Best Hindi Story: कुछ दिनों बाद कनिका का स्थानांतरण उसी शहर के मुख्य शाखा में हो गया। कनिका ऑफिस छोड़ने से पहले मेहुल से मिलने गई। लगातार लगभग चार-पांच घंटे से बिना किसी ब्रेक के काम कर रही कनिका, स्वयं को थोड़ा रिलेक्स करने की चाह में अपने ऑफिस के पांचवें माले पर स्थित कैंटीन […]
Author Archives: डॉ प्रेमलता यदु
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पार्लर- गृहलक्ष्मी की कहानियां
Hindi Kahaniya: सुबह की सुनहरी धूप छन कर श्यामलाल जी की गैलरी व झरोखे से होते हुए उनके कमरे में अपनी रौशनी बिखेर रही थी. श्यामलाल जी अपने जमाने के सुप्रसिद्ध गीत “उड़ी जब जब जुल्फें तेरी…” गुनगुनाते हुए अपने बालों को संवार रहे थे तभी गृह सहायिका भंवरी उनके कमरे में दाखिल हुई और […]
