Hindi Motivational Story: मां, दादी बाबा कहां हैं”?छुट्टियों में छात्रावास से घर लौटते ही बेहद शांति महसूस करते हुए सौरभ ने मधु से पहला प्रश्न पूछा|“इतनी जल्दी क्या है?पहले अपना कमरा तो देख ले कैसा सजा है! उसके बाद मामाजी के यहां चलना है गृहप्रवेश में” मधु ने बेहद उत्साह से कहा।सौरभ अंदर गया तो […]
Category: सामाजिक कहानियाँ (Social Stories in Hindi)
लेखक का उद्देश्य ही होता है कि वह अपनी लेखनी से समाज में सकरात्मक परिवर्तन लाने की कोशिश करें। समाजिक कहानियों के अंतर्गत लेखक समाज की बुराईयों से पाठक वर्ग को अवगत कराता है और उन्हें सही रास्ता दिखाता है। आसान शब्दों में कहें तो इन कहानियों के माध्यम से समाज को सही दिशा दिखाई जाती है। समाजिक कहानियां वही लेखक लिखते हैं तो समाज में चल रहे बुराईयों पर विराम लगाना चाहते हैं। बहुत ही आसान भाषा में लिखी गई गृहलक्ष्मी वेबसाइट पर ये समाजिक कहानियां आपको सोचने पर जरूर मजबूर करेगी। यहां पढ़े हमारे सर्वेश्रेष्ठ लेखक द्वारा लिखी गई समाजिक कहानियां।
दिव्या-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Hindi Motivational Story: इंटरमीडिएट का रिजल्ट आया था। परीक्षा में पास बच्चे अपने माता-पिता, भाई-बहनों से खुशियाँ बाँट रहे थे। एक दूसरे को मिठाई खिला रहे थे। अपने रिश्तदारों को फोन कर खुशियों का इजहार कर रहे थे। दिव्या भी परीक्षा में पास हुई थी। गाँव में सर्वाधिक नंबर उसके आए थे। उसने भी अपनी […]
अपने पराए—गृहलक्ष्मी की कहानियां
Hindi Social Story: “तुम आ गई मुझे तो लगा नहीं आओगी।” बड़ी उम्मीद भरी नजरों से देख सुहानी की बड़ी बहन मालती उससे बोली थी जो उसे कुछ सालों से हिकारत भरी नजरों से देखा करती थी। गले में सोने की चेन और कान में हीरे के टॉप्स से ज्यादा उसके चेहरे पर चमक थी […]
गंतव्य-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Social Story: बाहर से चीखने चिल्लाने की आवाज आ नहीं है रही है दिल कर रहा है कहीं पाताल में जा चुप जाऊं पर जो निर्णय आज उसने लिया है पूर्वाभासित तो था ही ना उसका यह परिणाम ,आखिर निर्णय था भी तो बहुत विचित्र और इसी विचित्रता को पापा जी पागलपन ने संज्ञा दे […]
स्मृतियां-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Hindi Social Story: पल्लवी रोज की तरह सुबह आफिस जाने के लिए निकल रही थी , और सासु मां के पैर छू उनसे विदा लेकर सीढियां उतरने वाली ही थी कि मां ने आवाज दी,”पल्लो बेटा भाजी लानी है बाजार से पैसे देती जाती कुछ”। पल्लवी,”हां मां सही याद दिलाया आपने, आप परेशान न होना […]
क्या रहस्य था 7 बजे का-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Hindi Motivational Story: 7 बज गए क्या,नीना बेटा। जी पापा बस 5 मिनिट ही है, आपकी चाय तैयार है, क्या हुआ? आप बार बार समय क्यों पूछ रहे है। वो कुछ नही बेटा मुझे सुबह की सैर करनी होती है ना तो 7 बजे निकलना होता है,अच्छा मैं आता हूँ, तुम दरवाजा बंद कर लोपापा आपजी चाय ,2 […]
बूढ़ा पिता कोई मोहताज नहीं-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Hindi Motivational Story: जया सुबह- सुबह ससुर रामचरन जी को किचन में देखकर बोली -बाबू जी मुझे अभी टिफिन बनाना है, आप बाद में गरम पानी करना। वे बोले अच्छा बेटा तू अपने बाथरूम से ही गरम पानी लाकर दे दे। तब जया बोली- बाबू जी अभी बच्चों और आपके बेटे को गरम पानी चाहिए […]
नन्हा दोस्त-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Social Story in Hindi: घर जल्दी पहुँच चुके राजेश ने अपनी पत्नी सुनीता को फोन लगाया.“सुनीता, कहाँ हो? अभी तक ऑफिस से घर नहीं आईं?”.“मैं लेडी डॉक्टर के पास रूटीन चेकअप के लिए आई हूँ. तुम घर पहुँच गए क्या?”“हाँ, आज थोड़ा जल्दी आ गया.”“बस, …निकल ही रही हूँ.” कहकर सुनीता ने फोन रख दिया.नोएडा […]
घर की छत-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Hindi Motivational Story: अपने पिता के कांपते हाथ देखकर ना जाने क्यों आशी का विश्वास भी कांप रहा था. आशी ने अपने पापा दीपक को सदा एक चट्टान की तरह देखा था, अडिग और मजबूत. अपने पापा के सहारे ही तो आशी अपने झूठे और मक्कार पति मनुज को छोड़ कर इस घर मे आ […]
जिंदगी के साथ जिंदगी के बाद भी-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Hindi Social Story: अरे, सुबह-सुबह यह क्या लेकर बैठ गए हैं? चाय नाश्ता कर लीजिए देर हो रही है। मुझे खाना बनाने में देर हो रही है।सुनो,यह मेरी कुछ पॉलिसीयों के कागज हैं यह पांच साल बाद पूरी होने वाली है। ये एफ.डी अगले साल पूरी होने वाली है और यह कुछ इन्वेस्टमेंट है जो […]
