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रिश्तों की माला में पिरोया गया हर मोती अपने आप में खास होता है। लेकिन रिश्ते की मजबूती हमेशा इन मोतियों को पिरोने वाली डोर पर ही निर्भर होती है। रिश्तों की इस मजबूती के बारे में जानना हर किसी के लिए जरूरी है।
Strong Bonding Relationship: बॉलीवुड के किंग शाहरुख खान का मशहूर डायलॉग है ‘प्यार दोस्ती है!’। लेकिन क्या ये सिर्फ एक डायलॉग है या इसमें कुछ सच्चाई भी है। चलिए आज रिश्तों का ये सीक्रेट हम भी जान ही लेते हैं। दरअसल, रिश्तों की माला में पिरोया गया हर मोती अपने आप में खास होता है। लेकिन रिश्ते की मजबूती हमेशा इन मोतियों को पिरोने वाली डोर पर ही निर्भर होती है। रिश्तों की इस मजबूती के बारे में जानना हर किसी के लिए जरूरी है।
ये है खुशहाल जिंदगी की नींव

हार्वर्ड यूनिविर्सिटी के समाजशास्त्री प्रोफेसर और बेस्टसेलिंग बुक के लेखक आर्थर ब्रूक्स का कहना है कि शादी का मुख्य कारण और लक्ष्य ‘दोस्ती’ ही होनी चाहिए। ब्रूक्स का कहना है कि एक सफल और स्थायी रिश्ते के लिए दो पार्टनर्स के बीच दोस्ती होना सबसे जरूरी चीजों में से एक है। एक पॉडकास्ट के दौरान प्रोफेसर ने बताया कि आपका पार्टनर सबसे पहले आपका सबसे अच्छा दोस्त होना चाहिए। यही खुशहाल जिंदगी का राज है। वह एक ऐसा शख्स होता है जिसे आप जिंदगी के आखिरी पल तक देखना चाहते हैं। जिसका साथ आप हमेशा चाहते हैं।
समय के साथ आती है मजबूती
प्रोफेसर आर्थर का कहना है कि अक्सर लोग शादी के बाद एक जुनून महसूस करते हैं, लेकिन समय के साथ-साथ इस जोश और जुनून दोनों में कमी आने लगती है। फिर रिश्तों में दूरी, अकेलापन, तनाव आने लगता है। लेकिन दोस्ती समय के साथ गहरी होने लगती है। ऐसे में पार्टनर के साथ आपका रिश्ता और मजबूत होता जाता है। ऐसे रिश्ते में अकेलेपन की कोई जगह नहीं होती है।
ये करना चाहिए कपल्स को
प्रोफेसर का कहना है कि तलाक के सबसे बड़े कारणों में से एक है, जब पार्टनर के होते हुए भी लोग खुद को अकेला पाते हैं। ऐसे कपल्स में बच्चों के अलावा कुछ भी कॉमन नहीं होता। प्रोफेसर का कहना है कि एकांत और अकेलापन दो अलग बातें हैं। कभी-कभी शांत और रिलेक्स होने के लिए आपको एकांत की जरूरत होती है। लेकिन अकेलापन वो है जब कोई साथ होते हुए भी साथ नहीं होता। अकेलापन रिश्ते को खोखला कर सकता है। ऐसे में हर कपल को कोशिश करनी चाहिए कि वह मिलकर अपनी रुचियों को आगे बढ़ाएं, जिससे यह साथ, दोस्ती और फिर प्यार में बदल सके।
सेहत के लिए जरूरी रिश्ते
अच्छे और मजबूत रिश्ते हमारी मानसिक सेहत के साथ ही शारीरिक स्वास्थ्य से भी जुड़े हैं। अच्छे रिश्ते खुशहाल जिंदगी जीने में मददगार हो सकते हैं। क्योंकि ऐसे रिश्ते लोगों को सकारात्मकता से भर देते हैं। उन्हें अपनेपन का एहसास करवाते हैं। कई अध्ययन बताते हैं कि जिन लोगों की जिंदगी में अच्छे रिश्तों की कमी होती है, वे अकेलेपन से घिर जाते हैं। वे अवसाद के शिकार हो सकते हैं। वे कई बीमारियों से घिर जाते हैं। इतना ही नहीं ऐसे लोगों की मृत्यु दर में भी वृद्धि देखी जाती है। ऐसे में जिंदगी में सही पार्टनर चुनना बहुत जरूरी है।
