Hindi Social Story: ” साहब आपकी कॉफी टेबल पर रखी है और दोपहर का भोजन बनाकर रसोईघर में रख दिया है आप अपने समय पर याद से खाकर बर्तन खाने की टेबल पर रख देना हम शाम को आकर साफ कर देंगे , ठीक है और आप ध्यान से अपनी दवाएं जरूर ले लेना और […]
Category: सामाजिक कहानियाँ (Social Stories in Hindi)
लेखक का उद्देश्य ही होता है कि वह अपनी लेखनी से समाज में सकरात्मक परिवर्तन लाने की कोशिश करें। समाजिक कहानियों के अंतर्गत लेखक समाज की बुराईयों से पाठक वर्ग को अवगत कराता है और उन्हें सही रास्ता दिखाता है। आसान शब्दों में कहें तो इन कहानियों के माध्यम से समाज को सही दिशा दिखाई जाती है। समाजिक कहानियां वही लेखक लिखते हैं तो समाज में चल रहे बुराईयों पर विराम लगाना चाहते हैं। बहुत ही आसान भाषा में लिखी गई गृहलक्ष्मी वेबसाइट पर ये समाजिक कहानियां आपको सोचने पर जरूर मजबूर करेगी। यहां पढ़े हमारे सर्वेश्रेष्ठ लेखक द्वारा लिखी गई समाजिक कहानियां।
भजन क्लबिंग-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Hindi Motivational Story: श्रद्धा एक छोटे से गाँव में अपने पापा के साथ रहती थी। वह पढ़ने-लिखने में तेज़ थी, कुछ दिन पहले अपने मम्मी को खोने के बाद एकदम बुझी सी रहती थी , किसी तरह उसके पापा थोड़ा बहुत कमा के घर का खर्च चला लेते थे लेकिन श्रद्धा के ताऊ जी बहुत […]
प्रेम बीज-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Hindi Social Story: नीरा का सिर दर्द से फटा जा रहा था। सुबह से पच्चीसों कॉल कर चुकी थीं उसकी मम्मी। हर बार सिर्फ एक ही बात… “शादी के लिए हांँ कर दो। तुम्हें कोई पसंद है तो बता दो।” वो थक गई थी अब मांँ की उन्हीं बातों से। “अब तू अठाईस की हो […]
नया संगीत नई पहचान-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Hindi Social Story: सूत्रधार: आज दोपहर में ही अंकिता को लड़के वाले देखकर गए थे, और एक घंटे बाद ही उनका फोन आ गया।ममता जी: क्या हुआ जी !? किसका फोन था?घनश्याम जी: लड़के वालों का फोन था। अंकिता के लिए मना कर रहे हैं।सूत्रधार: पापा की बात सुनकर छोटी बेटी आंचल गुस्से में तिलमिला […]
पछतावा-गृहलक्ष्मी की कहानी
Hindi Social Story: यूं तो मधुरिमा की शादी को चौदह वर्ष पूरे हो चुके थे, पर शायद घर में मिलते तिरस्कार से वो स्वयं को पूर्णतया अकेली सी महसूस करती थी हर पल।ताने मारने का कोई भी मौका सासू मां चूकती न थी ।परिवार का हर सदस्य ही मधुरिमा की बुराई करता और उसके हर […]
लास्ट कैंडिडेट-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Hindi Motivational Story: “मिस्टर दीपक आपने सभी सवालों का जवाब बिल्कुल सही दिया है। हमें खुशी होगी आप जैसा काबिल व्यक्ति हमारे स्टाफ में शामिल हो। हम आपको कॉल करके बताएंगे कि कब से ज्वाइन करना है।”राजेन्द्र ने संगीत शिक्षक के लिए अंतिम अभ्यर्थी दीपक से कहा जिसके चेहरे पर शुन्य भाव उसने भी महसूस […]
आलू टमाटर की सब्जी-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Short Story in Hindi: आज बाबूजी की तेरहवीं है। नाते-रिश्तेदार इकट्ठे हो रहे हैं। उनकी बातचीत, हँसी मज़ाक देख-सुनकर उसका मन उद्दिग्न हो रहा है..”कोई किसी के दुख में भी कैसे हँसी मज़ाक कर सकता है? पर किससे कहे,किसे मना करे,, सभी तो एक जैसे हैं”वह बाबूजी की तस्वीर के सामने जाकर आँख बंद करके […]
