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एक छत के नीचे-गृहलक्ष्मी की कहानियां

Grehlakshmi Story in Hindi: अरे भई सुबह के साढ़े सात बज चुके हैं,अभी तक ब्रेकफास्ट नहीं बना क्या ? मुझे ऑफिस भी जाना है ऑफिस के लिए मुझे लेट हो रहा है , दिव्यांशी तुम सुन भी रही हो क्या ? पता नहीं कहां खोई रहती हो। सारा दिन घर में ही तो रहती हो […]

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कर्तव्य का पालन करना-गृहलक्ष्मी की कहानियां

Kartavya ka Palan: डॉक्टर- डॉक्टर – डॉक्टर कहां हैं डॉक्टर, सिस्टर- सिस्टर  हॉस्पिटल के कॉरिडोर में  स्ट्रेचर पर लेटे अपने पति सतीश के सिर पर अपनी साड़ी के पल्लू के टुकड़े को बांधे अपनी आखों से बह रहे आंसुओं की परवाह ना करते हुए पागलों की तरह कीर्ति हॉस्पिटल में  डॉक्टर को ढूंढ रही थी।  […]

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करिश्मा की आजादी-गृहलक्ष्मी की कहानियां

Girl Freedom Story: ट्रिंग ट्रिंग ट्रिंग, ट्रिंग ट्रिंग ट्रिंग घर के टेलीफोन पर लगातार बज रही घंटियों की आवाज सोफे पर बैठकर अपने दफ़्तर का काम कर रही करिश्मा नजर अंदाज कर रही थी, रसोई घर में खाना बना रही मां  करिश्मा से कहती हैं – बेटा करिश्मा फोन पर देख ले कौन है ? […]

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समझदारी भरी बातें- गृहलक्ष्मी की कहानियां

Samajhdari: मैने सही किया , मैने गलत किया, क्या मुझे यह करना चाहिए था,? क्या मुझसे कोई गलती तो नहीं हो गई ? इन सभी सवालों की उथल – पुथल प्रियंका के मन में चल रही थी। तभी रेलगाड़ी स्टेशन पर एक धीमे झटके के साथ रुकती है। चाय – चाय, गर्मा – गर्म समोसे, […]

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अनामिका “एक अधूरी मोहब्बत”-लव स्टोरी

Adhuri Mohabbat Story: तभी टन – टन – टन की आवाज आती है सभी लोग एक – दूसरे की तरफ हंसते हुए देखते हुए कहते हैं चलो आ गई, हां चलो आ गई। सिटी बस बस स्टॉप पर आकर रूक जाती है ,सभी बस स्टॉप पर खड़े लोग बस में बैठने लगते हैं, कुछ ही […]

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