Summary: कौन हैं ज्योति याराजी, जिन्होंने बिना तालियों की गूंज और दर्शकों के शोर के गोल्ड मेडल जीतकर रचा इतिहास
ज्योति याराजी ने दक्षिण कोरिया के गुमी में हुए एशियन एथलेटिक्स चैम्पियनशिप 2025 में 100 मीटर हर्डल्स में गोल्ड मेडल जीतकर भारत का नाम रोशन किया। उनकी यह जीत मेहनत, संघर्ष और आत्मविश्वास की मिसाल है।
Jyothi Yarraji: पोडियम पर कोई दर्शक नहीं थे, ना ही तालियों की गूंज थी, लेकिन भारतीय एथलीट ज्योति याराजी के हौसले ने सभी को पीछे छोड़ दिया। दरअसल, दक्षिण कोरिया के गुमी में एशियाई एथलेटिक्स चैम्पियनशिप 2025 में, उन्होंने 100 मीटर हर्डल्स में गोल्ड मेडल जीता। यह जीत सिर्फ पदक की नहीं थी, बल्कि मेहनत और स्ट्रगल की कहानी थी। इसी जीत के बाद लोग सोशल मीडिया पर यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि आखिर ज्योति कौन हैं और उनकी उपलब्धियां क्या-क्या हैं। तो आइए, जानते हैं उनके बारे में।
ज्योति याराजी कौन है
ज्योति याराजी, आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम की रहने वाली हैं, जिनका जन्म 28 अगस्त 1999 को हुआ। लिमिटेड फैसिलिटीज के बीच पली-बढ़ी ज्योति ने 2015 में आंध्र प्रदेश इंटर-डिस्ट्रिक्ट मीट में स्वर्ण पदक जीतकर पहली बार सुर्खियां बटोरीं। उनके पिता सूर्यनारायण एक प्राइवेट सुरक्षा गार्ड हैं और माता कुमारी भी घरों में काम करती थी।
बचपन में हुईं टैलेंट की पहचान
ज्योति याराजी की किस्मत बड़े मुक़ामों के लिए बनी थी। स्कूली दिनों में ही उन्होंने अपनी मंजिल का रास्ता तय कर लिया था। विशाखापट्टनम के पोर्ट हाई स्कूल की फिजिकल एजुकेशन टीचर ने उनके हर्डलिंग टैलेंट को पहचाना और महसूस किया कि उनका कद इस खेल के लिए उपयुक्त है।ज्योति के माता-पिता उनके प्रेरणा स्रोत रहे। उनका सपना हमेशा अपने परिवार की देखभाल करने के काबिल बनना था। आचार्य नागार्जुन विश्वविद्यालय में इतिहास की पढ़ाई करते हुए भी उन्होंने कभी खेल को पीछे नहीं छोड़ा।
खेल में शुरुआती सफलता
2015 में आंध्र प्रदेश इंटर-डिस्ट्रिक्ट मीट में स्वर्ण पदक जीतकर ज्योति पहली बार सुर्खियों में आईं। इसके अगले साल उन्होंने ओलंपियन और द्रोणाचार्य पुरस्कार विजेता कोच एन. रमेश के तहत हैदराबाद के साई सेंटर में प्रशिक्षण लेना शुरू किया। ज्योति लगातार जूनियर और सीनियर राष्ट्रीय इवेंट में पदक जीतती रहीं। दो साल के प्रशिक्षण के बाद उन्हें गुंटूर में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में शामिल होने का मौका मिला, लेकिन यह केंद्र अचानक बंद हो गया।
हाई-परफॉर्मेंस की मिली ट्रेनिंग
2019 में ज्योति भुवनेश्वर के रिलायंस ओडिशा एथलेटिक्स हाई-परफॉर्मेंस सेंटर में ब्रिटिश कोच जेम्स हिलियर के तहत प्रशिक्षण लेने लगीं। मेहनत रंग लाई और जनवरी 2020 में उन्होंने कर्नाटक के मूडबिद्री में ऑल इंडिया इंटर-यूनिवर्सिटी एथलेटिक्स मीट में 13.03 सेकेंड में स्वर्ण पदक जीतकर खेल में नया मुकाम हासिल किया।
ज्योति याराजी का भावुक वीडियो हुआ वायरल
आपको बता दें, ज्योति याराजी के इस वीडियो के वायरल होने की सबसे बड़ी वजह यह है कि दक्षिण कोरिया के गुमी में मई 2025 में एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप के दौरान, उन्होंने बारिश के बीच खाली स्टेडियम में हुए 100 मीटर हर्डल रेस में 12.96 सेकेंड का नया रिकॉर्ड बनाते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। लेकिन हैरानी की बात है कि जब वो मेडल ले रही थी तब उनके आंखों में आंसू भी नजर आए, क्योंकि मेडल लेते समय पोडियम पर कोई और मौजूद नहीं था।
