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बंद घड़ी का सही टाइम—गृहलक्ष्मी की कहानियां

अपनी परेशानियों में गुम संध्या, सड़क के किनारे फुटपाथ पर चली जा रही थी. तिलंगाना के एक छोटे से गाँव से दिल्ली में पढ़ने आई, संध्या की ज़िंदगी की गाड़ी, बड़ी जद्दो जहद के बाद, मुश्किल से पटरी पर आई थी. एक टूटी हुई शादी और जन्म के साथ मिले गरीबी के अभिशाप से उबरने […]