Posted inलघु कहानी - Short Stories in Hindi, हिंदी कहानियाँ

छोटी सी सीख- गृहलक्ष्मी की कहानियां

Motivational Short Story: बेटी रिया के जन्म के बाद से ही नैना ने खुद पर ध्यान देना छोड़ दिया था। कभी-कभी तो वो पूरे दिन बिखरे बालों में रहती। सुबह का नाश्ता भी कई बार उसे दिन के खाने के समय नसीब होता था। अपने लिए जरुरत की चीज़ें खरीदना अब उसे फ़िज़ूलख़र्ची लगता था। […]

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बारिश वाला दिन- गृहलक्ष्मी की कहानियां

Short Story in Hindi: विवान जल्दी तैयार हो जाओ, स्कूल के लिए लेट हो रहा है। पापा आज आप मुझे तैयार कर दो ना, विवान ने लाड से पापा को कस कर गले लगाते हुए कहा । पापा ने बाहर देख कर कहा बेटा, आज तो मौसम बहुत ख़राब हो रहा है बारिश होने वाली […]

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सलेटी रंग की साइकिल-गृहलक्ष्मी की कहानियां

Short Story in Hindi: मम्मा, मेरी पुरानी साइकिल दुकान पर देकर उससे नयी साइकिल लेने में हमें पैसे भी देने पड़ते हैं क्या? नमन ने अचनाक ये बात पूछी तो माँ समझ गयी, उसका जन्मदिन आने में 10 दिन रह गए थे। तभी नमन इतना खुश हो कर ये बात पूछ रहा है। शाम को […]

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तेरी सादगी- गृहलक्ष्मी की कहानियां

Short Story in Hindi: अनुष्का की बड़ी-बड़ी नीली आँखें बेहद खूबसूरत लगती थीं। पढ़ने में भी वो बहुत होशियार थीं, कॉलेज पास करते ही उसकी सरकारी नौकरी लग गयी । बिल्कुल अपनी आँखों की तरह उसका व्यवहार भी बहुत सादगी भरा था। शायद इसी वजह से वो घर तो क्या गली-मुहल्ले में भी सबकी लाड़ली […]

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छोटी सी ग़लतफ़हमी-गृहलक्ष्मी की कहानियां

Short Story in Hindi: संदीप बचपन से ही जिम्मेदार था। घर की आर्थिक हालत बहुत मजबूत नहीं थी, लेकिन उसके सपने बहुत बड़े थे। सिर्फ 19 साल की उम्र से ही उसने अपने परिवार का सहारा बनना शुरू कर दिया था। पढ़ाई में वह हमेशा अव्वल आता, और साथ ही पार्ट-टाइम नौकरी करके घर का […]

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नन्ही आँखों के अनकहे आंसू-गृहलक्ष्मी की कहानियां

Short Story in Hindi: दक्ष, उठो बेटा स्कूल जाने में लेट हो जाएगा। रागिनी अपने 7 साल के बेटे को किचन से लगातार आवाज़ें दिए जा रही थी। लेकिन आज दक्ष उठने का नाम ही नहीं ले रहा था। वैसे तो रागिनी दक्ष को टाइम से 20 मिनट पहले ही उठा दिया करती थी ताकि […]

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रिश्तों की अटूट डोर- गृहलक्ष्मी की कहानियां

Short Story in Hindi: छोटे शहरों की गलियों में पनपने वाले रिश्तों में एक अलग ही सच्चाई होती है। वहां दोस्ती सिर्फ साथ घूमने-फिरने का नाम नहीं होती, बल्कि हर सुख-दुख में कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहने का वादा होती है। नैना और अपर्णा की कहानी भी कुछ ऐसी ही है, जहां जिंदगी ने […]

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आत्मसम्मान की जीत-गृहलक्ष्मी की कहानियां

Short Motivational Story: आनंद और सीमा पति-पत्नी थे, दोनों को जन्म से ही कद छोटा होने की समस्या थी। शादी के बाद जब वे पहली बार साथ बाज़ार गए, तो लोगों की नज़रें जैसे उनका पीछा करने लगीं। कोई हँसकर इशारा करता, कोई फुसफुसाता देखो-देखो, कितने छोटे हैं! कुछ लोग तो मोबाइल निकालकर बिना पूछे […]

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अमर प्रेम-गृहलक्ष्मी की कहानियां

Sad Love Story: रजनी की शादी को पाँच साल बीत चुके थे, जब एक दिन उसके पति शैलेश को विदेश में नौकरी का सुनहरा अवसर मिला तो उसने उत्साह से कहा रजनी, अगर हम मलेशिया चलें तो मैं नौकरी के साथ-साथ अपनी पढ़ाई भी जारी रख सकूँगा। आगे चलकर और बेहतर नौकरी और अच्छी सैलरी […]

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सहारा-गृहलक्ष्मी की कहानियां

Sad Story in Hindi: मुझे पशु-पक्षी और जानवर बेहद प्रिय हैं उनके लिए दाना-पानी रखना,गली के कुत्तों को दोनों वक्त रोटियाॅं देना मेरी आदत में शुमार है। कुल मिलाकर मुझे जीव प्रेमी कहा जा सकता है। मेरी गली की एक कुतिया तीन दिनों से दिख नहीं रही थी। मैं और मेरा बेटा उसे ढूंढने लगे। […]

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