Side Effects of Cinnamon
Side Effects of Cinnamon

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अति हर बात की बुरी है। फिर वह कोई औषधि ही क्यों न हो। कई बार किसी औषधि का ज्यादा सेवन भी सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है।

Side Effects of Cinnamon: आयुर्वेद में कई मसालों को औषधि के बराबर माना गया है। इन्हीं में से एक है दालचीनी। इसके सेवन के ढेर सारे फायदे हैं। यही कारण है कि लोग दालचीनी का भरपूर सेवन करते हैं। लेकिन अब एक अध्ययन ने दावा किया है कि बिना सोचे समझे दालचीनी का सेवन सेहत के लिए बेहद खतरनाक है।

शोध में सामने आई यह बात

दालचीनी में सिनामाल्डिहाइड नामक एक कंपाउंड होता है।
Cinnamon contains a compound called cinnamaldehyde.

यूनिवर्सिटी ऑफ मिसिसिपी के शोधकर्ताओं का कहना है कि दालचीनी में सिनामाल्डिहाइड नामक एक कंपाउंड होता है। ये कंपाउंड प्रिस्क्रिप्शन वाली दवाओं के फायदे पर असर डालते हैं। शोधकर्ताओं का कहना है कि सीमित मात्रा में दालचीनी खाने से कोई परेशानी नहीं होती। लेकिन अगर आप अधिक फायदे के लिए इसे बहुत ज्यादा खाते हैं तो यह बाकी दवाओं के असर को कमजोर कर सकता है।

इसलिए होती है परेशानी

शोधकर्ताओं ने बताया कि दालचीनी में सिनामाल्डिहाइड होता है। यह लीवर में कुछ ऐसे एंजाइम को सक्रिय करता है, जिनकी मदद से शरीर में दवाओं के टूटने की प्रक्रिया तेज होती है। ऐसे में दवाओं को ठीक से काम करने का मौका ही नहीं मिलता और वो शरीर से बाहर चली जाती हैं। शोध की प्रमुख वैज्ञानिक शबाना खान का कहना है कि दालचीनी का जरूरत से ज्यादा सेवन चिंता का कारण बन सकता है। इससे कई अन्य स्वास्थ्य समस्याएं भी हो सकती हैं।

क्वालिटी का भी पड़ता है असर

शोधकर्ताओं ने बताया कि आप दालचीनी का उपयोग कैसे करते हैं, इसपर भी बहुत कुछ निर्भर करता है। क्योंकि दालचीनी में पाया जाने वाला नेचुरल तेल गुणकारी होता है। जोखिम दालचीनी की छाल से है। खासतौर पर कैसिया दालचीनी का सेवन संभल कर करना चाहिए। चिंता की बात ये है कि अधिकांश लोग इसी दालचीनी का उपयोग करते हैं। क्योंकि यह सस्ती आती है और आसानी से मिल जाती है। वहीं सीलोन दालचीनी बहुत गुणकारी होती है। इसे असली दालचीनी कहा जाता है। इसमें कूमारिन का स्तर काफी कम होता है। ऐसे में इसका सेवन काफी हद तक सुरक्षित होता है।

इन्हें है ज्यादा सावधानी की जरूरत

इस स्टडी में यह भी बताया गया है कि किन लोगों को सोच समझकर दालचीनी का सेवन करना चाहिए। इनमें कई ऐसी बीमारियां भी शामिल हैं, जिनके लिए दालचीनी को रामबाण इलाज माना जाता है। हालांकि शोधकर्ताओं का कहना है कि यह स्टडी दालचीनी के जरूरत से ज्यादा सेवन को लेकर है। डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, गठिया, मोटापा, अस्थमा, कैंसर, एड्स और डिप्रेशन से पीड़ित लोगों को दालचीनी का हमेशा सीमित सेवन करना चाहिए। या फिर प्रिस्क्रिप्शन वाली दवाएं लेने के दौरान दालचीनी या इसके सप्लीमेंट का उपयोग करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए। क्योंकि सप्लीमेंट किसी बीमारी का इलाज या उपचार नहीं हो सकते हैं।

कैसे करें दालचीनी का उपयोग

इसमें कोई शक नहीं है कि दालचीनी सेहत के लिए फायदेमंद है। लेकिन इसका सेवन ठीक से करना जरूरी है। आप खाना पकाने के दौरान उसमें एक या दो चुटकी दालचीनी डाल सकते हैं। अगर आप हर सुबह दालचीनी या इसका कोई सप्लीमेंट ले रहे हैं तो एक बार डॉक्टर से सलाह जरूर लें। कुछ लोग प्रोटीन शेक में भी दालचीनी पाउडर डालते हैं। लेकिन इससे पहले भी आपको विशेषज्ञ की सलाह लेनी चाहिए। अगर आप किसी प्रकार की दवाएं ले रहे हैं तो ऐसा करना और भी जरूरी है।

मैं अंकिता शर्मा। मुझे मीडिया के तीनों माध्यम प्रिंट, डिजिटल और टीवी का करीब 18 साल का लंबा अनुभव है। मैंने राजस्थान के प्रतिष्ठित पत्रकारिता संस्थानों के साथ काम किया है। इसी के साथ मैं कई प्रतियोगी परीक्षाओं की किताबों की एडिटर भी...