Hindi Motivational Story: आज तीन बजे दिशा खाना खा पाई थी, अब उसका समय ज्यादा अहाना के हिसाब से चल रहा था। जब वो खेले, या सोए तब उसका काम होता था।वह किचन समेट कर सोने ही गयी थी तो आज उसे गहरी नींद लग गयी, अहाना उसकी तीन महीने की बेटी है, इधर जब […]
Author Archives: अमिता कुचया
उपहार की कीमत-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Hindi Kahani: रीमा और सीमा भाई के जन्मदिन पर आती है, सीमा अपनी भाभी चेतना को गोल्ड की चैन दिखाते हुए कहती- ” भाभी देखो मैं भैया के लिए गोल्ड की चैन लाई हूं, देखो भाभी भैया को ये डिजाइन अच्छी लगेगी? ” तब उसकी भाभी चेतना कहती – अरे वाह इतनी मंहगी चैन !! […]
मैं बहू हूं मां जी काम वाली नहीं-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Hindi Motivational Story: रागिनी जब भी ससुराल जाती तो उसकी सास का व्यवहार ऐसा होता जैसे वो काम वाली हो, वह सुमित को बोलती ,पर एक बेटे की आंख में मां के प्यार की पट्टी बंधी होती तो वह उसकी कोई बात नहीं सुनता… लेकिन वह सोचती कि कब तक आत्मसम्मान के साथ समझौता करु… […]
धत्त तेरी की-गृहलक्ष्मी की लघु कहानी
Short Story: देवकीजी के यहां किटी में एक किटी मेंबर नलिनी जी ने समोसा खाते -खाते पूंछ ही लिया, अरे देवकी जी समोसे घर में बने हैं? वाह मजा आ गया….क्या नेहा ने बनाए? तब देवकी जी कहती- अरे नेहा …नेहा कहां….उससे समोसे बनवाना कोई हंसी खेल है क्या…इस तरह सुनकर भी.. वो कुछ नहीं कहती किटी […]