ये कैसी छूट-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Hindi Social Story: आम भारतीय घरों की तरह सुधा के घर पर भी सुबह – सबेरे भाग- दौड़ मची थी| पतिदेव को ऑफिस जाना है| बच्चों को स्कूल भेजना है| ससूर जी मार्निंग वॉक से आने वाले है|सासु जी के लिए पूजा घर साफ कर प्रसाद बनाना है| सुधा चारों तरफ दौड़ रही थी,जिंदगी भर […]
हाफ लव—गृहलक्ष्मी की कहानियां
Hindi Love Story: अनन्या ने अभी इंस्टा पर प्रोफाइल पिक्चर चेंज किया था कि टिंग टिंग की आवाज के साथ चार मैसेज आ गए थे. अधिकतर अनन्या इन ऑनलाइन आशिकों को भाव नहीं देती थी.एक लंबी कतार थी जो रोज अनन्या के ऑनलाइन दरबार में गुहार लगाते थे.मगर अनन्या इन सब से बेपरवाह अपनी ही दुनिया मे मगन रहती थी. मगर आज का मैसेज एक खिलंदड़ से लड़के का था “हैलो तुम इन बादलों जैसी जुल्फों में बहुत ख़ूबसूरत लग रही हो “ “तुम दुनिया की पहली और आखिरी ख़ूबसूरत लड़की नहीं हो मगर तुम्हारी ये छोटी सी सबअर्बन नाक और चिड़िया जैसे छोटे से होंठ तुम्हें औरों से ख़ास बनाते हैं “ अनन्या ने देखा मैसेज किसी राघव नाम के लड़के का था. मैसेज की भाषा इतनी सुन्दर थी कि अनन्या फौरन राघव के प्रोफाइल पर पहुंच गई थी. एक प्यारा सा चेहरा, आँखों में जीवन के लिए ढेरों ढेर जुगनुओं की चमक, होठों पर शरारती मुस्कान और हाथों में गिटार. अनन्या अभी ये सोच ही रही थी कि क्या ये राघव की ही तस्वीर है तभी राघव का मैसेंजर बॉक्स में मैसेज आ गया “क्या मेरे प्रोफाइल को चेक कर रही हो?” “ज्यादा कुछ नहीं मिलेगा तुम्हें, अपना नंबर दो, कॉल पर बात करते हैं “ अनन्या राघव के इतने खुलेपन से थोड़ी अचंभित सी थी “तुम्हें क्यूँ लगता हैं कि मैं तुम्हें नंबर दूँगी?” उधर से मैसेज आया “आजकल के ज़माने में जहां लड़कों की निगाह बस लड़की के शरीर पर ही ठहरती हैं शायद मैं इकलौता ही हूँ जो इतनी तहजीब से फ्लर्ट कर रहा होगा “ “डरो नहीं गुंडा नहीं हूं “ अनन्या ने नंबर दे दिया और एक मिनट में फोन आ गया “उधर से बड़ी खनकदार हंसी थी जो अनन्या के दिल को चुरा कर ले गई थी “ कॉल पूरे आधे घण्टे चला और राघव दो दिन मे ही अनन्या के जीवन का अभिन्न अंग बन गया था. अनन्या भी राघव के पूरे रूटीन से परिचित थी.अनन्या अक्सर शाम के पांच बजे फ्री रहती थी तो राघव ऑफिस की मीटिंग को उसके हिसाब से शेड्यूल कर लेता था. राघव 26 साल का था और अनन्या 22 साल की थी. अनन्या को 15 दिन मे लगने लगा था कि राघव और वो एक दूसरे के लिए अच्छे जीवनसाथी साबित हो सकते हैं. राघव और अनन्या पूरे एक महीने बाद मिले और उन छह घण्टों में राघव और अनन्या ना केवल शरीरिक रूप से ब्लकि मानसिक और आत्मिक रूप से भी एक हो गए थे. इसी तरह से एक माह और बीत गया और जब एक दिन अनन्या ने राघव से कहा “राघव तुम मेरे घर कब आ रहे हो? राघव हंसते हुए बोला “तुम्हारी शादी में आ रहा हूं “ अनन्या थोड़ा संजीदगी से बोली “मैं सीरियस हूं, हमें अब इस रिश्ते को एक अगले पडाव पर ले कर जाना चाहिए “ राघव बोला “शताब्दी एक्सप्रेस ठहरो, मैने कब बोला था कि मैं तुमसे कोई रिश्ता चाहता हूं?” अनन्या बोली “फिर ये सब क्या है? क्या बस टाइम पास था?” राघव गुस्से मे बोला “जो कुछ हैं बेहद निजी और खास हैं उसे मुझे कोई नाम नहीं देना हैं “ “तुम मेरे लिए जरूरी हो जैसे जिंदगी जीने के साँस मगर मैं इसके ऊपर किसी रिश्ते का बंधन नहीं लगाना चाहता हूं “ दो दिन तक वॉट्सअप की खिड़की खामोश रही, अनन्या इन दो दिनों में हज़ारों बार राघव के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को खंगालती रही मगर कुछ नहीं मिला और फिर हार कर अनन्या ने ही अपनी एक नयी पिक्चर भेज दी.