Summary: अंडरवर्ल्ड के साये में बॉलीवुड: फराह खान ने सुनाए 90 के दशक के डरावने किस्से
फराह खान ने खुलासा किया कि 90 के दशक में फिल्म इंडस्ट्री पर अंडरवर्ल्ड का दबाव काफी ज्यादा था।
धमकियों और असुरक्षा के माहौल के बीच कई कलाकारों और फिल्म निर्माताओं को मुश्किल हालात झेलने पड़े।
Farah Khan about Underworld: हिंदी फिल्म इंडस्ट्री की दुनिया जितनी चमकदार दिखाई देती है, उसके पीछे कई ऐसी कहानियां भी छिपी हैं जो लोगों को चौंका देती हैं। हाल ही में मशहूर कोरियोग्राफर और फिल्म निर्देशक फराह खान ने एक इंटरव्यू में 90 के दशक से जुड़ा ऐसा ही एक किस्सा साझा किया। उन्होंने बताया कि उस दौर में फिल्म इंडस्ट्री पर अंडरवर्ल्ड का काफी दबाव हुआ करता था और कई फिल्मी हस्तियों को धमकियों का सामना भी करना पड़ता था।
80 के दशक की फिल्मों को लेकर फराह का नजरिया
फराह खान ने बातचीत के दौरान पुराने दौर की फिल्मों का जिक्र करते हुए कहा कि जब वह कॉलेज में पढ़ाई कर रही थीं, तब हिंदी फिल्मों को उतनी गंभीरता से नहीं लिया जाता था। उस समय कई युवा सिर्फ हॉलीवुड फिल्में देखना पसंद करते थे। उनका कहना है कि 80 का दशक हिंदी फिल्मों के लिए काफी चुनौतीपूर्ण रहा। उस दौर में फिल्म इंडस्ट्री कई तरह की समस्याओं से गुजर रही थी और दर्शकों का रुझान भी बदल रहा था।
फिल्म इंडस्ट्री में अंडरवर्ल्ड का असर
फराह खान ने बताया कि 90 के दशक में बॉलीवुड में अंडरवर्ल्ड का प्रभाव काफी ज्यादा था। उस समय कई फिल्म निर्माताओं और कलाकारों को दबाव और धमकियों का सामना करना पड़ता था। उन्होंने एक पुरानी घटना को याद करते हुए बताया कि जब उन्होंने अपने करियर की शुरुआत की थी, उसी समय फिल्म निर्माता मुकेश दुग्गल की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। यह घटना फिल्म इंडस्ट्री के लिए बेहद चौंकाने वाली थी और इससे पूरी इंडस्ट्री में डर का माहौल बन गया था।
करण जौहर को भी मिली थी धमकी
फराह खान ने इंटरव्यू में यह भी बताया कि फिल्म निर्देशक करण जौहर को भी अपने करियर की शुरुआत में मुश्किल हालात का सामना करना पड़ा था। उन्होंने कहा कि जब करण जौहर की पहली फिल्म कुछ कुछ होता है रिलीज होने वाली थी, उस दौरान उन्हें अंडरवर्ल्ड की तरफ से धमकी मिली थी। यह खबर उस समय फिल्म इंडस्ट्री में तेजी से फैल गई थी।
प्रीमियर को लेकर बढ़ गई थी चिंता
फराह के मुताबिक, धमकी मिलने के बाद फिल्म के प्रीमियर को लेकर काफी चर्चा होने लगी थी। लोग इस बात पर विचार कर रहे थे कि प्रीमियर कार्यक्रम को रद्द कर दिया जाए या नहीं। आखिरकार फैसला लिया गया कि प्रीमियर किया जाएगा, लेकिन सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। उस समय फिल्म की टीम और मेहमानों की सुरक्षा को लेकर काफी सतर्कता बरती गई थी।
करण जौहर के लिए मुश्किल पल
फराह खान ने बताया कि यह करण जौहर की पहली फिल्म थी और आमतौर पर ऐसे मौके पर निर्देशक काफी उत्साहित रहता है। लेकिन धमकी मिलने के कारण करण काफी तनाव में थे। जहां उन्हें अपनी पहली फिल्म की सफलता का जश्न मनाना चाहिए था, वहीं दूसरी तरफ उन्हें सुरक्षा और अन्य चिंताओं का सामना करना पड़ रहा था। यह उनके लिए एक मुश्किल अनुभव था।
तीनों खान पर भी था दबाव
इंटरव्यू के दौरान यह भी सवाल पूछा गया कि क्या उस समय बॉलीवुड के बड़े सितारों पर भी अंडरवर्ल्ड का दबाव होता था। इस पर फराह खान ने माना कि उस दौर में कई बड़े कलाकारों पर भी दबाव बनाया जाता था। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट किया कि उन्हें इस बारे में व्यक्तिगत रूप से ज्यादा जानकारी नहीं है कि किन कलाकारों को सीधे फोन या धमकियां मिलती थीं। लेकिन फिल्म इंडस्ट्री में उस समय डर और असुरक्षा का माहौल जरूर था।
बदल चुका है बॉलीवुड का माहौल
आज के समय में बॉलीवुड काफी बदल चुका है। फिल्म इंडस्ट्री में पहले की तुलना में ज्यादा पारदर्शिता और सुरक्षा देखने को मिलती है। फिर भी 90 के दशक की ये घटनाएं इस बात की याद दिलाती हैं कि कभी फिल्म जगत को भी कई मुश्किल परिस्थितियों का सामना करना पड़ा था।
