Hindi Motivational Story: जया सुबह- सुबह ससुर रामचरन जी को किचन में देखकर बोली -बाबू जी मुझे अभी टिफिन बनाना है, आप बाद में गरम पानी करना। वे बोले अच्छा बेटा तू अपने बाथरूम से ही गरम पानी लाकर दे दे। तब जया बोली- बाबू जी अभी बच्चों और आपके बेटे को गरम पानी चाहिए […]
Author Archives: अमिता कुचया
मैं और मेरी रामायण मंडली-हाय मैं शरम से लाल हुई
Hindi Funny Story: एक बार की बात है मेरे पति ने कहा – देखो महिला मंडली रामायण करने आज साढ़े चार बजे पहुंच जाएगी, तुम तैयारी करके तैयार रहना। पूरे दिन घर के कामों और पूजा का प्रसाद के कारण व्यस्त रही। अब क्या साढ़े चार बज चुके थे। पूजा का थाल ,आरती थाली तैयारी […]
एक शिक्षिका ऐसी भी—गृहलक्ष्मी की कहानियां
Hindi Kahani: शीतल शहर से गांव के स्कूल के लिए बस से आती और गांव के मेन रोड से अंदर सरकारी शाला में ढाई किलो मीटर तक चलकर पहुंचती, जैसे ही स्कूल लगता तो तब बच्चे उसे कक्षा में आते देख कहते देखो – देखो शीतल मेडम आ रही है, सब बस्ता खोलकर बैठ जाते। […]
मेरे पापा एक हत्यारे हैं-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Hindi Social Story: सुबह से मुआयना हो रहा था। छान बीन की जा रही थी कि इतने बड़े आलीशान बंगला में अपनी बेटी के गायब होने की रिपोर्ट डॉक्टर शरमन ने लिखवाई,सर मेरी बेटी काव्या कल से नहीं आई। सभी तरह से छानबीन में जुटी पुलिस तहकीकात करने में लगी थी। उनसे पूछा गया कि […]
मायके में मीन मेख क्यों—गृहलक्ष्मी की कहानियां
Hindi Motivational Story: देवीना शाम को मायके आती है, वह खाना खाकर, रात में मां से बात करने बैठ कर रह जाती है, उसे बात करते -करते देर हो जाती है, और उसकी भाभी भी काम निपटा कर अपने कमरे में सोने चली जाती , तब वह कहती है- माँ आज मैं यही सोऊंगी। तब […]
घर वापसी—गृहलक्ष्मी की कहानियां
Hindi Social Story: आज सुनंदा जी बडी़ ही खुश थी कि उनका बड़ा बेटा लेने आ रहा था। वह अपनी पैकिंग ऐसे कर रही थी जैसे हमेशा के लिए जा रही हो, हमेशा वही रहना हो , हो भी क्यों न खुश ….आखिर बड़ा बेटा कितने समय से बुला रहा था। कि आप हमारे साथ […]
एक औरत कठपुतली नहीं-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Motivational Story in Hindi: नताशा ने जैसे ही दरवाजा खोला उसकी आंखे आंसू से भीग गयी उसे लगा जमीन पर जाके गड़ जाऊं ,,पर क्या जीवन का अंत आसान है, वो दो बच्चों के बारे में सोचकर सह जाती है। हुआ यू कि नताशा के पति को पीने की आदत हो गई है। अब ये […]
संयुक्त परिवार की अहमयित-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Hindi Motivational Story: सुबह के दस बजे चुके थे, तभी वहां नेहा कपडों का ढेर लगाकर रखती है। उसी समय संध्या भी गंदे कपड़े की गड्डी लेकर आ जाती है, अरे नेहा तूने कपडों का ढेर क्यों लगाकर रखा है? आज मुझे कपड़े मशीन में लगानेनेहा तू ढेर लगाए हुए हैं,ये बात क्षसंध्या अपनी देवरानी […]
अपशकुनी कैसी मेरी मां-गृहलक्ष्मी की लघु कहानी
Short Story in Hindi: आज रेखा बेटे की शादी की रस्में को चलते देख बहुत मायूस थी, तब उसके अंदर धुंधला सा याद था जब भी वह शुभ कार्य करती तो सब उसे दूर करते थे। इसी कारण सभी रस्में रेखा की ननद ,जेठानी, और चाची सास कर रही थी। तभी उसका बेटा अजय बोला […]
कल आज और कल-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Motivational Story in Hindi: रिया सुबह हो गयी, और उठ गयी…अरे कोई सामान से टक न जाना , इतना ही शुभी की सास ने बोला ही था कि तभी शुभी चौंकते हुए बोली- मम्मी जी आप ऐसा क्यों बोल रही हो ? तब रीना जी कहती – समय देख रही हो ,आठ बजे गये हैं, […]