बातों के तारो ने फिर से दिल के तारों को छेड़ दिया. शाम को अनन्या और राघव डिनर पर मिले और राघव ने रेस्त्रां में सबके सामने अनन्या के पसंदीदा गाने को गिटार पर बजाया. अनन्या पूरी रात सोचती रही कि राघव उससे प्यार करता हैं या नहीं, एक मन कहता कि अगर नहीं करता तो सबके सामने क्यों उसके लिए गिटार बजाता ,मगर फिर वो क्यों इस रिश्ते को कोई नाम नहीं देना चाहता? अनन्या और राघव के बीच सब कुछ बेहद परफेक्ट होता जब तक अनन्या रिश्ते की बात बीच मे नहीं लाती थी. आज वेलेंटाइन डे था, चारों और प्यार की खुमारी चढ़ी हुयी थी. अनन्या कॉलेज के लिए तैयार हो रही थी.ना चाहते हुए भी अनन्या राघव से प्यार करने लगी थी. उसे लग रहा था कि देर सवेर ही सही राघव उनके रिश्ते को नाम जरूर देगा अनन्या जैसे ही घर से बाहर निकली राघव कार लिए खड़ा हुआ था. अनन्या को राघव से ऐसी कोई उम्मीद नहीं थी इसलिए उसे बहुत खुशी हो रही थी. राघव ने उसे लाल गुलाब का फूल दिया, उसके बाद वो दोनों एक पिक्चर देखने चले गए. शाम को डिनर के समय राघव ने अनन्या को एक हीरे की अंगूठी दी और उससे पहले अनन्या कुछ कहती, राघव ने अनन्या के होठों पर हाथ रखकर कहा “कुछ ना कहो, लफ़्ज़ों में उलझ कर इस लम्हे को बर्बाद ना करो “ अनन्या के पांव जमीन पर नहीं पड़ रहे थे. उसे यकीन हो गया था कि राघव भी अब रिश्ते के लिए तैयार हैं. आज अनन्या का जॉब इंटरव्यू था, इंटरव्यू बहुत अच्छा गया था, मगर अनन्या को जॉब के लिए चेन्नई में जॉइन करना था. अनन्या बेहद खुश थी, जब उसने ये बात राघव को बताई तो राघव मुहँ लटकाते हुए बोला “कैसे रहूँगा मैं तुम्हारे बिना?” अनन्या बोली “क्या सच बोल रहे हो?” “मगर तुम तो हमेशा मुझसे भागते थे “ राघव आँखों में शरारत भरते हुए बोला “मगर अब तुम भाग रही हो तो तेरी दोस्ती को जाना “ अनन्या ने बिना किसी से सलाह लिए अगले दिन ही ऑफर लेटर रिजेक्ट कर दिया था. राघव को उसने कॉल लगाया तो उसने कॉल नहीं लिया बस एक छोटा सा टेक्स्ट था “अभी बिजी हूं, अपने आप ही कॉल करूंगा “ अनन्या मन ही मन मंथन कर रही थी कि राघव कितना बदल गया हैं. पहले ये ही राघव कितना टेक्स्ट से चिढ़ता था. दो दिन तक अनन्या ने सब्र किया. तीसरे दिन उसे गुस्सा आ गया और उसने एक लंबा सा टेक्स्ट किया. राघव का जवाब आया “तैयार रहना मैडम, तुम्हारे लिए एक सरप्राइज हैं “ रात को अनन्या ने ब्लू कलर का ड्रेस पहना जो राघव का पसंदीदा रंग था.राघव की कार एक शानदार फाइव स्टार होटल के सामने रुकी. राघव ने अनन्या के सारे पसंदीदा डिश मंगाए और फिर अनन्या का हाथ हाथों में लेते हुए कहा “अनु तुम्हें नहीं पता तुम मेरे लिए कितना बड़ा सपोर्ट रही हो “ “तुम्हारे कारण ही मै आज यहां पहुंच पाया हूँ “ चलो अपनी आंखें बंद करो और ये कहकर राघव ने अनन्या के हाथ मे एक कागज पकड़ा दिया. अनन्या ने आखें खोली तो देखा कि अमेरिका का टिकट था, वो अचकचाते हुए बोली “तुम क्या अमेरिका जा रहे हो?” राघव बोला “हाँ मुझे एक बहुत अच्छी ऑफर मिली हैं और परसों मैं जा रहा हूं “ अनन्या एकाएक बोल उठी “तुम नहीं जा सकते हो, मैं कैसे रहूंगी तुम्हारे बिना?” “तुम्हारे लिए मैने अपनी नौकरी का ऑफर भी ठुकरा दिया हैं “ राघव बोला “एक मिनट, एक मिनट, तुमने मेरे लिए नहीं, अपने लिए रिजेक्ट किया था “ […]
बीच का रिश्ता-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Hindi Motivational Story: रिया और आरव की मुलाक़ात किसी फिल्मी सीन की तरह नहीं हुई थी। न कोई टकराने वाली कॉफी, न कोई अचानक नज़रें मिलना। वो बस एक ऑफिस के प्रोजेक्ट पर साथ काम करने वाले दो आम लोग थे।शुरुआत में बातचीत सिर्फ़ ईमेल और कॉल तक सीमित थी — “इस फाइल का अपडेट […]
