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सुबह की भूली—गृहलक्ष्मी की कहानियां

Hindi Social Story: “कब लौटोगी ,कहाँ जा रही हो इतना तो बता दो, प्रशान्त ने संयत स्वर में पूछा।”जहन्नुम में… प्रिया ने दाँत पीसकर कहा और बैग में अपना सामान लगभग ठूँसते हुए कैब करके निकल गयी।काश तुमनें जल्दबाजी की बजाय सोच -समझकर निर्णय लेना सीखा होता ,उसके होंठ हताशा में इतना बुदबुदाकर चुप हो […]

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गोलमाल-गृहलक्ष्मी की कहानियां

Hindi Social Story: जगदीश बाबू घर के मुखिया  खानपान में बड़े शौकीन व्यक्ति थे, भोजन में घी-दूध से विशेष प्रेम था| भोजन करते समय उनकी दाल के साथ अलग से कटोरी में हींग ज़ीरे की बघार अलग से रखी जाती  थी, अगर कभी चूक हो जाती तो वह मन से भोजन न करते। उन्हें प्रसन्न करने के […]

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गायब-गृहलक्ष्मी की कहानियां

Hindi Kahani: “किसी काम की नहीं हो तुम, ऐसा है!अभी निकल जाओ इस घर से”  पतिदेव के कटु वचन अँगारे बरसा रहे थे ।मैं  उन्हें ठगी हुई नज़रों से देखती रह गयी, “आखिर कसूर क्या था मेरा?” बेटी के रूखे बालों को देख उनमें थोड़ा तेल लगाने को  कह दिया था। उसके  न कहने पर बस ,माँ […]

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डिब्बा-गृहलक्ष्मी की कहानियां

Hindi Motivational Story: मां, दादी बाबा कहां हैं”?छुट्टियों में छात्रावास से घर लौटते ही बेहद शांति महसूस करते हुए सौरभ ने  मधु से पहला प्रश्न पूछा|“इतनी जल्दी क्या है?पहले अपना कमरा तो देख ले कैसा सजा है! उसके बाद मामाजी के यहां चलना है गृहप्रवेश में” मधु ने बेहद उत्साह से कहा।सौरभ अंदर गया तो […]

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कसौटी और सोना-गृहलक्ष्मी की कहानियां

Hindi Kahani: “गलत लिखा है या सही,यह हमारा हाथ बता देता है ,यह सही स्पेलिंग  लिखने पर कंपकँपाता नहीं है” कोमल ने विद्यार्थियों को समझाते हुए कहा।“मैम आप को डिक्शनरी यूँ ही नहीं कहा जाता स्कूल में ,आप नींद में भी सही ही बताती हैं यह ज़रूर कोई जादू है ,हम आपका सीक्रेट जानना चाहते […]

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निवेश—गृहलक्ष्मी की कहानियां

Hindi Kahani: “अरे!” गाड़ी रुकते ही ज्यों दुकान की ओर निगाह डाली  तो आँखों पर विश्वास न कर पाई ।गद्दी पर  बड़े भैया को बैठे देखकर मधुरा की आँखों में  ख़ुशी मिश्रित आश्चर्य तैर गया।बरसों से बढ़ाई गई दाढ़ी नदारद थी ,साफ सुथरा कुर्ता पायजामा पहने ,बचपन वाले भैया के चेहरे में उसे वो लापरवाह अजय […]

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पँक्तिभेद-गृहलक्ष्मी की कहानियां

Hindi Social Story: अरे सुनो, भाभी  अभी सुबह-सुबह ही अपने मायके चली  गयी हैं पन्द्रह दिनों बाद आयेंगी । उस घर का खाना देख लेना”,प्रभात के इन शब्दों ने सुगना के ज़ख्मों की पपड़ी उतार दी जैसेपापड़ी  बेलते-बेलते उसके हाथ कुछ ज्यादा तेज़  चलने लगे।उखड़े स्वर में बोली क्या करूँ उनका आये दिन का राग है […]

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साक्षर और शिक्षित-गृहलक्ष्मी की कहानियां

Social Story in Hindi: बाबू ….चलो आपको डॉक्टर बुला रहे हैं,ज़ोर से आवाज़ देकर राघव ने अपने पिता को सहारा देते हुए उठाया।रिटायर्ड प्रिंसिपल मिश्र जी बेहद कमजोर हो गए थे और हृदय के ऑपरेशन के बाद और भी शिथिल।डॉक्टर ने आला लगाते हुए पूंछा, इन्हें अब क्या परेशानी है?जी…कुछ खाते ही दिन में कई […]

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गुप्त-गृहलक्ष्मी की कहानियां

Motivational Story: बड़े घर का होना आखिर क्या होता है,क्या बड़ा घर मात्र पैसों की प्रचुरता से बड़ा होता है या सँस्कार की निधि से मैंने अपने स्वर में बहुत संयत रखकर उत्तर दिया था।जब मेरी पत्नी सुरभि ने अपनी माँ के टेस्ट और स्टेट्स के लिये मेरे साथ यह घटिया चाल चली थी,इसकी शुरुआत […]

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हेलो कजिन—गृहलक्ष्मी की कहानियां

Hindi Kahani: हेलो, कौन बोल रहा है,” ये तो सुबोध का पर्सनल नम्बर है रागिनी ने कहा?  “मैम ,सर  मीटिंग में हैं,आप   कौन बोल रहीं हैं,”असिस्टेंट ने बदले में सवाल कर दिया?मैं उसकी बड़ी बहन रागिनी मिश्रा बात कर रही हूँ, नेहरूनगर ब्रान्च से ,मुझे अपने ट्रान्सफर के बारे में बात करनी थी,उसने अधिकार […]

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