Hindi Motivational Story: ” सुबह का समय था , सूरज की लालिमा ने अपने दर्शन देना शुरू कर दिया था। पक्षियों ने भोजन की तलाश में अपनी उड़ान भरना शुरू कर दिया था। पूरे शहर में अब धीरे – धीरे जिंदगी की भागदौड़ शुरू हो चुकी थी सब कुछ अपनी दैनिक दिनचर्या के अनुसार चल […]
Author Archives: अनुराग उपाध्याय
ईश्वर का चमत्कार-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Hindi Social Story: ” साहब आपकी कॉफी टेबल पर रखी है और दोपहर का भोजन बनाकर रसोईघर में रख दिया है आप अपने समय पर याद से खाकर बर्तन खाने की टेबल पर रख देना हम शाम को आकर साफ कर देंगे , ठीक है और आप ध्यान से अपनी दवाएं जरूर ले लेना और […]
”आत्मबल की ज्योति”-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Motivation Story in Hindi: ” शीतल हवाओं का आना और जाना लगा हुआ था समय का हाथ पकड़कर चांदनी रात आगे बढ़ रही थी कुछ ख्यालों ने अपनी चहल – पहल शुरू करके वातावरण में सभी का ध्यान अपनी तरफ आकर्षित करना शुरू कर दिया था। अभिषेक अपने कमरे की बालकनी में खड़े होकर आसमान […]
” आत्मसम्मान का अस्तित्व “-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Hindi Kahani: ” चिड़ियों की चहचहाहट की मधुर ध्वनि सुनाई देने लगी थी वातावरण में गर्मी की तपिश को बारिश की ठंडी बूंदों ने हटाना शुरू कर दिया था यह समय ऋतु परिवर्तन का था कुछ ऐसा ही परिवर्तन आदित्य के जीवन में भी आने वाला था जिसका इंतजार उसे पिछले तीन वर्षों से था […]
” रिश्तों की पहली सीढ़ी “-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Hindi Motivational Story: ” पहाड़ों की सुंदरता और वादियों की खूबसूरती प्रत्येक मन को आकर्षित करती है इतनी ख़ामोशी और स्वयं के साथ मिलना सचमुच एक सुखद अनुभव है कहते हैं कि अगर किसी व्यक्ति को अपने अंदर की कला को बाहर लाना है तो उसे पहाड़ों और वादियों में आना चाहिए यहां आकर प्रत्येक […]
अधूरी मोहब्बत-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Hindi Love Stories: ” रात का भोजन बन चुका है तो उसे खाने की मेज़ पर रख दीजिए आज हम दोनों साथ में रात का भोजन करेंगे बहुत दिनों से हम दोनों बहुत व्यस्त रहे हैं हमारी ज्यादा बातें भी नहीं हुई हैं शायद आज बातें लंबी चलें आप समय पर अपने घर चले जाना […]
उम्मीद का दीपक—गृहलक्ष्मी की कहानियां
Hindi Kahani: ” अरे अभिनव जी मैं बाहर जा रही हूं , आप घर का ध्यान रखना मुझे वापिस आने में थोड़ा समय लग सकता है आप चिंता नहीं करना और कोई आता है तो उससे बोल देना कल आना मुझसे मिलने मैं आज थोड़ा व्यस्त हूं इसलिए बाहर गई हूं आप सुन रहे हैं […]
रिश्तों की पहली सीढी-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Social Story in Hindi: ” पहाड़ों की सुंदरता और वादियों की खूबसूरती प्रत्येक मन को आकर्षित करती है इतनी ख़ामोशी और स्वयं के साथ मिलना सचमुच एक सुखद अनुभव है कहते हैं कि अगर किसी व्यक्ति को अपने अंदर की कला को बाहर लाना है तो उसे पहाड़ों और वादियों में आना चाहिए यहां आकर […]
रिश्तों की डोरी -गृहलक्ष्मी की कहानियां
Motivational Story: ” हमारा यह जीवन अमूल्य होता है यह ईश्वर का वरदान है इसलिए हमें अपने जीवन का ध्यान रखना चाहिए और हमें यह याद रखना चाहिए कि हमें इसका सही उपयोग करना है सकारात्मिक विचार , सत्य , कर्तव्यनिष्ठा , अच्छाईयों को बढ़ावा देना आदि विचारों का हमें ध्यान रखना चाहिए और अपने […]
” कर्मों की विरासत “-गृहलक्ष्मी की कहानियां
Hindi Kahnai: “घर के बाहर बने हुए बगीचे में झूले पर बैठकर पेड़ – पौधों को निहारते हुए श्री राजीव अग्रवाल जी स्वयं से किसी गहरे विषय पर परिचर्चा करने में इतने व्यस्त हो चुके थे कि उनको आसपास के वातावरण में हो रही किसी भी घटना का कोई भी ध्यान नहीं था। श्री राजीव […]
