiles.
A family stepping into their new house with boxes and smiles.

रूटीन फॉलो करें

नई जगह पर बहुत-सी चीजें बदल जाती हैं और इस वजह से सारा रूटीन ही खराब हो जाता है, लेकिन कोशिश करें कि आपके और बच्चों के रूटीन में अधिक बदलाव ना हो। आप अपना पुराना रूटीन ही फॉलो करें जैसे साथ में ब्रेकफास्ट या डिनर, साथ में गेम खेलना, मूवी देखना और कहानियां सुनाना जैसे काम आपके बच्चे को अचानक बदलाव से होने वाले स्ट्रेस से बचाएंगे और उसे पहले वाला फील देंगे।

अगर आप भी नए घर में बच्चों के एडजस्टमेंट को लेकर इस तरह परेशानी का सामना कर रहे हैं, तो हमें यकीन है कि ये बातें आपके जरूर काम आएंगी।

अभिलाषा सक्सेना चक्रवर्ती पिछले 15 वर्षों से प्रिंट और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। हिंदी और अंग्रेज़ी दोनों भाषाओं में दक्षता रखने वाली अभिलाषा ने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान टाइम्स, भोपाल से की थी। डीएनए, नईदुनिया, फर्स्ट इंडिया,...

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