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“संन्यासी कौन?”-गृहलक्ष्मी की कहानियां

Hindi Motivational Story: गुलमोहर और पारिजात के वृक्षों से छनकर आ रहा सूर्य का प्रकाश सीधे उमा के चेहरे को छू रहा था, सुरभित पवन के वेग के साथ साथ फूलों की महक भी उमा के हृदय में समा रही थी। कुछ एक फूल आते जाते लोगों के पांव तले अपने अस्तित्व को बचाने का […]

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असली कन्या पूजन-गृहलक्ष्मी की लघु कहानी

Hindi Short Story: प्रीति आठ महीने के गर्भ से थी। यह उसका तीसरा बच्चा था। पहले से ही उसकी दो बेटियाँ थी। जिन्हें वह खूब लाड प्यार करती थी। उसकी इच्छा नहीं थी कि वह और संतान पैदा करें। लेकिन सास की पोते का मुँह देखने की लालसा से उसे यह करना पड़ा। प्रीति के […]

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शुक्रिया कहना जरूरी है-गृहलक्ष्मी की कहानियां

Hindi Social Story: पीछे के मोहल्ले में वैभव रहता था। जो अभी अभी अपनी पढ़ाई पूरी कर ही पाया था के परिवार और पड़ोस के बेरोजगार का ताना सुन सुन करके तंग आ गया था । इसी लिए पढ़ाई पूरी करने के बाद वह नौकरी की तलाश में दिन-रात भटकने लगा था। लगातार प्रयास के […]

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लाल पानी—गृहलक्ष्मी की कहानियां

Hindi Social Story: सीता की अम्मा..कहाँ हो? कुछ सुनी हो..जो खलिहान वाला ठूठा पेड़ है वो भी डूब गया ।सन् ८३ के बाद ऐसा पहली बार हुआ है,बाढ़ भयंकर रूप ले रही है।हाँ सुन लिये…अब का करे हलक से पानी ना घोटें? इस कर्मनाशा के लाल पानी ने तो सच में हमरा करमें नाश दिया है ।गवना करके आये […]

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सुबह की भूली—गृहलक्ष्मी की कहानियां

Hindi Social Story: “कब लौटोगी ,कहाँ जा रही हो इतना तो बता दो, प्रशान्त ने संयत स्वर में पूछा।”जहन्नुम में… प्रिया ने दाँत पीसकर कहा और बैग में अपना सामान लगभग ठूँसते हुए कैब करके निकल गयी।काश तुमनें जल्दबाजी की बजाय सोच -समझकर निर्णय लेना सीखा होता ,उसके होंठ हताशा में इतना बुदबुदाकर चुप हो […]

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गोलमाल-गृहलक्ष्मी की कहानियां

Hindi Social Story: जगदीश बाबू घर के मुखिया  खानपान में बड़े शौकीन व्यक्ति थे, भोजन में घी-दूध से विशेष प्रेम था| भोजन करते समय उनकी दाल के साथ अलग से कटोरी में हींग ज़ीरे की बघार अलग से रखी जाती  थी, अगर कभी चूक हो जाती तो वह मन से भोजन न करते। उन्हें प्रसन्न करने के […]

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स्नेह-सुख-गृहलक्ष्मी की कहानियां

Hindi Motivational Story: मणिशंकर ने अपने बेटे मनु को मोहल्ले के बच्चों के साथ स्कूल वैन के पीछे दौड़ते देखा तो उसका दिल भारी हो गया। मनु बार-बार पूछता, “पापा, कब आएगी हमारी कार? सबके पास है। मुझे भी स्कूल कार से जाना है…” सुनयना ने मायके से लौटकर कहा, “अब गाड़ी ज़रूरत नहीं, स्टेटस […]

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“आत्मसम्मान”—गृहलक्ष्मी की कहानियां

Hindi Kahani: एक छोटे से गाँव में एक खुशहाल परिवार रहता था। पति-पत्नी और उनके तीन बच्चे कुल‌ पांँच लोग। हालांकि पत्नी अपने पति से बहुत अधिक छोटी थीं, करीब दस-ग्यारह साल किन्तु शादी के आरम्भिक सालों को छोड़कर फिर उनमें कभी कोई भी मनमुटाव नहीं हुआ।घर के मुखिया का नाम रामकृष्ण था। वह अपनी […]

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शुक्रिया राघव—गृहलक्ष्मी की कहानियां

Hindi Motivational Story: “ये क्या बेवकूफी कर रही हो रैना। आखिर कितना कुछ किया है राघव और उसके परिवार ने हमारे लिए। कैसे  भूल गई तुम कि आज उन्हीं की बदौलत तुम जिंदा हो और तुमने एक बार भी नहीं सोचा कि तुम्हारे इस व्यवहार से उनको कितना बुरा लगेगा।”  “मुझे कुछ नहीं सुनना उन […]

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निस्वार्थ प्रेम की झलक-गृहलक्ष्मी की कहानियां

 Hindi Love Story: शांति गहरी होती चली जा रही थी और भावना के दिल की धड़कनें भी तेज होने लगी थीं। बालकनी में चुपचाप बैठी हुई भावना अपने जीवन को वरदान या अभिशाप के रूप में देखने में इतनी व्यस्त हो गई थी कि उसे समय और स्वयं का कोई ध्यान नहीं था वह बिल्कुल […]

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