summary: छोटी सी बात, सच्ची दोस्ती की बड़ी मिसाल
छोटी गलतफहमियों की वजह से रिश्तों में दूरी आ सकती है, लेकिन सच्ची दोस्ती हर मुश्किल में साथ निभाती है। यह कहानी बताती है कि सच्चे दोस्त वही होते हैं जो नाराज़गी के बाद भी हाथ थामे रखते हैं।
Short Story in Hindi: विवान जल्दी तैयार हो जाओ, स्कूल के लिए लेट हो रहा है। पापा आज आप मुझे तैयार कर दो ना, विवान ने लाड से पापा को कस कर गले लगाते हुए कहा । पापा ने बाहर देख कर कहा बेटा, आज तो मौसम बहुत ख़राब हो रहा है बारिश होने वाली है। कार भी सर्विस के लिए दी हुई है, अगर स्कूल जाने के लिए जल्दी तैयार नहीं हुए न तो स्कूटी से जाना मुश्किल हो जाएगा। अचानक बाहर जोरदार बारिश होने लगी तो प्रदीप परेशान हो गए। तभी तन्वी ने कहा मैं अपनी दोस्त प्रीती को कॉल लगाती हूँ वो और उसके पति अपनी गाड़ी से सारा को स्कूल छोड़ने जा ही रहे होंगे, रास्ते से हमें भी साथ ले लेंगे। तन्वी ने प्रीती से बात कर ली और वो निश्चिन्त हो गयी थी।

वो लोग तैयार हो कर लिफ्ट में जा ही रहे थे तभी प्रीती का कॉल आया , उसने कहा तन्वी आज सारा को स्कूल नहीं भेज रही हूँ। ठंडा भी बहुत हो गया है , कहीं बारिश की वजह से सारा बीमार ना पड़ जाए। दरअसल विवान के सर में चोट लगने की वजह से उसका 10 दिन का नुक़सान हो चुका था इसलिए तन्वी और प्रदीप उसकी स्कूल की छुट्टी नहीं कराना चाहते थे। जल्दी-जल्दी में प्रदीप ने कैब बुक की और जैसे-तैसे विवान को स्कूल पहुंचाया। पूरे रास्ते तन्वी बड़बड़ाती रही , कैसी दोस्त है एक बार ये भी नहीं कहा , हम छोड़ आते हैं विवान को स्कूल।
प्रीती जानती है अभी विवान के सिर की चोट के कारण उसे पानी से दूर रहना है, तब भी उसने एक बार भी नहीं सोचा। प्रदीप और तन्वी बारिश के रुकने के बाद इ रिक्शा से वापस आकर नीचे सोसाइटी में टहलने लगे। अगले कुछ दिन तक प्रीती ने तन्वी को कई कॉल किए लेकिन उसने फ़ोन उठाया ही नहीं।
जब भी प्रीती कॉल करती थी ,तन्वी उसका फ़ोन इग्नोर करती । तन्वी का गुस्सा थोड़ा कम हुआ तो उसने एक दिन प्रीती का कॉल उठाया और तबियत खराब का बहाना बना कर फ़ोन ना उठाने की बात टाल दी। प्रदीप अक्सर टूर पर ही रहते थे, बहुत कम समय वो तन्वी और विवान के पास रह पाते थे। ये बात प्रीती जानती थी, इसलिए तन्वी की तबियत ठीक नहीं है ये जानकर हर दुसरे दिन उसे कॉल करने लगी थी।

आज तन्वी को बहुत बेचैनी महसूस हो रही थी, सो भी नहीं पा रही थी क्यूंकि विवान को आज अपने दोस्त की बर्थ डे पार्टी में जाना था और वो बहुत खुश था। अचानक तन्वी को काफी तेज़ सिरदर्द होने लगा उसने ब्लड प्रेशर चेक किया तो काफी ज्यादा बढ़ा हुआ था। लापरवाही ना करते हुए उसने इमरजेंसी में जा कर दिखाने का फैसला किया, लेकिन अकेले विवान को लेकर जाने की उसके शरीर में ताकत ही नहीं थी। उसके दिमाग में सबसे पहले प्रीती का ख्याल आया। उसने फ़ोन कर के प्रीती को जैसे ही बताया ब्लड प्रेशर इतना बढ़ा हुआ है तो उसने कहा तू तैयार हो हम तेरे घर आ रहे हैं।

जब तक तन्वी और विवान जल्दी तैयार हो कर लिफ्ट तक पहुंचे उससे पहले ही प्रीती का कॉल आ गया। बात करते-करते वो लोग भी उनकी गाड़ी तक पहुंच गए । हॉस्पिटल ले जा कर प्रीती और उसके पति ने तन्वी का ठीक से इलाज करवाया। विवान को उसके दोस्त के घर छोड़ा और तन्वी को अपने साथ घर ले गए। आज तन्वी की आँखों में पश्चाताप के आंसू थे, उसने जरा सी बात पर प्रीती से दोस्ती तोड़ने तक का सोच लिया था और आज इतनी बड़ी परेशानी में प्रीती और उसके पति ही उसके काम आये थे। मन ही मन तन्वी ने प्रीती से कई बार माफ़ी मांगी और ये ठान लिया की ये दोस्ती अब हम कभी नहीं तोड़ेंगे।

