Shopping cart with bags, phone, calculator and payment items on table.
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Summary: खराब सामान मिला या गलत बिल बना? जानिए आपके 7 कंज्यूमर राइट्स

खरीदारी करते समय सिर्फ पैसे देना ही काफी नहीं होता, अपने अधिकार जानना भी जरूरी है। ये 7 कंज्यूमर राइट्स आपको धोखाधड़ी और गलत बिलिंग से बचा सकते हैं।

World Consumer Rights Day 2026: आज के समय में हम रोज़ किसी न किसी चीज़ की खरीदारी करते हैं कभी किराने का सामान, कभी कपड़े, तो कभी ऑनलाइन शॉपिंग। लेकिन कई बार ऐसा भी होता है कि खरीदा हुआ सामान खराब निकल जाता है, गलत बिल बना दिया जाता है या कंपनी शिकायत सुनने से मना कर देती है। ऐसे में अक्सर लोग सोचते हैं कि अब क्या किया जाए।

दरअसल हर उपभोक्ता के पास कुछ कानूनी अधिकार होते हैं, जिन्हें कंज्यूमर राइट्स कहा जाता है। अगर हर खरीदार को इन अधिकारों की जानकारी हो, तो वह आसानी से ठगी और धोखाधड़ी से बच सकता है। १५ मार्च को वर्ल्ड कंज्यूमर राइट्स 20२६ है और इस मौके पर जानते हैं ऐसे ही 7 महत्वपूर्ण कंज्यूमर राइट्स, जो हर व्यक्ति को जरूर पता होने चाहिए।

हर उपभोक्ता को यह अधिकार है कि उसे ऐसा प्रोडक्ट मिले जो उसकी सेहत और सुरक्षा के लिए सुरक्षित हो। किसी भी कंपनी को ऐसा सामान बेचने की अनुमति नहीं है जो खतरनाक या नुकसानदायक हो। जैसे अगर कोई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण खराब गुणवत्ता का है और उससे हादसा हो सकता है, तो उपभोक्ता कंपनी के खिलाफ शिकायत दर्ज कर सकता है।

खरीदारी करते समय उपभोक्ता को उत्पाद से जुड़ी पूरी जानकारी जानने का अधिकार होता है। इसमें कीमत, एक्सपायरी डेट, सामग्री, उपयोग और साइड इफेक्ट जैसी जानकारी शामिल होती है। मान लो, अगर कोई दुकानदार या कंपनी सही जानकारी छुपाती है या गलत जानकारी देती है, तो यह उपभोक्ता के अधिकारों का उल्लंघन माना जाता है।

हर उपभोक्ता को अपनी पसंद का सामान चुनने की स्वतंत्रता होती है। दुकानदार या कंपनी किसी एक ब्रांड को खरीदने के लिए मजबूर नहीं कर सकती। कई बार दुकानदार कहते हैं कि “यही लेना पड़ेगा”, लेकिन यह गलत है। उपभोक्ता के पास हमेशा विकल्प चुनने का अधिकार होता है।

Customer talking to support agent with complaint form and product box.
Customer talking to support agent with complaint form and product box.

अगर किसी उपभोक्ता को किसी प्रोडक्ट या सेवा से शिकायत है, तो उसे अपनी बात रखने का अधिकार है। कंपनियों और दुकानदारों को उपभोक्ता की शिकायत सुननी और उसका समाधान करना चाहिए। आजकल कई कंपनियों के पास कस्टमर केयर, ईमेल और ऑनलाइन शिकायत पोर्टल भी होते हैं, जहां उपभोक्ता अपनी समस्या दर्ज करा सकते हैं।

अगर उपभोक्ता के साथ धोखाधड़ी होती है या खराब सामान दिया जाता है, तो उसे मुआवजा पाने का अधिकार है। इसके लिए उपभोक्ता कंज्यूमर कोर्ट में शिकायत दर्ज कर सकता है। कोर्ट कंपनी को रिफंड, रिप्लेसमेंट या मुआवजा देने का आदेश दे सकती है।

हर व्यक्ति को अपने उपभोक्ता अधिकारों के बारे में जानकारी पाने का अधिकार है। सरकार और कई संस्थाएं समय-समय पर जागरूकता अभियान चलाती हैं ताकि लोग अपने अधिकारों के प्रति सचेत रहें। जितनी ज्यादा जानकारी होगी, उतना ही उपभोक्ता ठगी से बच सकेगा।

उपभोक्ता को ऐसा वातावरण मिलने का अधिकार है जो सुरक्षित और स्वच्छ हो। इसका मतलब है कि कंपनियां ऐसे उत्पाद और सेवाएं दें जो पर्यावरण और समाज के लिए हानिकारक न हों। उदाहरण के लिए प्रदूषण फैलाने वाले या पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले उत्पादों के खिलाफ उपभोक्ता आवाज उठा सकते हैं।

आज के दौर में समझदारी से खरीदारी करना बेहद जरूरी है। बिल लेना, प्रोडक्ट की जानकारी पढ़ना और जरूरत पड़ने पर शिकायत करना हर उपभोक्ता का अधिकार है।

अगर लोग अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहें, तो न केवल वे खुद ठगी से बच सकते हैं बल्कि बाजार में पारदर्शिता और ईमानदारी भी बढ़ सकती है। इसलिए अगली बार जब भी आप खरीदारी करें, तो इन कंज्यूमर राइट्स को जरूर याद रखें।

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राधिका शर्मा को प्रिंट मीडिया, प्रूफ रीडिंग और अनुवाद कार्यों में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है। हिंदी और अंग्रेज़ी भाषा पर अच्छी पकड़ रखती हैं। लेखन और पेंटिंग में गहरी रुचि है। लाइफस्टाइल, हेल्थ, कुकिंग, धर्म और महिला विषयों पर काम...